पंजाब में कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से आज 21 अगस्त को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। बंद का असर कई जिलों में दिखाई देने लगा है। जालंधर और खरड़ में बाजार बंद हैं, जबकि खरड़-चंडीगढ़ हाईवे को भी बंद कर दिया गया है। अमृतसर में बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्री परेशान हैं।
खरड़-चंडीगढ़ हाईवे बंद होने के कारण हिमाचल से चंडीगढ़ और दिल्ली जाने वाली कई बसों को खरड़ में ही रोक दिया गया। यात्रियों को बसों से उतरकर सामान के साथ पैदल आगे जाना पड़ा। हाईवे पर लगे जाम में एक एंबुलेंस भी फंस गई, जिसे लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। जालंधर के ज्योति चौक समेत कई बाजारों में दुकानें बंद हैं और सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं। हालांकि लुधियाना में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। चौड़ा बाजार और रेलवे स्टेशन रोड पर कुछ दुकानें बंद हैं, जबकि कुछ दुकानदार दुकानें खोलने की तैयारी में हैं।
बंद को इन संगठनों का समर्थन
कौमी इंसाफ मोर्चा के बंद को SGPC, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), अकाली दल (वारिस पंजाब दे), दल खालसा, हवारा कमेटी समेत विभिन्न पंथक और किसान-मजदूर संगठनों का समर्थन मिला है। चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। यहां पुलिस के साथ RAF और CRPF के जवान तैनात किए गए हैं।
क्या हैं मोर्चा की प्रमुख मांगें?
मोर्चा की मुख्य मांगों में सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई, पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी जगतार सिंह हवारा को कम से कम 10 दिन की पैरोल, 15 अगस्त को चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध और उस दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की बिना शर्त रिहाई शामिल है। मोर्चा का कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है। बंद के दौरान बाजार, शिक्षण संस्थानों, परिवहन और यातायात पर असर पड़ने की संभावना है।









