पंजाब में आज सरकारी दफ्तर, अस्पतालों और डिस्पेंसरियों की ओपीडी के साथ-साथ शिक्षण संस्थान भी बंद रहेंगे। सरकारी कर्मचारियों ने अपने विभाग प्रमुखों से सामूहिक छुट्टी ली है और पूरे दिन हड़ताल पर रहने का ऐलान किया है।
करीब 3 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारी और 4 लाख से अधिक पेंशनभोगी इस आंदोलन में शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि सरकारी बसों के ड्राइवर और कंडक्टर हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। वित्त मंत्री के साथ बैठक के बाद उन्होंने रक्षाबंधन को देखते हुए हड़ताल से अलग रहने का फैसला किया है।
अधिकारियों के ड्राइवर भी हड़ताल पर
पंजाब में अधिकारियों की गाड़ियां चलाने वाले ड्राइवर भी हड़ताल में शामिल हैं। ऐसे में कई अधिकारियों को दफ्तर पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
सांझा मुलाजिम मंच पंजाब के संयोजक हरनेक सिंह ने कहा कि आज कोई चक्का जाम नहीं होगा। बाजार, दुकानें और निजी संस्थान सामान्य रूप से खुले रहेंगे। सरकारी कर्मचारी सिर्फ सरकारी कामकाज से दूर रहेंगे।
SIR और खजाना दफ्तर का काम भी प्रभावित
कर्मचारी नेताओं के मुताबिक SIR ड्यूटी में तैनात कर्मचारी भी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके अलावा खजाना दफ्तर के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहेंगे। यूनियन ने अधिकारियों से कर्मचारियों पर ऑनलाइन काम करने का दबाव नहीं बनाने की अपील की है।
कर्मचारियों ने लोगों से भी अपील की है कि वे आज सरकारी दफ्तरों में अपने काम के लिए न आएं, क्योंकि वहां कर्मचारी उपलब्ध नहीं होंगे।
जिला स्तर पर सरकार के पुतले फूंकेंगे कर्मचारी
पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के मुख्य सलाहकार सुनील कुमार के मुताबिक, कर्मचारी आज जिला स्तर पर पंजाब सरकार के पुतले फूंकेंगे। इसके जरिए सरकार को अपनी नाराजगी का संदेश दिया जाएगा।
CM मान के साथ दोपहर 1 बजे बैठक
महाहड़ताल के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कर्मचारी संगठनों की आज दोपहर 1 बजे जालंधर में बैठक होगी। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक होने के बावजूद हड़ताल जारी रहेगी।
कर्मचारियों का कहना है कि डीए का मामला वे कोर्ट में जीत चुके हैं और डीए का भुगतान सरकार से लेकर रहेंगे। बाकी मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए ही महाहड़ताल की जा रही है।
200 से 250 से ज्यादा संगठन शामिल
हरनेक सिंह के मुताबिक, आंदोलन को कई कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला है। करीब 200 से 250 से ज्यादा छोटे-बड़े कर्मचारी संगठन और यूनियनें संयुक्त मंच के तहत आंदोलन में शामिल हैं।









