पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा पर लगे गंभीर आरोप, घर में 42 घंटे तक चली ED रेड में बड़े खुलासे!

पंजाब के पूर्व उद्योग मंत्री और कांग्रेस नेता सुंदर शाम अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच तेज कर दी है।

ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब के पूर्व उद्योग मंत्री और कांग्रेस नेता सुंदर शाम अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच तेज कर दी है। ईडी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 2 और 3 नवंबर 2026 को पंजाब और चंडीगढ़ में सुंदर शाम अरोड़ा, उनके बेटे प्रतीक अरोड़ा और सहयोगियों से जुड़े 14 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। होशियारपुर स्थित उनके आवास पर ईडी की टीम ने करीब 42 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया।

बेटे और सहयोगियों के ठिकानों पर भी हुई छापेमारी
ईडी की कार्रवाई में होशियारपुर के जोधा मल रोड स्थित सुंदर शाम अरोड़ा का आवास और शिवम हॉस्पिटल भी शामिल था। इसके अलावा चंडीगढ़ और मोहाली में SRG बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, GRG डेवलपर्स एंड प्रमोटर्स LLP और गुलमोहर टाउनशिप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। जांच एजेंसी ने इन कंपनियों के प्रमोटरों, निदेशकों और अन्य सहयोगियों के परिसरों को भी खंगाला। यह कार्रवाई पूर्व मंत्री, उनके बेटे और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई।

मोबाइल, प्रॉपर्टी के दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त
तलाशी अभियान के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मिले। एजेंसी ने मोबाइल फोन, संपत्तियों से जुड़े कागजात, आपत्तिजनक दस्तावेज, PSIEC के औद्योगिक प्लॉटों से संबंधित रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं।
इसके अलावा संबंधित बैंक लॉकरों को भी फ्रीज करने की कार्रवाई की गई। ईडी अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि कथित लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।

उद्योग मंत्री रहते PSIEC के प्लॉट निजी कंपनियों को देने का आरोप
ईडी की जांच में आरोप लगाया गया है कि मार्च 2017 से सितंबर 2021 के बीच पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री रहते हुए सुंदर शाम अरोड़ा का पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (PSIEC) के कामकाज पर सीधा नियंत्रण था। इस दौरान उन्होंने PSIEC के महंगे औद्योगिक प्लॉट निजी रियल एस्टेट कंपनियों को ट्रांसफर करने में कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाया। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन प्लॉटों के हस्तांतरण में किन प्रक्रियाओं का पालन किया गया और इससे किन लोगों या कंपनियों को फायदा हुआ।

बेटे प्रतीक अरोड़ा के नाम पर कंपनियों में हिस्सेदारी लेने का दावा
ईडी के मुताबिक, कथित तौर पर निजी रियल एस्टेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के बदले सुंदर शाम अरोड़ा ने अपने बेटे प्रतीक अरोड़ा के नाम पर इन कंपनियों में हिस्सेदारी हासिल की थी। एजेंसी को बैंक रिकॉर्ड से भी कुछ अहम साक्ष्य मिलने की जानकारी दी गई है। अब ईडी जब्त किए गए बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति के दस्तावेजों और कंपनियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

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