ख़बरिस्तान नेटवर्क : दिल्ली के सत्य निकेतन हॉस्टल हादसे को लेकर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हादसे को लेकर दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली यूनिवर्सिटी को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने कहा कि बाहर से पढ़ाई के लिए दिल्ली आने वाले छात्रों के हॉस्टलों की स्थिति बेहद दयनीय और खराब है। सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
MCD, दिल्ली सरकार समेत इन संस्थाओं से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में MCD, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और दिल्ली यूनिवर्सिटी को 10 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने हॉस्टलों की स्थिति और छात्रों की सुरक्षा को लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।
5 अधिकारियों को किया जा चुका है सस्पेंड
इस मामले में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। सीएम के निर्देश पर 5 अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। इनमें MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।
हॉस्टल मालिक हरिराम बंसल हिरासत में
वहीं, पुलिस ने हॉस्टल के मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। हादसे के बाद से ही पुलिस हॉस्टल मालिक की तलाश कर रही थी।
हादसे में 7 लोगों की मौत, 5 की हालत गंभीर
आपको बता दें कि हॉस्टल हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में हुआ था। सत्य निकेतन में हुए इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। बचाए गए लोगों में 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन अब पूरा हो चुका है।









