केजरीवाल-CM भगवंत मान पहुंचे श्री श्री रविशंकर के आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना दिवस पर गुरु का लिया आशीर्वाद

मानवता की सेवा, अध्यात्म और जन-कल्याण के क्षेत्र में कार्य कर रहे 'आर्ट ऑफ लिविंग' संस्थान की स्थापना के 45 वर्ष पूरे होने के पावन अवसर पर बेंगलुरु स्थित अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया।

ख़बरिस्तान नेटवर्क : मानवता की सेवा, अध्यात्म और जन-कल्याण के क्षेत्र में कार्य कर रहे ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ संस्थान की स्थापना के 45 वर्ष पूरे होने के पावन अवसर पर बेंगलुरु स्थित अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शिरकत की। तीनों नेताओं ने आश्रम में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया और गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के साथ मंच साझा करते हुए उनके साथ अपने वर्षों पुराने आध्यात्मिक अनुभवों को संगत के सामने रखा।

मानवता की राह और युवाओं को सही दिशा देने की आवश्यकता
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुदेव की पंजाब यात्रा और नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के आयोजनों को याद करते हुए कहा कि श्री श्री रविशंकर का संदेश किसी एक धर्म या वर्ग तक सीमित न होकर संपूर्ण मानवता को जोड़ने वाला है। उन्होंने आज के दौर में “जियो और जीने दो” के सिद्धांत की प्रासंगिकता पर बल दिया। भारत के युवाओं में अपार ऊर्जा और क्षमता है, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और मंच की आवश्यकता है। उन्होंने बोइंग विमान का उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस प्रकार एक विशाल विमान सही दिशा और रनवे के बिना उड़ान नहीं भर सकता, उसी प्रकार यदि युवाओं को गुरुदेव जैसा सही मार्गदर्शक मिल जाए तो उनके लिए सफलता का दायरा असीम हो जाता है।

दो दशकों का अटूट विश्वास और सुदर्शन क्रिया का अनुभव
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने संस्थान और गुरुदेव के साथ अपने दो दशकों से अधिक पुराने संबंध को याद करते हुए कहा कि बेंगलुरु आश्रम की उनकी हर यात्रा ने उन्हें नई ऊर्जा और मानसिक शांति प्रदान की है। गुरुदेव से मिलने वाला प्रेम और मार्गदर्शन निस्वार्थ है। केजरीवाल ने साझा किया कि हाल ही में उन्होंने औपचारिक रूप से ‘सुदर्शन क्रिया’ सीखी है, जिसने उनके जीवन को एक नया आध्यात्मिक आयाम दिया है। उन्होंने अपने स्वास्थ्य और जीवन शैली में आए सकारात्मक बदलावों के लिए संस्थान की ध्यान और ऑस्टियोपैथी तकनीकों का आभार व्यक्त किया।

कारावास के कठिन दिनों में ध्यान और साहित्य बना संबल
वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने वर्ष 2008 से गुरुदेव से मिल रहे सहयोग और आशीर्वाद के प्रति गहरी कृतज्ञता जताई। उन्होंने अपने जेल प्रवास के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कठिन समय में आर्ट ऑफ लिविंग की सुदर्शन क्रिया और गुरुदेव की लिखी पुस्तकों (‘मौन की गूँज’, ‘अष्टावक्र गीता’ और ‘केन उपनिषद’) ने उन्हें मानसिक रूप से अत्यंत मजबूत और स्थिर बनाए रखा। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में ध्यान के महत्त्व को गहराई से समझाया। इसी प्रेरणा से दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ‘हैप्पीनेस करिकुलम’ की शुरुआत हुई थी और अब पंजाब में भी बच्चों को ध्यान से जोड़ने के प्रयास शुरू किए गए हैं।

वैश्विक मंच पर 45 वर्षों का गौरवशाली सफर
वर्ष 1981 में गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर द्वारा स्थापित आर्ट ऑफ लिविंग संस्थान आज विश्व के 182 से अधिक देशों में मानवता की सेवा, योग, ध्यान, कारागार सुधार, आपदा राहत और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रहा है। बेंगलुरु में आयोजित इस 45वीं वर्षगांठ के समारोह में दुनियाभर से आए हजारों साधकों ने भाग लिया और एक तनावमुक्त, हिंसा-मुक्त तथा करुणामय समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया।

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