ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब में लगातार लग रहे लंबे बिजली कट, बढ़ते बिजली बिल, महंगाई और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जालंधर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पूर्व विधायक राजिंदर बेरी की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली घर के बाहर प्रदर्शन किया और सरकार का पुतला फूंका। वहीं, जालंधर नॉर्थ से विधायक बावा हैनरी के नेतृत्व में प्रताप बाग में धरना दिया गया। दोनों नेताओं ने पंजाब सरकार की नीतियों और बिजली व्यवस्था को लेकर तीखे सवाल उठाए।
7 से 10 घंटे के बिजली कट का आरोप
राजिंदर बेरी और बावा हैनरी ने आरोप लगाया कि पिछले करीब तीन महीनों से पंजाब में रोजाना 7 से 10 घंटे तक अघोषित बिजली कट लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली बंद होने से उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, बिजली कट के कारण उद्योगों में तैयार हो रहा कच्चा माल खराब हो रहा है, जिससे कारोबारियों को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने सरकार से बिजली कटौती का शेड्यूल पहले से जारी करने की मांग की।
बिजली संकट से GDP और रोजगार पर असर का दावा
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार पर बिजली संकट को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के पास राज्य में उपलब्ध कोयले के स्टॉक और भविष्य में बिजली खरीदने की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट योजना क्यों नहीं है। अगर बिजली संकट लंबे समय तक जारी रहा तो इसका असर पंजाब की अर्थव्यवस्था, GDP और टैक्स कलेक्शन पर पड़ सकता है। उद्योगों में काम प्रभावित होने से मजदूरों के रोजगार पर भी संकट पैदा होने का दावा किया गया।
‘फ्री बिजली’ के दावे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने सरकार के मुफ्त बिजली के दावों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती थी, उन्हें अब कई महीनों के एक साथ 12 से 16 हजार रुपये तक के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं।
कांग्रेस ने सरकार से बिजली बिलों में कथित गड़बड़ियों को दूर करने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।
महंगाई और कानून-व्यवस्था को लेकर भी हमला
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बढ़ती महंगाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि सरसों का तेल 110 रुपये से बढ़कर 200 रुपये से ऊपर पहुंच गया है, जबकि चीनी के दाम भी 45 रुपये से बढ़कर करीब 65 रुपये हो गए हैं। दूध के दामों में भी बढ़ोतरी का दावा किया गया।
इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि व्यापारियों को धमकियां मिल रही हैं और राज्य में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है।
‘बिजली जाना तो दूर, झपकी भी नहीं मारेगी’ बयान पर तंज
कांग्रेस नेताओं ने सरकार के उस पुराने दावे पर भी निशाना साधा, जिसमें बिजली व्यवस्था को लेकर कहा गया था कि बिजली जाना तो दूर, अब झपकी भी नहीं मारेगी। नेताओं ने कहा कि मौजूदा हालात इसके बिल्कुल उलट हैं। किसान कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के घर के बाहर और PSPCL कार्यालयों के सामने धरना दे रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब में लंबे समय बाद लोगों को फिर से कई-कई घंटे के बिजली कट और मोमबत्ती के दौर का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस की मांग- कट लगाना है तो पहले बताएं समय
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि अगर किसी कारण से बिजली की आपूर्ति पूरी तरह बहाल रखना संभव नहीं है तो कम से कम बिजली कटौती का समय पहले से तय किया जाए और लोगों को एक-दो दिन पहले इसकी जानकारी दी जाए। इससे व्यापारी और उद्योगपति बिजली कट के दौरान अपने वैकल्पिक इंतजाम कर सकेंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर बिजली संकट और अन्य जनसमस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।









