हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें होश में नहीं लाया जा सका। अस्पताल के मुताबिक, उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया।
मणिपाल अस्पताल के डॉक्टर शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर की मौत के बाद मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है। पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
4 अक्टूबर को गोवा के कार्यक्रम में हुए थे शामिल
नाना पाटेकर की आखिरी सार्वजनिक मौजूदगी उनके निधन से कुछ दिन पहले गोवा में एक कार्यक्रम में हुई थी। 4 अक्टूबर को वह गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसके महज चार दिन बाद उनके निधन की खबर सामने आई।
100 से ज्यादा फिल्मों में किया काम
नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। हिंदी के साथ-साथ उन्होंने मराठी सिनेमा में भी अपनी खास पहचान बनाई। उनकी पहचान ऐसे अभिनेता के तौर पर रही, जो गंभीर, दमदार और अलग तरह के किरदारों को पर्दे पर प्रभावी तरीके से निभाते थे।
‘परिंदा’ से मिला पहला नेशनल अवॉर्ड
साल 1989 में आई फिल्म ‘परिंदा’ में नाना पाटेकर ने अन्ना का किरदार निभाया था। इस भूमिका के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला।इसके बाद 1994 की फिल्म ‘क्रांतिवीर’ में उनके अभिनय को भी खूब सराहा गया और उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला।
वहीं, 1996 की ‘अग्निसाक्षी’ के लिए उन्हें एक बार फिर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस तरह नाना पाटेकर को अपने करियर में तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले।भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
‘वेलकम’ में उदय शेट्टी बनकर छाए
नाना पाटेकर ने सिर्फ गंभीर भूमिकाएं ही नहीं निभाईं, बल्कि कॉमेडी में भी अपनी अलग छाप छोड़ी।2007 की फिल्म ‘वेलकम’ में उन्होंने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया। उनका गुस्सैल अंदाज, संवाद बोलने का तरीका और कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को खूब पसंद आई।
फिल्म में उनका “कंट्रोल उदय… कंट्रोल!” वाला अंदाज बेहद लोकप्रिय हुआ। इस किरदार के डायलॉग्स और सीन पर सोशल मीडिया पर कई मीम्स भी बने। बाद में वह ‘वेलकम बैक’ में भी उदय शेट्टी के किरदार में नजर आए।
‘प्रहार’ के लिए ली थी सैन्य ट्रेनिंग
नाना पाटेकर का जीवन सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में आर्मी मेजर का किरदार निभाने के लिए उन्होंने भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ सैन्य प्रशिक्षण लिया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने करीब तीन साल तक ट्रेनिंग की। इसके बाद वह टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े और उन्हें मानद कैप्टन के रूप में कमीशन मिला। बाद में उन्होंने मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद तक सेवाएं दीं और 2013 में रिटायर हुए।
कारगिल युद्ध के दौरान जवानों के साथ रहे
नाना पाटेकर का सेना से जुड़ाव 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी देखने को मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से विशेष अनुमति लेकर करीब 15 से 20 दिन सेना के साथ अग्रिम इलाकों में बिताए।इस दौरान वह द्रास, लेह, कुपवाड़ा और सोपोर जैसे इलाकों में गए। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि उन्होंने सेना की क्विक रिएक्शन टीम यानी QRT के साथ समय बिताया।
नाना पाटेकर कई मौकों पर सेना और जवानों के प्रति अपना सम्मान जाहिर कर चुके थे। उन्होंने कहा था कि देश के लिए हर व्यक्ति को अपनी तरफ से कुछ न कुछ करना चाहिए। 2016 में भी उन्होंने जवानों को देश का असली हीरो बताया था और कहा था कि उनके लिए देश सबसे पहले है।
पर्दे पर दमदार अभिनय, पर्दे के बाहर अलग पहचान
नाना पाटेकर का करीब चार दशक से ज्यादा लंबा फिल्मी सफर कई यादगार किरदारों से भरा रहा। ‘परिंदा’ के अन्ना से लेकर ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’ और ‘वेलकम’ के उदय शेट्टी तक, उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाओं से दर्शकों के दिल में जगह बनाई।तीन नेशनल अवॉर्ड और पद्मश्री से सम्मानित नाना पाटेकर का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है।








