ख़बरिस्तान नेटवर्क : चंडीगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पुलिस ने AAP नेता मनीष सिसोदिया, पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां समेत सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब AAP नेता रोष मार्च निकालते हुए चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने रास्ते में पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की तो पुलिस और उनके बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई।
चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करने निकले AAP नेता
AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने SIR के विरोध में चंडीगढ़ में रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुंचकर घेराव करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उनका रास्ता रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे मौके पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मनीष सिसोदिया, हरपाल सिंह चीमा, हरदीप सिंह मुंडियां सहित सैकड़ों AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
मनीष सिसोदिया बोले- ज्ञानेश कुमार ने मतदाताओं के साथ की गद्दारी
प्रदर्शन के दौरान मनीष सिसोदिया ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर देश के मतदाताओं के साथ गद्दारी की है। देश का युवा और मतदाता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने और उनके इस्तीफे की मांग की।
युवाओं के प्रदर्शन को रोकने के लिए ताकत लगाने का आरोप
मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि देशभर से युवा ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के इस प्रदर्शन को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है।
युवाओं के प्रदर्शन को रोकने के लिए सरकार की ओर से इतनी बड़ी ताकत का इस्तेमाल पहले कभी नहीं देखा गया।









