“मेरे बेटे की जान क्यों ली?” लुधियाना एनकाउंटर में मारे गए करणजोत की मां ने पुलिस पर लगाया फर्जी एनकाउंटर का आरोप

लुधियाना में पुलिस एनकाउंटर के दौरान अमृतसर निवासी युवक करणजोत सिंह उर्फ करण की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। युवक की मौत को लेकर उसकी मां जसवंत कौर ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

ख़बरिस्तान नेटवर्क : लुधियाना में पुलिस एनकाउंटर के दौरान अमृतसर निवासी युवक करणजोत सिंह उर्फ करण की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। युवक की मौत को लेकर उसकी मां जसवंत कौर ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

मां बोली- गलती की थी तो पूछताछ करते, जान क्यों ली?
रोते हुए जसवंत कौर ने कहा कि अगर उनके बेटे से कोई गलती हुई थी या वह किसी अपराध में शामिल था तो पुलिस उसे गिरफ्तार कर पूछताछ कर सकती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर करणजोत पुलिस से भाग रहा था तो उसकी टांग पर गोली मारकर उसे पकड़ा जा सकता था। पुलिस ने सीधे उनके बेटे की जान क्यों ली, इसका जवाब परिवार को मिलना चाहिए। हालांकि, ये सभी आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं और मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।

पिता के साथ कारपेंटर का काम करता था करणजोत
परिवार के मुताबिक करीब 25-26 साल का करणजोत 12वीं तक पढ़ा था और उसने IELTS भी की थी। वह अपने पिता के साथ कारपेंटर का काम करता था। दोनों ठेकेदारों के साथ अलग-अलग निर्माण स्थलों पर जाकर लकड़ी का काम करते थे। काम के सिलसिले में करणजोत कई बार एक हफ्ते से 10 दिन तक घर से बाहर रहता था। परिवार का कहना है कि घटना से करीब दो दिन पहले ही वह काम के लिए घर से निकला था।

मौत से कुछ घंटे पहले मां से हुई थी फोन पर बात
जसवंत कौर के मुताबिक, घटना से कुछ घंटे पहले ही उनकी अपने बेटे से फोन पर बातचीत हुई थी। दोपहर करीब 11 बजे करणजोत ने फोन पर बताया था कि वह ठीक है और जल्द ही घर लौट आएगा। लेकिन उसी दिन शाम करीब 5 बजे परिवार को बाहर से फोन आया और करणजोत को पुलिस की गोली मारे जाने की जानकारी मिली। बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।

नए युवक के संपर्क में आने के बाद बढ़ा शक
परिवार ने बताया कि करणजोत की संगत सामान्य थी, लेकिन हाल ही में वह एक नए युवक के संपर्क में आया था। परिवार उस युवक को नहीं जानता। परिजनों को आशंका है कि उसके संपर्क में आने के बाद करणजोत किसी विवाद या आपराधिक मामले में फंस गया हो सकता है। हालांकि, परिवार ने इस संबंध में किसी तरह का ठोस आरोप नहीं लगाया है और पूरे मामले की जांच की मांग की है।

परिवार के सामने भावनात्मक के साथ रोजी-रोटी का संकट
परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है। घर का खर्च करणजोत और उसके पिता की दिहाड़ी तथा कारपेंटर के काम से चलता था। परिजनों का कहना है कि उनके पास कोई बड़ी जमा पूंजी या अन्य आर्थिक सहारा नहीं है। करणजोत की मौत के बाद परिवार को भावनात्मक सदमे के साथ आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ रहा है।

परिवार ने सरकार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस की कार्रवाई सही थी तो इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए और अगर कार्रवाई में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *