Kiran Bedi Birthday: देश की पहली महिला IPS ऑफिसर, जिन्होंने कामों का मनवाया लोहा, जानें सबकुछ



देश की महिलाओं के लिए हैं प्रेरणा साथ ही अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की बल्कि गरीब लोगों की आवाज भी बनीं

खबरिस्तान नेटवर्क: किरण बेदी का नाम लेते ही उनके बुलंद कारनामे याद आ जाते हैं। इतना ही नहीं उनका नाम एक जानी-मानी पर्सनेलिटीज में भी गिना जाता है। उन्होंने न सिर्फ अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की बल्कि गरीब लोगों की आवाज भी बनीं। जी हाँ भारत की पहली महिला आईपीएस ऑफिसर के तौर पर खुद की पहचान बनाने वाली किरण बेदी का आज यानि 9 जून को जन्मदिन है। किरण बेदी एक सोशल एक्टिविस्ट, टेनिस खिलाड़ी और राजनीतिज्ञ के रूप में काफी एक्टिव रही हैं।

बहुत सी डिग्री हासिल की  

अपने सराहनीय प्रयासों के लिए किरण बेदी को अब तक कई सम्मान मिल चुकें हैं। बता दें किरण बेदी 9 जून 1949 को पंजाब में पैदा हुई थीं। अमृतसर के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एनसीसी ज्वॉइन करी। इसके बाद उन्होंने उन्होंने इंग्लिश में बीए ऑनर्स भी किया। पंजाब यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में उन्होंने एमए करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई भी की।

स्पोर्ट्स में था शौक

टीनएज से ही किरण बेदी को टेनिस खेलने में काफी रूचि थी। बता दें कि 1966 में वह नेशनल जूनियर टेनिस चैंपियन में अपना नाम दर्ज करा चुकी थी।  1965 से 1978 के बीच किरण बेदी ने स्टेट और नेशनल लेवल के कई टाइटल भी अपने नाम किये।

President के Police Medal से हुई थीं सम्मानित


भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनने के बाद किरण ने दिल्ली, गोवा, चंडीगढ़ और मिजोरम में अपनी सेवाओं का लोहा मनवाया। 1979 में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें President के Police Medal से नवाजा गया। किरण बेदी की छवि एक बेहद अनुशासनप्रिय और सख्त ऑफिसर बन चुकी की थी। जब उन्हें पश्चिमी दिल्ली में तैनात किया गया, तो क्राइम अगेंस्ट वुमन में बहुत ज्यादा कमी आ गई थी।

ट्रैफिक व्यवस्था में भी किया अच्छा काम

1982 के दौरान होने वाले एशियन गेम्स के दौरान किरण बेदी को ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी का काम दिया गया था। वहीँ दिल्ली की डीसीपी रहते हुए उन्होंने drug abuse के खिलाफ मुहिम छेड़ी थी, जो बाद में Navjyoti Delhi Police Foundation में तब्दील हो गया। इसके अलावा उन्होंने गरीब लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए India Vision Foundation की भी स्थापना की।

रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड सम्मान भी मिल चूका है

मई 1993 में किरण बेदी दिल्ली की जेलों की इंस्पेक्टर जनरल बन कर रही। इस दौरान उन्होंने तिहाड़ जेल में कई सुधार कार्यक्रमों की शुरुआत की, जिससे उन्हें देश ही नहीं, दुनियाभर में पहचान मिली। इसके लिए उन्हें 1994 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से नवाजा गया था।

बहुत से अवॉर्ड्स मिल चुकें हैं

किरण बेदी को मिलने वाले अवार्ड्स की लिस्ट काफी लंबी है। उन्हें अपनी अभूतपूर्व सेवाओं के लिए 1979 में राष्ट्रपति के Gallantry Award मिला। 1979 में ही उन्हें वुमन ऑफ द इयर के सम्मान से भी नवाजा गया। 1991 में उन्हें नशाबंदी की मुहिम के लिए Asia Region Award for Drug Prevention and Control से सम्मान दिया गया था।

महिलाएं लेती हैं आज भी इंस्पिरेशन

किरण बेदी ने देश को आगे बढ़ाने के लिए जिस साहस और दृढ़ता का परचम पूरे देश में लहराया, वह आज के समय की महिलाओं के लिए एक बड़ी इंस्पिरेशन है। अपने भाषणों में भी उन्होंने महिलाओं को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और कड़ी मेहनत के साथ जीवन को बेहतर बनाने के लिए हमेशा प्रेरित किया है।

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