जानिए कौन है टीम इंडिया जगह बनाने वाली ज्योति... जापान में दिखाएंगी दम



जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में ले चुकी हैं हिस्सा, अब टोक्यो में लेंगी हिस्सा, 30 को शुरू होगा मुकाबला

खबरिस्तान नेटवर्क। जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में शामिल हो चुकीं कानपुर की हैंडबॉल प्लेयर ज्योति शुक्ला अब जापान के टोक्यो में होने वाली एशियन हैंडबॉल चैम्पियनशिप में हिस्सा लेंगी। यह मुकाबला 30 नवंबर को होने वाला है। ज्योति कानपुर की पहली महिला हैंडबॉल खिलाड़ी है, जिसका सिलेक्शन टीम इंडिया में हुआ है। ज्योति जापान में होने वाली एशियन हैंडबॉल चैम्पियनशिप में 14 देशों में इंडिया को रिप्रजेंट करेंगी। पिछले दो सालों से कड़ी मेहनत और अच्छे प्रदर्शन की बदौलत उन्हें आज ये मुकाम हासिल हुआ है।

कामयाबी के सफर की शुरुआत

ज्योति हैंडबॉल में बैक और पीपी डिफेंस के बीच की पोजिशन में खेलती हैं। इस वजह से टीम में अहम भूमिका है। 2008 में ग्रीनपार्क स्टेडियम में ट्रेनिंग के लिए अपने कोच के साथ आई थी। यहां ज्योति की मुलाकात हैंडबॉल एसोसिएशन के चेयरमैन रजत आदित्य दीक्षित से हुई। मात्र 3-4 महीने की ट्रेनिंग में ही ज्योति का खेल देख उसे लखनऊ के साई हॉस्टल भेज दिया गया, जो ज्योति की लाइफ का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। लगातार तीन साल तक की ट्रेनिंग के बाद ज्योति का सिलेक्शन यूपी टीम में हुआ।


यूपी टीम में अच्छे प्रदर्शन के बूते साल 2016 में इंटरनेशनल टूर्नामेंट ढाका में होने वाली साउथ एशियन चैम्पियनशिप के लिए जाने वाली टीम इंडिया में जगह पक्की हो गई। इसमें टीम ने गोल्ड मेडल जीता। 2016 में ही उज्बेकिस्तान के लिए चयनित टीम में भी जगह बनाई, लेकिन वहां सफलता नहीं मिली। अगले साल 2017 में स्वीडन खेलने गई। इसमें टीम ने कांस्य पदक जीता। 2017 में ही सिंगापुर गई भारतीय टीम में भी शामिल हुई।

बकौल ज्योति, महिलाएं खेल में देश का नाम रोशन कर रही हैं और मुझे विश्वास है कि कोरिया में भी देश का परचम लहराएंगी। भारतीय टीम का प्रशिक्षण शिविर उत्तर प्रदेश के अयोध्या के भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में 31 अक्टूबर से 20 नवंबर, 2022 तक आयोजित किया गया। शिविर में प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों को कड़ा अभ्यास कराया और खासकर खेल की तकनीक, इंडयोरेंस, स्टेमिना और गति में सुधार के लिए खास मेहनत की गई। मेरे खेल को देखते हुए मुझे जापान में आयोजित एशियन हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए नेशनल टीम में जगह दी गई। फिलहाल मैं अपनी तैयारियों में जुटी हूं, जापान रवाना होने से पहले मैंने फैजाबाद में आयोजित कैंप में भी हिस्सा लिया। जकार्ता में विपक्षी टीमों ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। जापान में सर्वश्रेष्ठ देकर देश का नाम रोशन करुंगी। मेरा लक्ष्य जापान फतह करना है। 30 नवंबर से 9 दिसंबर तक होने वाली एशियन हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए नेशनल टीम अपना दमखम लगाने की तैयारी में है।

परिवार का मिला सपोर्ट

ज्योति का परिवार कानपुर में रहता है। ज्योति भी वहीं रेलवे की टीम से खेलती थी, रेलवे की ओर से खेलते हुए नार्थ ईस्टर्न रेलवे टीम को गोल्ड मेडल जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। इससे पहले जकार्ता में आयोजित एशियन गेम्स में भी टीम के लिए प्रदर्शन बेहतरीन था। आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ा लेकिन कानपुर एसोसिएशन की मदद से ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। और खेल जारी रहा। परिवार का भी काफी सपोर्ट मिला।

नई जनरेशन के लिए मैसेज

नई जनरेशन के लिए यह मैसेज है कि जो भी सपना देखो उसको पूरा करने के लिए हर मुमकिन कोशिश करो। इंस्प्रेशन कहीं से नही मिला बस एक जुनून था खेलने का। खेल बचपन से ही पसंद था। हमेशा यही कोशिश रहती है कि स्पोर्ट में अपना 100% दूं।

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