ख़बरिस्तान नेटवर्क : मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी चर्चा में आ गया है। 20 अक्टूबर को अमित शाह के मानसा आने के संभावित कार्यक्रम पर विवाद खड़ा हो गया है। झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए गठित एक्शन कमेटी ने उनके दौरे का विरोध करने का ऐलान किया है, जबकि झोटा के पिता भीम सिंह ने शाह के दौरे का स्वागत किया है।
भीम सिंह ने अपील की है कि अमित शाह समेत किसी भी राजनीतिक नेता के दौरे का विरोध नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें इंसाफ की उम्मीद केवल केंद्र सरकार से है। वहीं, एक्शन कमेटी ने अमित शाह की झोटा के परिवार से प्रस्तावित मुलाकात का विरोध करते हुए स्पष्ट किया है कि उन्हें मंच पर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अमित शाह के दौरे पर एक्शन कमेटी और परिवार की अलग-अलग राय
परविंदर झोटा हत्याकांड को लेकर आंदोलन कर रही एक्शन कमेटी और मृतक के परिवार के बीच अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को लेकर अलग-अलग रुख सामने आया है। एक्शन कमेटी ने केंद्रीय गृह मंत्री के मानसा दौरे का विरोध करने का फैसला किया है।
दूसरी ओर, भीम सिंह ने कहा कि उनके बेटे को इंसाफ दिलाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने अपील की कि धरना स्थल पर आने वाले किसी भी राजनीतिक दल के नेता का विरोध नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि उनके मुताबिक इंसाफ दिलाने में केंद्र सरकार अहम भूमिका निभा सकती है।
‘सिर्फ केंद्र से इंसाफ की उम्मीद’, भीम सिंह का बयान चर्चा में
परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि उन्हें किसी अन्य पक्ष से इंसाफ की उम्मीद नहीं है और वह केंद्र सरकार से न्याय चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता को धरना स्थल पर आने से नहीं रोका जाना चाहिए। भीम सिंह ने आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों पर आरोप लगाया कि वे उनसे सलाह लिए बिना फैसले कर रहे हैं। उनके मुताबिक, बेटे को इंसाफ दिलाने के मुद्दे पर परिवार की राय और प्राथमिकताओं को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
अमित शाह की प्रस्तावित मुलाकात का भी विरोध
झोटा हत्याकांड के सिलसिले में गठित एक्शन कमेटी ने अमित शाह के मानसा दौरे के साथ-साथ झोटा के परिवार से उनकी प्रस्तावित मुलाकात पर भी आपत्ति जताई है। कमेटी ने स्पष्ट किया है कि अमित शाह को मंच पर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस घटनाक्रम से झोटा हत्याकांड को लेकर चल रहे आंदोलन में नया मोड़ आ गया है। एक ओर परिवार केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे का स्वागत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर एक्शन कमेटी इसका विरोध करने की तैयारी में है।
पंजाब में नशे के मुद्दे पर पहले भी परिवारों से मिल चुके हैं शाह
अमित शाह इससे पहले पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ आवाज उठाने वाले मृतकों के परिवारों से मुलाकात कर चुके हैं। इनमें मानसा, संगरूर और गुरदासपुर से जुड़े परिवार शामिल बताए गए हैं।अब 20 अक्टूबर को मानसा में उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।









