ख़बरिस्तान नेटवर्क : 6000 करोड़ रुपये के ड्रग केस में सोमवार को एक बार फिर हलचल तेज हो गई। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पूछताछ के लिए SIT के सामने पेश नहीं हुए। उनकी जगह उनके वकील अर्शदीप सिंह कलेर SIT के सामने पहुंचे।
बताया जा रहा है कि इस मामले में मुख्य आरोपी माने जाने वाले पूर्व DSP जगदीश भोला को भी SIT के सामने पेश होना था, लेकिन वह भी पूछताछ के लिए नहीं पहुंचा।
मजीठिया और भोला को आमने-सामने बैठाने की थी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक SIT की योजना दोनों से आमने-सामने पूछताछ करने की थी। जांच एजेंसी इस दौरान ड्रग नेटवर्क से जुड़े आरोपों और मामले में सामने आए विभिन्न बयानों को लेकर दोनों से सवाल-जवाब करना चाहती थी। हालांकि, दोनों के पेश नहीं होने के कारण SIT की यह योजना फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकी। अब जांच टीम आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लेगी।
वकील ने SIT के सामने रखा मजीठिया का पक्ष
सोमवार सुबह बिक्रम सिंह मजीठिया की ओर से उनके वकील अर्शदीप सिंह कलेर पटियाला पुलिस लाइन्स पहुंचे। उन्होंने SIT के अधिकारियों से मुलाकात की और मजीठिया की ओर से अपना पक्ष रखा। वहीं, जगदीश भोला के पेश नहीं होने की वजह को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
2013 में सामने आया था ड्रग नेटवर्क का मामला
यह पूरा मामला साल 2013 में सामने आए कथित सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क से जुड़ा है। उस समय पंजाब पुलिस ने बड़े ड्रग नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया था। जांच के दौरान नशीले पदार्थों के साथ हथियार और विदेशी करेंसी बरामद होने की बात भी सामने आई थी। इस मामले में पूर्व DSP जगदीश भोला को गिरफ्तार किया गया था।
भोला के बयान के बाद मजीठिया का नाम आया था चर्चा में
जांच के दौरान जगदीश भोला की ओर से बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम लिए जाने के बाद यह मामला राजनीतिक तौर पर भी काफी चर्चित हुआ था। इसके बाद मजीठिया से जुड़े आरोपों और ड्रग नेटवर्क को लेकर पंजाब में लंबे समय तक राजनीतिक बहस चलती रही। अब SIT इस मामले में पुराने आरोपों, जांच के दौरान सामने आए बयानों और अन्य तथ्यों को लेकर आगे की जांच कर रही है।









