ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर सिविल अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में लगे फायर सिलेंडरों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आया है कि केंद्र में लगाए गए कुछ फायर सिलेंडरों की एक्सपायरी डेट अगस्त महीने की है। ऐसे में अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर एक्सपायर फायर सिलेंडर पाए जाने को लेकर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
सिविल सर्जन ने दी एक्सपायरी सिलेंडर पर सफाई
मामले को लेकर सिविल सर्जन ने बताया कि जिन फायर सिलेंडरों की एक्सपायरी अगस्त महीने में हुई है, उन्हें एक महीने तक वैध माना जाता है। अस्पताल में नए फायर सिलेंडरों की जरूरत को लेकर 50 सिलेंडरों की रिक्वायरमेंट भेजी जा चुकी है और जल्द ही नए सिलेंडर उपलब्ध हो जाएंगे। इसके साथ ही कर्मचारियों को फायर सिलेंडर चलाने के लिए छह महीने की ट्रेनिंग भी दी जाती है, ताकि किसी भी इमरजैंसी की स्थिति में वह तुरंत कार्रवाई कर सकें।
कैबिनेट मंत्री ने सिविल अस्पताल का दौरा किया
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की देखरेख में लोगों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का दावा किया जा रहा है। इसी के तहत कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत आज जालंधर सिविल अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।
100 टीबी मरीजों को दी गई हाई प्रोटीन डाइट
कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि उन्होंने अस्पताल में इलाज करा रहे टीबी मरीजों का भी हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल में करीब 100 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। मरीजों को दवाइयों और इलाज के साथ पौष्टिक आहार की भी जरूरत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में इलाज करा रहे 100 टीबी मरीजों को हाई प्रोटीन युक्त मुफ्त डाइट दी गई।









