ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। हलके की संगठनात्मक स्थिति को लेकर हुई एक अहम बैठक के बाद पार्टी के 11 में से 10 ब्लॉक प्रधानों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि पार्टी पदाधिकारियों ने यह कदम राजविंदर थियाड़ा के समर्थन और पार्टी नेतृत्व के एक फैसले के विरोध में उठाया है। इस सियासी घटनाक्रम से क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
राजविंदर थियाड़ा के समर्थन में एकजुट हुए पदाधिकारी
हाल ही में जालंधर कैंट हलके के सरपंचों, पार्षदों, ब्लॉक प्रधानों और अन्य संगठनात्मक पदाधिकारियों ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की। इस बैठक में राजविंदर थियाड़ा के पक्ष में एकजुटता दिखाते हुए नेतृत्व के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। दावा किया जा रहा है कि इस बैठक में हलके के 40 सरपंच, 7 पार्षद, 2 जिला परिषद सदस्य और कई ब्लॉक समिति सदस्य शामिल हुए, जिन्होंने संगठन से जुड़े मुद्दों पर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की।
बड़े पैमाने पर सामूहिक इस्तीफे
विरोध प्रदर्शन का सिलसिला सिर्फ ब्लॉक प्रधानों तक सीमित नहीं रहा। हलके के 11 में से 10 ब्लॉक प्रधानों के इस्तीफे के अलावा महिला विंग, यूथ विंग, ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ विंग और अन्य विंगों से जुड़े पदाधिकारियों ने भी सामूहिक रूप से अपने पद छोड़ दिए हैं। इन इस्तीफों को राजविंदर थियाड़ा के समर्थन में एक मजबूत संगठनात्मक लामबंदी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इन इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि और पार्टी हाईकमान की अंतिम प्रतिक्रिया का इंतजार है।
पार्टी हाईकमान को दो दिन का अल्टीमेटम
बैठक के दौरान मौजूद पार्षदों और नेताओं ने पार्टी हाईकमान से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही नेतृत्व को मामले में उचित कदम उठाने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।









