खबरिस्तान नेटवर्क : जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र में दीपक बाली को हलका इंचार्ज बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। हाल ही में जहां 10 ब्लॉक अध्यक्षों ने सामूहिक इस्तीफा दिया था, वहीं अब पूर्व हलका इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान थियाड़ा बेहद भावुक नजर आईं और फफक-फफक कर रो पड़ीं।
ऑडियो में थियाड़ा ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 14 सालों से दिन-रात पार्टी के लिए खून-पसीना बहाया है। उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा का हवाला देते हुए कहा कि इस दौरान वे अपनी कैंसर से लड़ रही बहन से मिलने अस्पताल नहीं जा पाईं। इतना ही नहीं, जब उनके पिता अस्पताल में भर्ती थे और बार-बार उन्हें याद कर रहे थे, तब भी वह पार्टी के कामों में व्यस्त होने के कारण उनसे मिलने नहीं जा सकीं और आखिरकार उनके पिता का निधन हो गया। थियाड़ा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस दीपक बाली को हलके का कोई व्यक्ति ठीक से जानता तक नहीं है, उसे अचानक इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई।
दिल्ली नेतृत्व और सर्वे पर खड़े किए सवाल
राजविंदर कौर थियाड़ा ने दिल्ली नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए तीखे सवाल किए। उन्होंने चुनौती दी कि पार्टी उस गांव और क्षेत्र का नाम सार्वजनिक करे जहां दीपक बाली के समर्थन में कोई तथाकथित सर्वे कराया गया था। थियाड़ा ने आरोप लगाया कि जो लोग सरकार बनने के बाद दल बदलकर पार्टी में शामिल हुए हैं, उन्हें मलाईदार पद दिए जा रहे हैं; जबकि साल 2012 से लगातार पार्टी की नींव मजबूत करने वाले पुराने और वफादार कार्यकर्ताओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न पर सख्त तेवर
लीक ऑडियो में थियाड़ा ने गंभीर आरोप लगाया कि दिल्ली से आए प्रतिनिधि उनके समर्थक सरपंचों और पार्टी वालंटियर्स को लगातार डरा-धमका रहे हैं। उन्हें विकास कार्यों की ग्रांट रोकने और फर्जी जांच बिठाने की धमकियां दी जा रही हैं। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए थियाड़ा ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ चट्टान की तरह खड़ी हैं और किसी भी कार्यकर्ता का उत्पीड़न सहन नहीं किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जालंधर कैंट समेत पूरे जिले की राजनीतिक हलकों में भूचाल आ गया है।









