ख़बरिस्तान नेटवर्क : दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने वीरवार को आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े एक कथित भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली है। यह पूरा मामला उस समय का है जब सत्येंद्र जैन दिल्ली सरकार में जल मंत्री के पद पर तैनात थे। स्पेशल कोर्ट ने उन्हें 2 लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर बेल दी है। गौरतलब है कि इस मामले में उन्हें 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।
यूरोटेक कंपनी को टेंडर देने में गड़बड़ी का आरोप
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की ओर से दर्ज यह मामला मैसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए एक टेंडर से संबंधित है। यह टेंडर दिल्ली जल बोर्ड के अंतर्गत आने वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) की क्षमता में सुधार और उन्हें अपग्रेड करने के लिए जारी किया गया था। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार करते हुए टेंडर की शर्तों में जानबूझकर फेरबदल की गई थी।
लागत बढ़ाने और शर्तों में हेरफेर का दावा
ACB के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया की शर्तों को जानबूझकर तकनीक-केंद्रित बनाया गया था ताकि इसका सीधा फायदा यूरोटेक एनवायरनमेंटल कंपनी को पहुंचाया जा सके। जांच में यह भी दावा किया गया कि तत्कालीन जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने बिना किसी तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन (टेक्निकल फीजिबिलिटी स्टडी) के रोहिणी स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता को 15 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) से बढ़ाकर सीधे 30 MGD कर दिया, जिससे परियोजना की लागत में करीब 123 करोड़ रुपये का भारी इजाफा हो गया।








