ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के सिविल अस्पताल में शुक्रवार को कांग्रेस विधायक बावा हैनरी और शहरी प्रधान राजिंदर बेरी अचानक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं ने जच्चा-बच्चा वार्ड का जायजा लिया, जहां महिलाओं के बाथरूम में गंदगी और फंगस दिखाई देने का दावा किया गया। कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पंजाब सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर भी निशाना साधा।
एक महीने पहले भी किया था अस्पताल का दौरा
विधायक बावा हैनरी ने बताया कि करीब एक महीने पहले राजिंदर बेरी ने अस्पताल के डॉक्टरों से मुलाकात कर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं के बारे में बातचीत की थी। उस दौरान अस्पताल में सामने आई कमियों को वरिष्ठ डॉक्टरों के ध्यान में लाया गया था। वे आज दोबारा अस्पताल में हुए सुधारों का जायजा लेने पहुंचे थे। हालांकि, निरीक्षण के दौरान उन्हें फिर से सफाई व्यवस्था में खामियां देखने को मिलीं।
जच्चा-बच्चा वार्ड के बाथरूम में गंदगी और फंगस
निरीक्षण के दौरान कांग्रेस नेता जच्चा-बच्चा वार्ड पहुंचे। बावा हैनरी ने दावा किया कि पुरुषों के बाथरूम पर ताला लगा हुआ था, जबकि महिलाओं के बाथरूम में काफी गंदगी थी। उन्होंने वहां फंगस दिखाई देने की बात भी कही। मरीजों को बेहतर इलाज के साथ साफ-सुथरा वातावरण मिलना भी जरूरी है। अस्पताल में सफाई की कमी मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
शॉर्ट सर्किट की घटना का भी उठाया मुद्दा
बावा हैनरी ने जच्चा-बच्चा वार्ड में पहले हुई शॉर्ट सर्किट की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय कोई जानी नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन ऐसी घटनाएं अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा करती हैं। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जरूरत पर जोर दिया।
स्वास्थ्य योजना को लेकर सरकार पर साधा निशाना
विधायक बावा हैनरी ने पंजाब सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत इलाज और मरीजों से संबंधित आंकड़ों को लेकर डॉक्टरों से जानकारी मांगी गई थी। उनके मुताबिक, मिली जानकारी से पता चला कि बड़ी संख्या में मरीज सरकारी अस्पतालों में उपचार करवा रहे हैं।
हैनरी ने हार्ट अटैक के मरीजों के इलाज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। अगर मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर करने या वहां पहुंचने में देरी होती है, तो उसका गोल्डन पीरियड प्रभावित हो सकता है। उन्होंने सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है।
राजिंदर बेरी बोले- एक महीने बाद भी नहीं सुधरे हालात
कांग्रेस के शहरी प्रधान राजिंदर बेरी ने कहा कि वह करीब एक महीने पहले भी सिविल अस्पताल आए थे और उस समय सामने आई कमियों को वरिष्ठ डॉक्टरों के ध्यान में लाया गया था। इसके बावजूद दोबारा निरीक्षण के दौरान जच्चा-बच्चा वार्ड के बाथरूम में गंदगी देखने को मिली।
बेरी ने अस्पताल की मौजूदा स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वास्थ्य योजना को लेकर भी पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।









