पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के 11 दिन बाद भी उनका पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। परिवार और एक्शन कमेटी अपनी 10 मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने साफ कहा है कि जब तक पंजाब सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक उनके पति का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
गुरुवार को धरने में निहंग बाबा राजा राज सिंह भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर परविंदर सिंह झोटा आज जिंदा होते, तो उन्हें चुनाव मैदान में उतारा जाता। उन्होंने सुझाव दिया कि अब झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर को विधायक का चुनाव लड़वाया जाए, ताकि नशे के खिलाफ झोटा ने जो सपना देखा था, उसे पूरा किया जा सके।
बाबा राजा राज सिंह ने कहा कि अगर मनप्रीत कौर को सत्ता मिलती है, तो मानसा जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में काम किया जा सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से एकजुट होकर मनप्रीत कौर का समर्थन करने की अपील भी की।
CBI ने आरोपियों के घरों पर की तलाशी
दूसरी ओर, झोटा हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार और उसके साथी विपिन कुमार के घरों पर करीब 8 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा, श्मशान घाट रोड स्थित मानसा मेडिकल हॉल की भी जांच की गई और आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की गई।वहीं, अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
फिलहाल, झोटा का परिवार अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है और अंतिम संस्कार को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है। अब देखना होगा कि पंजाब सरकार और प्रशासन परिवार की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।









