दुनिया

रूस की पर्म यूनिवर्सिटी में छात्र ने अपने साथियों पर ताबड़तोड़ गोलियां दागीं 8 की मौत

रूस की पर्म यूनिवर्सिटी में छात्र ने अपने साथियों पर ताबड़तोड़ गोलियां दागीं, 8 की मौत

फायरिंग करने वाले हमलावर की पहचान तिमूर बेकमांसुरोव के रूप में हुई है।

स्पेस टूरिज्म की हुई शुरुआत - एलन मस्क की कंपनी ने 4 आम लोगों को रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा 3 दिन गुजारेंगे

स्पेस टूरिज्म की हुई शुरुआत - एलन मस्क की कंपनी ने 4 आम लोगों को रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा, 3 दिन गुजारेंगे

नासा के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस रिसर्च सेंटर से फॉल्कन-9 रॉकेट को लांच किया गया। करीब 12 मिनट बाद ड्रैगन कैप्सूल रॉकेट से अलग हो गया।


जल्द पड़ेगी कोरोना वैक्सीन चौथी डोज की जरूरत, हेल्थ एक्सपर्ट ने दी ये चेतावनी

जल्द पड़ेगी कोरोना वैक्सीन चौथी डोज की जरूरत, हेल्थ एक्सपर्ट ने दी ये चेतावनी

वेब ख़बरिस्तान। कोरोना के खिलाफ जंग में इजरायल शुरुआत से आगे रहा है। इजरायल ने कोरोना से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाया। इसके दुनियाभर में इजरायल की तारीफ हुई। जहां एक तरफ कई देश अपने नागरिकों को कोरोना की वैक्सीन की दोनों डोज देने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं इजरायल के एक हेल्थ एक्सपर्ट सलमान जारका ने कहा कि कोविड वैक्सीन की चौथी डोज की भी जरूरत है।इजरायल में लगाए जा रहे बूस्टर डोजइजरायल ने अपने सभी नागरिकों को कोरोना का बूस्टर डोज देना शुरू कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देशों से बूस्टर प्रोग्राम नहीं शुरू करने का आग्रह किया है। WHO का कहना है कि तब तक ऐसा नहीं किया जाए जब तक कि अन्य सभी देश कम से कम कमजोर वर्ग के लोगों का टीकाकरण करने में सक्षम नहीं हो जाएं।हेल्थ एक्सपर्ट की सलाहहेल्थ एक्सपर्ट सलमान जारका ने कहा कि कोरोना के कई वैरिएंट सामने आ रहे हैं। डेल्टा वैरिएंट के केस काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। आशंका है कि इससे मौतों और हॉस्पिटल में एडमिट होने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। उनका कहना है कि वैक्सीन की चौथी डोज की जरूरत कुछ समय बाद पड़ सकती है। हमें इसके लिए तैयार रहना चाहिए।

https://webkhabristan.com/world/corona-vaccine-fourth-dose-need-soon-health-expert-gave-this-warning-3643
पूरे अफगानिस्तान पर हुआ तालिबान का कब्जा, एक भी प्रांत नहीं बचा

पूरे अफगानिस्तान पर हुआ तालिबान का कब्जा, एक भी प्रांत नहीं बचा

वेब ख़बरिस्तान। आखिरकार पंजशीर भी तालिबान के सामने हार गया। रेजिस्टेंस फोर्स के लड़ाकों ने तालिबान को कड़ी टक्कर दी लेकिन रविवार की लड़ाई के बाद तालिबान की जीत हो गई। तालिबान ने पंजशीर के गवर्नर हाउस में अपना झंडा भी लहरा दिया। अब पूरे अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया है। तालिबान ने झंडा फहराते हुए वीडियो भी जारी किया।पंजशीर में रेजिस्टेंस फोर्सेज के ठिकानों पर रविवार को हवाई हमले किए गए थे। अफगानी मीडिया की खबरों के मुताबिक यह हमले पाकिस्तानी पायलट्स ने किए थे। पंजशीर में रजिस्टेंस के प्रमुख नेता और देश के पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह जिस घर में ठहरे थे, रविवार को उस पर हेलिकॉप्टर से हमला हुआ। इसके बाद सालेह ताजिकिस्तान चले गए। अहमद मसूद के पंजशीर में ही सुरक्षित ठिकाने पर होने की खबरें थीं। तालिबान ने रविवार को दावा किया था कि पंजशीर को जल्द ही मसूद परिवार से आजाद घोषित कर दिया जाएगा और घाटी में भी तालिबानी प्रशासक होगा। और ऐसा ही हुआ।पंजशीर में रविवार को रेजिस्टेंस फोर्स के कमजोर पड़ने की खबर सामने आने लगी थीं। अहमद मसूद ने तालिबान के सामने जंग खत्म करने का प्रस्ताव रखा था। इससे पहले उन्होंने पंजशीर और अंदराब में तालिबानी हमले रोकने की शर्त रखी थी। तालिबान यहां काफी मजबूत स्थिति में था। तालिबानी लड़ाके किसी भी तरह पंजशीर पर कब्जा चाहते थे। लड़ाई मसूद ने शुरू की थी, इसलिए तालिबानी लड़ाकों में गुस्सा था। इस गुस्से और ताकत के दम पर तालिबानी लड़ाकों ने पंजशीर पर कब्जा कर लिया।US सीनेटर ने कहा- अमेरिकी सेना को दोबारा अफगानिस्तान जाना होगाअमेरिकी सेना अफगानिस्तान से लौट आई है। 31 अगस्त की डेडलाइन खत्म होने से एक दिन पहले ही सेना ने अफगानिस्तान छोड़ दिया, लेकिन अब अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा है कि अमेरिकी सेना को दोबारा अफगानिस्तान जाना होगा। यह निकट भविष्य में होना तय है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी रिपब्लिकन के सीनेटर ग्राहम ने कहा कि भले ही आपको ट्रम्प पसंद हों या नहीं, लेकिन यह आपको मानना होगा कि तालिबान सुधरा नहीं है। उसकी सोच दुनिया की आधुनिकता से मेल नहीं खाती। वे अपनी पुरानी सोच को अफगानिस्तान के लोगों पर थोपेंगे और जो सबसे अहम बात है वो यह कि तालिबान अलकायदा को पनपने के लिए सुरक्षित जगह देंगे। आप एक देश तालिबान के भरोसे नहीं छोड़ सकते।

https://webkhabristan.com/world/taliban-captured-entire-afghanistan-not-a-single-province-left-3633
पंजशीर में पंगा लेना पड़ा महंगा, खूनी खेल में अफगान के

पंजशीर में पंगा लेना पड़ा महंगा, खूनी खेल में अफगान के 'शेरों' ने 700 तालिबानियों को किया ढेर, 600 लड़ाके कैद

वेब ख़बरिस्तान। अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्वी प्रांत पंजशीर घाटी में तालिबान समूह और रेसिस्प्रटेंस फोर्स यानी प्रतिरोध बलों के बीच भयंकर लड़ाई जारी है। बीते कई दिनों से जारी खूनी खेल के बीच शनिवार को पंजशीर के लड़ाकों से पंगा लेना तालिबान को महंगा पड़ गया और उसके करीब 700 से अधिक लड़ाके ढेर हो गए। पंजशीर के रेसिस्टेंस फोर्स (प्रतिरोध बलों) का दावा है कि शनिवार की लड़ाई में करीब 700 तालिबानी मारे गए तथा और 600 अन्य को कैद कर लिया गया। इससे पहले पजंशीर के नेता अहमद मसूद कहा था कि मर जाएंगे, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।पंजशीर प्रतिरोध समूहों के सोशल मीडिया अकाउंट के अनुसार, तालिबान सेना भारी नुकसान झेलने के बाद प्रांत से भाग रही है। पंजशीर प्रांत में प्रतिरोध बलों का नेतृत्व कर रहे अहमद मसूद ने एक ऑडियो संदेश में कहा कि 700 से अधिक तालिबानी मारे गए और 600 अन्य पकड़े गए और कैद किए गए जबकि बाकी भागने की कोशिश कर रहे हैं। मसूद ने संदेश में कहा, हम अग्रिम पंक्ति में हैं, सब कुछ योजनाबद्ध था। हम पूरे प्रांत को नियंत्रित कर रहे हैं।गौरतलब है कि तालिबान विरोधी प्रतिरोध बलों के कमांडर अहमद मसूद ने पंजशीर को तालिबान के चंगुल से बचाने की कसम खाई है। उन्होंने शनिवार को अफगानिस्तान के खामा प्रेस से बात करते हुए कहा कि ईश्वर, न्याय और स्वतंत्रता के लिए हम अपने प्रतिरोध को कभी नहीं रोकेंगे। मसूद ने यह भी कहा कि पंजशीर में प्रतिरोध और अफगानिस्तान में महिलाओं के विरोध से संकेत मिलता है कि अफगान कभी भी अपने वैध अधिकारों के लिए लड़ना नहीं छोड़ा करते हैं। एक फेसबुक पोस्ट में अहमद मसूद ने कहा कि हार तभी होती है जब आप अपने वैध अधिकारों के लिए लड़ाई छोड़ देते हैं और जब आप थक जाते हैं। मसूद ने तालिबान पर पंजशीर प्रांत में मानवीय आपूर्ति रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से पंजशीर में मानवीय सहायता की अनुमति देने के लिए तालिबान पर दबाव बनाने का भी आग्रह किया है। बता दें कि 15 अगस्त को तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था।

https://webkhabristan.com/world/afghani--killed-700-talibani-600-fighters-imprisoned-3616
तालिबान आज अफ़ग़ानिस्तान में नई सरकार का ऐलान करेगा

तालिबान आज अफ़ग़ानिस्तान में नई सरकार का ऐलान करेगा

वेब ख़बरिस्तान,नई दिल्ली। तालिबान की ओर से अफगानिस्तान में नई सरकार का ऐलान किया जाएगा। हालाँकि इससे पहले तालिबान के बुलावे पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद काबुल पहुंचे हैं। यह जानकारी पाकिस्तानी पत्रकार हमजा अजहर सलाम द्वारा शेयर की गई है। उन्होंने बताया कि आईएसआई के चीफ तालिबानी हुकूमत में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्तों के भविष्य पर चर्चा करेंगे।तालिबान ने कहा पंजशीर नियंत्रण में पंजशीर घाटी में तालिबान और रेजिस्टेंस फोर्स के बीच जंग जारी है। हालाँकि इसी बीच दोनों ने पंजशीर को जीतने का दावा किया है। तालिबान ने कहा कि अब पंजशीर पर भी उसका नियंत्रण हो गया है। पंजशीर पर जीत की खुशी में तालिबान ने काबुल में हवाई फायरिंग की थी जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई और 41 घायल हो गए। यह जानकारी टोलो न्यूज ने दी है। पाकिस्तान की भूमिका पर नज़र रखनी होगी भारत के विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने वॉशिंगटन में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अफगानिस्तान के हालात पर अमेरिका और भारत नजर बनाए हुए हैं। पाकिस्तान ने तालिबान का समर्थन किया और वह तालिबान को पालता रहा है। ऐसी कई बातें हैं जिनमें पाकिस्तान ने तालिबान की मदद की है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान की भूमिका पर नजर रखनी होगी। भारत में मस्जिद में दुआ कर रहे लोगों पर गोलियां नहीं बरसाई जातीकश्मीर का राग अलापने वाले तालिबान को भारत ने करारा जवाब दिया है। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि भारत संविधान का पालन करता है। यहां मस्जिदों में दुआ करते लोगों पर गोलियों और बम से हमला नहीं किया जाता। न लड़कियों को स्कूल जाने से रोका जाता है और न ही उनके सिर और पैर काटे जाते हैं।उन्होंने ये ये बात तालिबान के उस बयान के जवाब में कही हैं, जिसमें कहा गया था कि कश्मीर समेत दुनियाभर के मुसलमानों की आवाज उठाने का हक तालिबान को है। तालिबानी सरकार की कमान मुल्ला बरादर संभालेगा न्यूज एजेंसी रॉयटर्स मुताबिक अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार की कमान मुल्ला बरादर संभालेगा। तालिबान के फाउंडर मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला मोहम्मद याकूब और शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई को भी तालिबानी सरकार में अहम पद दिए जाएंगे।

https://webkhabristan.com/world/taliban-to-announce-new-government-in-afghanistan-today-3608
न्यूजीलैंड में आतंकी हमला, 6 लोग घायल, 3 गंभीर

न्यूजीलैंड में आतंकी हमला, 6 लोग घायल, 3 गंभीर

वेब ख़बरिस्तान। न्यूजीलैंड के ऑकलैंड सुपरमार्केट में शुक्रवार को एक हमलावर ने चाकूबाजी करके 6 लोगों को घायल कर दिया। पुलिस ने हमलावर को मौके पर ही मार गिराया। न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने इसे आतंकी हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि हमलावार आतंकवादी संगठन ISIS से प्रेरित था। इससे पहले पुलिस अधिकारियों ने इसे रैंडम अटैक बताया था। उन्होंने आतंकी घटना मानने से इन्कार कर दिया था।प्रधानमंत्री अर्डर्न ने कहा कि आज जो हुआ, वह नफरत भरा है। यह नहीं होना चाहिए था। हमलावर को श्रीलंकाई नागरिक बताते हुए उन्होंने कहा कि वह 2011 में न्यूजीलैंड आया था। उन्होंने बताया कि यह वारदात दोपहर 2:40 बजे हुई। ऑफिसर्स ने एक मिनट के अंदर ही हमलावर को ढेर कर दिया।मॉल के अंदर चाकूबाजी कर रहे हमलावर को मार गिराने के लिए पुलिस ने फायरिंग की। गोली चलने की आवाज सुनकर लोग इधर-उधर भागने लगे। सेंट जॉन एंबुलेंस सर्विस ने बताया कि 6 घायलों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें से तीन की हालत गंभीर बनी है। चश्मदीदों ने का कहना है कि हमलावर चाकू दिखाते हुए मॉल के अंदर आया और फिर उसने लोगों पर अटैक करना शुरू कर दिया। कोरोना के खतरनाक डेल्टा वेरिएंट की वजह से ऑकलैंड में अभी लॉकडाउन लागू है। इसके चलते यहां ज्यादा लोग नहीं थे।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हमले के दौरान मॉल के अंदर भीड़ बदहवास दौड़ रही थी। लोग खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, मॉल की ओर से हमले को लेकर फेसबुक पर बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि हालात अब पुलिस के कंट्रोल में है और उनके साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है। मॉल को बंद कर दिया गया है।

https://webkhabristan.com/world/terrorist-attack-in-new-zealand-6-injured-3-critical-3592
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार! मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को कमान

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार! मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को कमान

वेब ख़बरिस्तान, काबुल। अफगानिस्तान में तालिबानी सूत्रों का कहना है कि तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख मुल्ला बरादर अफगानिस्तान में नई सरकार का नेतृत्व करेंगे। तालिबान सूत्रों के हवाले से अल-अरेबिया न्यूज की खबर के अनुसार मुल्ला बरादर को अफगानिस्तान की नई सरकार की कमान मिली है। सूत्रों ने बताया कि तालिबान के दिवंगत संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला मोहम्मद याकूब और शेर मोहम्मद अब्बास स्तानिकजई भी सरकार में वरिष्ठ पद संभालेंगे। तालिबान के सह-संस्थापकों में से एक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को 2010 में दक्षिणी पाकिस्तानी शहर कराची में सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया था और 2018 में रिहा किया था।बता दें कि तालिबान काबुल में ईरान की तर्ज पर नई सरकार का निर्माण कर रहा है। पीटीआई के मुताबिक समूह के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा है कि तालिबान के सबसे बड़े धार्मिक नेता मुल्ला हेबतुल्ला अखुंदजादा को अफगानिस्तान का सर्वोच्च नेता बनाया जाएगा। तालिबान के सूचना एवं संस्कृति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मुफ्ती इनामुल्ला समांगनी ने बुधवार को कहा, “नई सरकार बनाने पर बातचीत लगभग अंतिम दौर में है और मंत्रिमंडल को लेकर भी चर्चा हुई।” उन्होंने कहा कि अगले तीन दिन में काबुल में नई सरकार बनाने के लिए समूह पूरी तरह तैयार है।नई सरकार में 60 वर्षीय मुल्ला अखुंदजादा तालिबान सरकार के सर्वोच्च नेता होंगे। ईरान में नेतृत्व की तर्ज पर यह व्यवस्था की जाएगी, जहां सर्वोच्च नेता देश का सबसे बड़ा राजनीतिक और धार्मिक प्राधिकारी होता है। उसका पद राष्ट्रपति से ऊपर होता है और वह सेना, सरकार तथा न्याय व्यवस्था के प्रमुखों की नियुक्ति करता है। देश के राजनीतिक, धार्मिक और सैन्य मामलों में सर्वोच्च नेता का निर्णय अंतिम होता है।समांगनी ने कहा, “मुल्ला अखुंदजादा सरकार के सर्वोच्च नेता होंगे और इस पर कोई सवाल नहीं होना चाहिए।” उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रपति अखुंदजादा के अधीन काम करेंगे। मुल्ला अखुंदजादा तालिबान के सबसे बड़े धार्मिक नेता हैं और पिछले 15 साल से बलूचिस्तान प्रांत के कचलाक क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद में कार्यरत हैं। समांगनी ने कहा कि नई सरकार के तहत, गवर्नर प्रांतों के प्रमुख होंगे और जिला गवर्नर अपने जिले के प्रभारी होंगे।तलिबान ने पहले ही प्रांतों और जिलों के लिए गवर्नरों, पुलिस प्रमुखों और पुलिस कमांडरों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने कहा, नई प्रशासन प्रणाली का नाम, राष्ट्रीय झंडा और राष्ट्र गान पर अभी फैसला लिया जाना बाकी है। इस बीच दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय में उप नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्तानिकजई ने वीरवार को विदेशी मीडिया चैनलों को बताया कि नई सरकार में अफगानिस्तान के सभी कबीलों के सदस्यों और महिलाओं को शामिल किया जाएगा।उन्होंने कहा, “जो कोई भी पिछले 20 साल में अफगानिस्तान में पूर्ववर्ती सरकारों में शामिल था उसे नए तालिबान प्रशासन में जगह नहीं मिलेगी।” उन्होंने कहा कि मुल्ला अखुंदजादा कंधार से सरकार का कामकाज देखेंगे। उन्होंने कहा कि तालिबान यूरोपीय संघ, अमेरिका और भारत से दोस्ताना संबंध चाहता है तथा इसके लिए दोहा में तालिबान का राजनीतिक कार्यालय विभिन्न देशों के संपर्क में है।

https://webkhabristan.com/world/taliban-government-in-afghanistan-3590
न्यूयॉर्क में तूफान इडा का कहर, भारी बारिश और बाढ़ से 41 लोगों की मौत

न्यूयॉर्क में तूफान इडा का कहर, भारी बारिश और बाढ़ से 41 लोगों की मौत

वेब ख़बरिस्तान। तूफान इडा के प्रभाव से अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में जबर्दस्त बारिश से बाढ़ आ गई। बाढ़ के कारण 41 लोगों की मौत हो गई। बाढ़ के पानी में कई गाड़ियां डूब गईं और घरों में पानी भर गया। न्यूयॉर्क के पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि बाढ़ के बीच एक बेसमेंट में फंस जाने से कुल 8 लोगों की मौत हो गई।बुधवार की देर रात न्यूयॉर्क शहर और प्रांत के बाकी हिस्सों में इडा तूफान के मद्देनजर इमर्जेंसी की स्थिति घोषित कर दी गई। न्यूयॉर्क के मेयर बिल डी ब्लासियो ने बुधवार देर रात न्यूयॉर्क शहर में आपातकाल की स्थिति की घोषणा करते हुए कहा, 'हम आज रात शहर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, भयंकर बाढ़ और सड़कों पर खतरनाक परिस्थितियों के साथ एक ऐतिहासिक मौसम की घटना का सामना कर रहे हैं।' वहीं, गवर्नर कैथी होचुल ने भी न्यूयॉर्क प्रांत के लिए स्टेट इमर्जेंसी की स्थिति घोषित की।न्यूयॉर्क के एफडीआर ड्राइव और ब्रोंक्स रिवर पार्कवे बुधवार देर शाम तक जलमग्न थे। सबवे स्टेशनों और पटरियों पर बाढ़ का इतना पानी आ गया कि मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी ने सभी सेवाओं को निलंबित कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज में दिख रहा है कि शहर और उसके आस-पास प्रमुख सड़कों पर गाड़ियां अपनी खिड़कियों तक डूबी हुई हैं और सड़कों पर कचरा बह रहा है।

https://webkhabristan.com/world/hurricane-ida-wreaks-havoc-in-new-york-41-people-dead-due-to-heavy-rain--3584
तालिबान ने भारत की ओर बढ़ाया

तालिबान ने भारत की ओर बढ़ाया 'दोस्ती का हाथ', बोला- भरोसा कीजिए

वेब ख़बरिस्तान। तालिबान की कथनी और करनी में फर्क होगा या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, मगर अभी जो उसने कहा है, वह भारत के लिहाज से सुखद खबर है। तालिबान ने कहा है कि अफगान की धरती का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं होगा। तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद भारत को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने की अटकलों पर मंगलवार को विराम लगा दिया। कतर की राजधानी दोहा में भारतीय राजदूत से हुई बातचीत में तालिबान नेता शेर मोहम्मद स्टेनेकजई ने भरोसा दिलाया कि अफगान सरजमीं का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा।स्टेनेकजई दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय का प्रमुख है। वह 1980 के दशक में भारतीय सैन्य अकादमी से जुड़ा रह चुका है। रविवार को उसने भारत से सार्वजनिक रूप से आर्थिक एवं व्यापारिक रिश्ते बहाल करने का आह्वान किया था। बीते दो दिनों में स्टेनेकजई ने नई दिल्ली और दोहा, दोनों ही जगहों पर भारतीय नेतृत्व तक पहुंच बनाने की सार्थक कोशिश की। उसने बीते दो दशक में अफगानिस्तान के विकास में भारत की सकारात्मक भूमिका को भी सराहा है।स्टेनकजई के साथ हुई बैठक में कतर में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अफगानिस्तान में फंसे भारतीय नागिरकों की जल्द वापसी और भारत आने के इच्छुक अफगान नागरिकों, खासतौर पर अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने आतंकवाद को लेकर भारत की चिंता भी जाहिर की। मित्तल ने कहा कि अफगान सरजमीं का इस्तेमाल किसी भी रूप में भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए। इस दौरान स्टेनेकजई ने आश्वासन दिया कि तालिबान भारत की ओर से उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक रूप से कार्रवाई करेगा।तालिबान अफगानिस्तान में नई सरकार के गठन की शुक्रवार को घोषणा करेगा। तालिबान सैन्य आयोग से जुड़े एक सूत्र ने मंगलवार को यह जानकारी दी। लेकिन अभी तक यह तय नहीं हो सका है कि उस सरकार में कौन कौन शामिल होगा और उसका क्या स्वरूप होगा।

https://webkhabristan.com/world/taliban-wants-friendship-with-india-3557
अफगानिस्तान में आधी रात को अमेरिकी सैनिकों ने छोड़ा काबुल एयरपोर्ट, तालिबान ने मनाया जश्न

अफगानिस्तान में आधी रात को अमेरिकी सैनिकों ने छोड़ा काबुल एयरपोर्ट, तालिबान ने मनाया जश्न

वेब ख़बरिस्तान,काबुल। अफगानिस्तान से 12 बजने से पहले ही काबुल एयरपोर्ट से आखिरी अमेरिकी विमानों ने उड़ान भर ली। इसके साथ अफगानिस्तान में बीस साल पहले शुरू हुआ अमेरिका का युद्ध भी अब खत्म हो गया है।तालिबान के साथ हुआ था अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने का समझौता अमेरिका और तालिबान के बीच हुए समझौते के तहत अमेरिका को 31 अगस्त से तक पूरी तरह से अफगानिस्तान को छोड़ देना था। मगर अमेरिका ने चौबीस घंटे पहले ही अफगानिस्तान छोड़ दिया। जैसे ही अमेरिका के चार सैन्य परिवहन विमानों सी-17 ने काबुल एयरपोर्ट से उड़ान भरी, उसी समय तालिबान के लड़ाकों ने जश्न में फायरिंग शुरू कर दी।लोगों को लगा एयरपोर्ट पर हमला हुआ काबुल एयरपोर्ट के नजदीक रहने वाले लोगों को लगा कि शायद एयरपोर्ट पर एक और हमला हो गया है, मगर जल्द ही तालिबान द्वारा जारी किए संदेश से स्पष्ट हो गया कि ये जश्न में की गई गोलीबारी है। तालिबान समर्थकों ने ट्विटर पर लिखा- 'और अमेरिका चला गया, युद्ध समाप्त हुआ।'काबुल में तालिबान के प्रवक्ता अमानुल्ला वासिक ने बताया, 'काबुल के लोगों डरो मत, ये गोलियां हवा में दागी जा रही हैं। मुजाहिदीन आजादी का जश्न मना रहे हैं।'अमेरिका के विदेश मंत्री ने कहा – सेना की फ्लाइट रुक गई अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि आज हमने काबुल में अपनी कूटनीतिक मौजूदगी को निरस्त कर दिया है। अफगानिस्तान के साथ कूटनीतिक संबंध रखने के लिए हम दोहा, कतर में अपनी पोस्ट का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना की फ्लाइट्स रुक गई हैं और हमारी फौज अफगानिस्तान से रवाना हो चुकी है।अमेरिका अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय मदद पहुंचाता रहेगा। यह संयुक्त राष्ट्र और गैर-सरकारी संस्थाओं के जरिए किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि तालिबान या कोई और समूह हमारे इन प्रयासों में रुकावट नहीं डालेगा।एयरपोर्ट अब किसी के नियन्त्रण में नहींनोटिस टू एयरमैन ने आपात संदेश जारी कर कहा कि काबुल एयरपोर्ट अब किसी के नियंत्रण में नहीं है और यहां कोई एयर ट्रैफिक कंट्रोल भी नहीं है। यानि कि किसी विमान का यहां से उड़ना या उतरना सुरक्षित नहीं है। दूसरी ओर तालिबान ने कहा कि उसके स्पेशल फोर्स बदरी 313 ने काबुल हवाई अड्डे की सुरक्षा की कमान संभाल ली है।

https://webkhabristan.com/world/us-troops-leave-kabul-airport-at-midnight-in-afghanistan-taliban-celebrate-3552
न्यूजीलैंड में फाइजर का टीका लगवाने के बाद महिला की हुई मौत, सरकार ने बताया दुर्लभ साइड इफेक्ट

न्यूजीलैंड में फाइजर का टीका लगवाने के बाद महिला की हुई मौत, सरकार ने बताया दुर्लभ साइड इफेक्ट

वेब ख़बरिस्तान, वेलिंग्टन। न्यूजीलैंड में कोरोना वैक्सीन से जुड़ी मौत का पहला मामला सामने आया है। यहाँ फाइजर की वैक्सीन लगवाने के बाद एक महिला की मौत हो गई है। इंडिपेंडेंट वैक्सीन सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड ने कहा कि महिला की मौत शायद मायोकार्डिटिस की वजह से हुई। उस महिला को कुछ और भी मेडिकल समस्याएं थीं। इसे भी मौत के कारणों में गिना जा रहा है।ब्लड को हार्ट में पंप करने की क्षमता कम हो जाती हैमायोकार्डिटिस में हृदय की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है। इस वजह से ब्लड को हार्ट में पंप करने की क्षमता कम हो जाती है। दिल की धड़कन की लय में बदलाव हो जाता है, जिससे मरीज की मौत की आशंका बढ़ जाती है।हेल्थ मिनिस्ट्री ने इस मामले को रेयर साइड-इफेक्ट बताया और कहा कि देश में वैक्सीनेशन जारी रहेगा। फाइजर वैक्सीन से जब इसको लेकर जवाब मांगा गया है तो कंपनी ने अभी जवाब नहीं दिया।फाइजर वैक्सीन अमेरिका के वैज्ञानिकों ने बनाई फाइजर वैक्सीन को अमेरिकी वैज्ञानिकों ने तैयार किया है। ये वैक्सीन 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को भी लगाई जा रही है। न्यूजीलैंड में कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के कारण मामले बढ़ रहे हैं। देश की सीमाओं पर हाल फिलहाल जो मामले सामने आए हैं, वे सभी डेल्टा वैरिएंट ही थे। सीमाओं पर सख्त निगरानी की जा रही है। देश की 5 मिलियन आबादी में फिलहाल 560 संक्रमित मामले हैं। यहां की 23% आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है।

https://webkhabristan.com/world/woman-dies-after-getting-pfizer-vaccine-in-new-zealand-3539