ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब के रोपड़ जिले के लोअर पट्टी गांव के रहने वाले युवक गुरप्रीत सिंह को सऊदी अरब में नशा तस्करी के मामले में फांसी की सजा सुनाए जाने की जानकारी सामने आई है। बेटे को फांसी की सजा मिलने की खबर सुनकर परिवार काफी चिंता में है और सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
मस्कट में ट्रक ड्राइवर का करता था काम
जानकारी के अनुसार गुरप्रीत सिंह करीब चार साल पहले काम की तलाश में मस्कट गया था। वहां वह ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम करता था। इसके बाद करीब दो साल पहले वह सऊदी अरब में नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हो गया। मामला कोर्ट तक पहुंचा और अब परिवार के मुताबिक गुरप्रीत को फांसी की सजा सुनाई गई है।
परिवार का इकलौता बेटा, पिता की हो चुकी है मौत
गुरप्रीत सिंह अपने परिवार का इकलौता बेटा है। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक गुरप्रीत पर ही थी। उसकी बुजुर्ग मां जसवंत कौर अब बेटे को बचाने के लिए सरकार से मदद की अपील कर रही हैं। मां का कहना है कि गुरप्रीत उनके परिवार का इकलौता सहारा है। बेटे को सऊदी अरब में फांसी की सजा मिलने की खबर के बाद वह बेहद परेशान हैं और चाहती हैं कि भारत सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस से मिलीं मां
जसवंत कौर ने पंजाब के मंत्री हरजोत सिंह बैंस से मुलाकात कर अपने बेटे को बचाने की गुहार लगाई है। उन्होंने सरकार से सऊदी अरब के अधिकारियों के समक्ष मामला उठाने और गुरप्रीत की सजा कम करवाने के लिए हरसंभव प्रयास करने की मांग की है।उन्होंने पीएम मोदी और सीएम भगवंत मान से भी अपील की है कि वह उनके बेटे की मदद के लिए हस्तक्षेप करें। परिवार को उम्मीद है कि सरकार की कोशिशों से गुरप्रीत को राहत मिल सकती है।









