श्रीलंका में हिंसा :भारत ने कहा- राजपक्षे परिवार के देश में शरण लेने की खबर अफवाह

हिंसक विरोध प्रदर्शन को काबू करने के लिए पूरे देश में कर्फ्यू लगाया गया

हिंसक विरोध प्रदर्शन को काबू करने के लिए पूरे देश में कर्फ्यू लगाया गया



श्रीलंका में गृहयुद्ध के हालात बन चुके हैं। लोगों का प्रदर्शन उग्र हो चुका है।

वेब खबरिस्तान, कोलंबो। बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में गृहयुद्ध के हालात बन चुके हैं। लोगों का प्रदर्शन उग्र हो चुका है। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के सरकारी आवास को घेरकर उसमें कई पेट्रोल बम फेंके। गाड़‍ियों को जला दिया। कई मंत्रियों के घर जला दिए गए हैं। अब तक करीब 200 लोग घायल हुए हैं जबकि 8 लोगों की मौत हो गई है। बता दें कि मरने वालों में एक सांसद भी शामिल हैं।

इंडियन ऐंबैसी ने बताया अफवाह 


बीते दिन राजपक्षे परिवार के भारत भाग आने की अफवाह गर्म रही। इंडियन ऐंबैसी ने इन खबरों को अफवाह और गलत करार दिया। ऐंबैसी ने बयान जारी कर कहा- हाल ही में मीडिया और सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाह फैलाई गई है कि कुछ राजनीतिक व्यक्ति और उनके परिवार भारत भाग गए हैं, जो कि सच नहीं है। 

कल खबर आई थी कि सेना ने आदेश जारी किया है कि उपद्रवियों को देखते ही गोली मार दी जाए। मगर श्रीलंकाई चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सेना के कमांडर जनरल शैवेंद्र सिल्वा ने कहा कि सेना किसी भी हालात में इस तरह के कदम नहीं उठाएगी। हिंसक विरोध प्रदर्शन को काबू करने के लिए पूरे देश में कर्फ्यू लगाया गया है।

प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे से देश में राजनीतिक शून्य पैदा हो गया है। इसे लेकर श्रीलंकाई निर्यातकों ने जल्द एक नई सरकार नियुक्त करने की मांग की है। 

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