ख़बरिस्तान नेटवर्क : अमेरिका की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के भारी बहुमत से एक ऐसा बिल पास किया है, जिसके तहत भारत समेत पांच देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाया जा सकता है। इस अहम फैसले के पीछे मुख्य वजह रूस से होने वाले तेल और गैस के कारोबार को रोकना और उसकी युद्ध लड़ने की वित्तीय क्षमता को कमजोर करना है।
रूस की युद्ध क्षमता कमजोर करने की तैयारी
इस कड़े बिल के दायरे में भारत के अलावा चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देश शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस बिल को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन हासिल हुआ है। जानकारों के अनुसार, इसका सीधा मकसद रूस को मिलने वाले आर्थिक लाभ पर लगाम कसना है।
मूल रूप से इस प्रस्ताव को 23 जुलाई को लाया गया था। शुरुआत में इसके ड्राफ्ट में इन देशों पर भारी-भरकम 500% तक का टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे बाद में चर्चा और संशोधन के बाद घटाकर 100% कर दिया गया है।
अभी कानून बनना बाकी, आगे की प्रक्रिया लंबी
हालांकि अमेरिकी सीनेट में इस बिल को भारी समर्थन मिल गया है, लेकिन फिलहाल यह कानून नहीं बना है। सीनेट से पास होने के बाद अब इस बिल को अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (House of Representatives) में भेजा जाएगा। यदि वहां से भी इसे मंजूरी मिल जाती है, तो अंत में इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद ही यह प्रस्ताव आधिकारिक तौर पर कानून का रूप लेगा।









