जालंधर निगम हाउस में जमकर हंगामा, 50 चौराहों पर बदलेंगे ट्रैफिक सिस्टम

जालंधर रेडक्रॉस भवन में मंगलवार को नगर निगम हाउस की मीटिंग के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मीटिंग शुरू होते ही विपक्षी पार्षदों ने खड़े होकर विरोध करना शुरू कर दिया। मेयर विनीत धीर और अन्य पार्षदों ने विपक्ष से शांत होकर एजेंडे पर चर्चा करने की अपील की, लेकिन कांग्रेस पार्षदों समेत विपक्षी पार्षदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस कर्मियों को मौके पर बुलाया गया।

ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर रेडक्रॉस भवन में मंगलवार को नगर निगम हाउस की मीटिंग के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मीटिंग शुरू होते ही विपक्षी पार्षदों ने खड़े होकर विरोध करना शुरू कर दिया। मेयर विनीत धीर और अन्य पार्षदों ने विपक्ष से शांत होकर एजेंडे पर चर्चा करने की अपील की, लेकिन कांग्रेस पार्षदों समेत विपक्षी पार्षदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस कर्मियों को मौके पर बुलाया गया।

मेयर की अपील के बावजूद जारी रही नारेबाजी
मीटिंग के दौरान मेयर विनीत धीर लगातार पार्षदों से अपनी-अपनी सीटों पर बैठने और एजेंडे पर चर्चा करने की अपील करते नजर आए। हालांकि विपक्षी पार्षदों का विरोध जारी रहा। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत करवाया।
मीटिंग में हंगामे के बीच शहर के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इनमें 50 प्रमुख चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम स्थापित करने का प्रस्ताव खास रहा।

50 चौराहों पर लगेगा स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम
नगर निगम के एजेंडे के अनुसार शहर के 50 चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए पहले 9.98 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया गया था, जिसे तकनीकी जांच के बाद घटाकर 9.51 करोड़ रुपये मंजूर किया गया है। प्रोजेक्ट के तहत सभी चौराहों को 4जी, 5जी और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

शहर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से ट्रैफिक की निगरानी की जाएगी। इसमें जेब्रा क्रॉसिंग, स्टॉप लाइन, सोलर ब्लिंकर और पावर बैकअप जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। इसके अलावा सिस्टम के दो साल के संचालन और रखरखाव का प्रावधान भी किया गया है।

बस्ती पीर दाद में बनेगा 20 MLD का नया STP
बैठक में बस्ती पीर दाद क्षेत्र में 20 एमएलडी क्षमता का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और 45 एमएलडी क्षमता का मेन पंपिंग स्टेशन बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। नगर निगम के मुताबिक, इस क्षेत्र में पहले से चल रहे 50 एमएलडी और 15 एमएलडी क्षमता के प्लांट पर सीवेज का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में अतिरिक्त सीवेज को वैज्ञानिक तरीके से ट्रीट करने के लिए नया प्रोजेक्ट जरूरी है।

अमृत 2.0 योजना के तहत इस प्रोजेक्ट की लागत 32.79 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। इसके अलावा पांच साल के संचालन और रखरखाव पर 2.35 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के तहत करीब 70 मीटर ग्रेविटी सीवर, 280 मीटर पंपिंग मेन और काला संघियां ड्रेन की ट्रेंचलेस क्रॉसिंग भी की जाएगी। प्रोजेक्ट की पूंजीगत लागत में केंद्र सरकार 33 प्रतिशत और पंजाब सरकार 67 प्रतिशत हिस्सेदारी देगी।

संयुक्त कमिश्नरों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव
नगर निगम में संयुक्त कमिश्नर के पद दो से बढ़ाकर चार करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। इसके अलावा नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र में सीवर और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 22 अलग-अलग कार्यों का प्रस्ताव रखा गया है।

स्ट्रीट वेंडर्स का होगा डिजिटल सर्वे
शहर में फेरी लगाने वाले और स्ट्रीट वेंडर्स को लेकर भी निगम हाउस में प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत शहर के स्ट्रीट वेंडर्स का डिजिटल सर्वे कराया जाएगा और उन्हें यूनिक आइडेंटिफिकेशन QR कोड नंबर प्लेट जारी की जाएगी। इसका उद्देश्य शहर में स्ट्रीट वेंडर्स का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और उनकी पहचान को व्यवस्थित करना है।

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