ब्रेन डेड इंसान के शरीर में सूअर की किडनियों को किया ट्रांसप्लांट, पढ़ें पूरी खबर

ब्रेन डेड मरीज के शरीर में लगाई गई सुअर की दोनों किडनी

ब्रेन डेड मरीज के शरीर में लगाई गई सुअर की दोनों किडनी



अमेरिका के डॉक्टरों ने कमाल कर दिया है, उन्होंने एक ब्रेन डेड पेशेंट के शरीर में सूअर की किडनियों को ट्रांसप्लांट किया है और ये दुनिया के मेडिकल इतिहास में पहली बार हुआ है

 

वेब ख़बरिस्तान।  एक तरफ जहां पूरी दुनिया कोरोना का कहर झेल रही है, वहीँ अमेरिका के डॉक्टर इंसानों और जानवरों को लेकर नए-नए एक्सपेरिमेंट्स करने में लगे हुए हैं। आपको बता दें हाल ही में अमेरिका के डॉक्टरों ने कमाल कर दिया है। उन्होंने एक ब्रेन डेड पेशेंट के शरीर में सूअर की किडनियों को ट्रांसप्लांट किया है और ये दुनिया के मेडिकल इतिहास में पहली बार हुआ है। अब आप इस बात को सोच कर हैरान हो रहे होंगे की आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। लेकिन यह बात सच है, इतना ही नहीं कुछ दिनों पहले ही इंसान के शरीर में सूअर का दिल भी ट्रांसप्लांट किया गया था।

ब्रेन डेड घोषित इंसान की बॉडी में सूअर किडनियां लगाई गयी 


बता दें जिस व्यक्ति की बॉडी में किडनियां लगाई गई हैं उनका नाम जिम पार्सन्स है और उनकी उम्र 57(सत्तावन) साल है। वह बीते साल एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे जिसके बाद डॉक्टरों ने उनको ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। डॉक्टरों ने जिम पार्सन्स के परिवार वालों से ऑपरेशन को लेकर बातचीत की थी, तो वह राजी हो गए। इसके बाद पेशेंट की बॉडी में जेनेटिकली मॉडिफाइड सूअर की किड़नियां लगाई गईं। अब दोनों किडनियां पार्सन्स के शरीर में सही से काम कर रही हैं। वहीँ यूरिन का फ्लो सही बना हुआ है और इंसान के शरीर ने किडनी को रिजेक्ट नहीं किया। आपको बता दें अमेरिकन जर्नल ऑफ ट्रांसप्लांटेशन में 20 जनवरी को इस किडनी ट्रांसप्लांट की रिपोर्ट पब्लिश हुई थी। सबसे पहले एक्सपर्ट्स ने योजना बनाई थी कि किसी जीवित इंसान पर ही इसके प्रयोग का क्लीनिकल ट्रायल किया जाए, लेकिन सुरक्षा का ख्याल भी बेहद जरूरी था। इसलिए एक्सपर्ट्स ने ब्रेन डेड मरीज पर यह Experiment  किया और एक बड़ी सफलता हासिल की है।

क्या कहा डॉक्टरों की टीम ने 

वहीँ इसट्रांसप्लांट करने वाली टीम के एक डॉक्टर ने बताया कि यह प्रयोग सफल रहा है। हम इस बात से भी खुश हैं कि ब्रेन डेड मरीज के शरीर ने सुअर की किडनियों को रिजेक्ट नहीं किया। उसके शरीर में किडनी उसी तरह से काम करती रही, जैसे इंसान की सामान्य किडनी काम करती है। वह भी कई दिनों तक. अब डॉक्टर्स की टीम  इस ट्रांसप्लांट को लेकर क्लीनिकल ट्रायल करेगी, लेकिन उससे पहले कुछ छोटे-मोटे एक्सपेरिमेंट्स करने बाकी हैं।

Related Links