पटियाला में किराए का घर देखने पहुंचे एक दंपति पर पिटबुल ने हमला कर दिया। इस हमले में दोनों घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।
घटना के बाद पिटबुल और रॉटविलर जैसी ताकतवर नस्लों को पालने के नियमों को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।
क्या पूरे देश में पिटबुल बैन है?
फिलहाल भारत में पिटबुल पर कोई एक समान राष्ट्रीय प्रतिबंध लागू नहीं है। अलग-अलग राज्य और नगर निकाय अपने स्तर पर इन नस्लों को लेकर नियम और प्रतिबंध लागू करते हैं।
2024 में केंद्र सरकार ने पिटबुल समेत कई खतरनाक मानी जाने वाली नस्लों की बिक्री, प्रजनन और रखने पर रोक लगाने की कोशिश की थी। लेकिन इस फैसले को अदालत में चुनौती दी गई और मामला कानूनी पेंच में फंस गया।
क्यों हो रही है बैन की मांग?
पिटबुल जैसे ताकतवर कुत्तों के हमलों की घटनाएं सामने आने के बाद इनके पालन को लेकर सख्त नियमों की मांग होती रही है। हालांकि विशेषज्ञों और पशु कल्याण संगठनों का कहना है कि सिर्फ नस्ल को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। कुत्ते की ट्रेनिंग, व्यवहार और मालिक की जिम्मेदारी भी अहम है।
यानी पटियाला की घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि पिटबुल जैसी ताकतवर नस्लों को पालने और सार्वजनिक जगहों पर ले जाने के लिए नियम कितने सख्त होने चाहिए।
कहां-कहां पिटबुल पर रोक?
चंडीगढ़: American Pitbull, Pitbull Terrier, Bull Terrier, Rottweiler, Cane Corso और Dogo Argentino समेत 6 आक्रामक नस्लों पर रोक है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
पंचकूला: नगर निगम ने Pitbull और Rottweiler रखने पर रोक लगाई है।
गाजियाबाद: Pitbull, Rottweiler और Dogo Argentino के नए रजिस्ट्रेशन पर रोक है। नियमों के उल्लंघन पर ₹5,000 तक जुर्माना लगाया गया है।
कानपुर: Pitbull, American Bully और Rottweiler को लेकर प्रतिबंध संबंधी स्थानीय नियम बनाए गए हैं।
लखनऊ: नगर निगम ने कई विदेशी/आक्रामक नस्लों के लाइसेंस पर रोक लगाई है।
पंजाब में क्या स्थिति है?
पटियाला की घटना के बाद इस मुद्दे पर चर्चा जरूर तेज हुई है, लेकिन बता दे कि अभी पूरे पंजाब में पिटबुल पर एक समान राज्यव्यापी बैन होने की बात स्पष्ट नहीं है।









