1 सितंबर से चंडीगढ़ में किसान लगाएंगे पक्का मोर्चा, पुलिस ने शहर में प्रदर्शन की अनुमति से किया इनकार

Farmers to set up a permanent protest camp in Chandigarh starting September 1

पंजाब किसान मजदूर मोर्चा और विभिन्न किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर 1 सितंबर से चंडीगढ़ में पक्का मोर्चा लगाने का ऐलान किया है। किसान संगठनों ने प्रदर्शन के लिए चंडीगढ़ पुलिस और प्रशासन से अनुमति मांगी है। हालांकि, पुलिस ने किसानों को शहर के अंदर प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में किसान संगठनों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।

13 अगस्त को होगी अहम बैठक

किसान संगठनों की 13 अगस्त को चंडीगढ़ किसान भवन में बैठक होगी। इसमें किसान मजदूर मोर्चा सहित विभिन्न जत्थेबंदियों के नेता शामिल होंगे। बैठक में शंभू और खनौरी बॉर्डर पर हुए किसान आंदोलन की मांगों पर चर्चा की जाएगी और 1 सितंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारियों की समीक्षा होगी।

बैठक में अलग-अलग संगठनों की जिम्मेदारियां तय करने के साथ भविष्य में आंदोलन को लेकर नई रणनीति पर भी फैसला लिया जा सकता है।

मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग प्रमुख

किसान नेताओं के मुताबिक, आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को लंबित मुआवजा और सरकारी नौकरी देने का मुद्दा प्रमुख रहेगा। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों के टेंट हटाने और आंदोलन के दौरान की गई कार्रवाई का मुद्दा भी बैठक में उठाया जाएगा।

किसानों से चंडीगढ़ कूच की तैयारी करने की अपील

जिला प्रधान निर्मल सिंह माणूंके और जिला संरक्षक गुलजार सिंह घल कलां ने किसानों से 1 सितंबर को चंडीगढ़ कूच की तैयारी शुरू करने की अपील की है। उन्होंने किसानों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, राशन और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था पहले से करने को कहा है।किसान नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

शहर में प्रदर्शन की अनुमति नहीं

किसानों की ओर से प्रशासन से प्रदर्शन की अनुमति मांगी गई है, लेकिन पुलिस ने शहर के अंदर प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। किसानों के संभावित जमावड़े को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा सकती है और प्रमुख रास्तों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा सकता है।

पहले भी चंडीगढ़ में विभिन्न संगठनों के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो चुकी है। इसी को देखते हुए 1 सितंबर के किसान आंदोलन को लेकर प्रशासन अभी से सतर्क है।

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