नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के एक हफ्ते बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। अब तक 1127 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4800 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। इनमें करीब 500 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
बाढ़ प्रभावित कई इलाकों में कीचड़ और मलबा जमा होने के कारण रेस्क्यू टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राहतकर्मी नदियों और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।
चीनी नागरिक भी लापता
नेपाल में सड़क और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे कई चीनी नागरिक भी बाढ़ के बाद से लापता हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, करीब 100 चीनी नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है।
DNA जांच से होगी शवों की पहचान
कई अज्ञात शवों की हालत खराब होने के कारण उनकी पहचान मुश्किल हो गई है। शवों को जलाने की बजाय दफनाया जा रहा है, ताकि उनके अवशेष सुरक्षित रहें और DNA जांच के जरिए परिजनों की पहचान की जा सके।
भारत ने भेजी पांचवीं राहत उड़ान
भारत ने नेपाल के लिए पांचवीं राहत उड़ान भेजी है। इसमें 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम, बचाव उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां भेजी गई हैं। इससे पहले भारत चार उड़ानों के जरिए करीब 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है।
सोनू सूद भी पहुंचे काठमांडू
अभिनेता सोनू सूद भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए काठमांडू पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों और बच्चों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित की।
यूपी में मिले नेपाल के 5 शव
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गंडक नदी से मिले नेपाल के 5 नागरिकों के शव मंगलवार को सोनौली सीमा पर नेपाल पुलिस को सौंपे गए। इनमें 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं।









