वूमनिया

करवाचौथ पर साड़ी पहनकर खुद को दें ट्रेडिशनल लुक

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जोर्जेट साड़ी से लेकर कांजीवरम साड़ी में करें flaunt

फेस्टिवल सीजन में बोल्ड मेकअप से करें फ्लॉन्ट

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आईज मेकअप से लेकर फेस ब्लशर का रखें ध्यान


एक विदेशी महिला ने डिजाईन किया था परमवीर चक्र

एक विदेशी महिला ने डिजाईन किया था परमवीर चक्र

वेब ख़बरिस्तान। परमवीर चक्र के बारे हम सभी जानते हैं। इस चक्र को युद्ध में बहादुरी के लिए दिया जाता है। इसे भारत का सर्वोच्च शौर्य सैन्य अलंकरण भी कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस चक्र को किसने डिजाईन किया था। आपका जवाब होगा नहीं। मेरा भी यही था। लेकिन आज हम आपको इस चक्र के डिज़ाइनर के बारे में बताने वाले हैं। इस सर्वोच्च सैन्य सम्मान यानि परमवीर चक्र का डिजाइन तैयार किया था। एक विदेशी महिला ने किया था डिजाईन आपको जान कर हैरानी होगी की एक विदेशी महिला ने इस परमवीर चक्र को डिजाईन किया था। जिसका नाम था सावित्री विक्रम खानोलकर। इस महिला का शादी से पहले नाम इवा योन्ने मैडे डीमारोस था। लेकिन, उन्होंने भारतीय इंडियन आर्मी में कैप्‍टन रहे विक्रम रामजी खानोलकर के साथ शादी करने के बाद अपना नाम सावित्री विक्रम खानोलकर रख लिया था। सावित्री विक्रम खानोलकर का जन्म स्विट्जरलैंड में 20 जुलाई 1913 को हुआ था। साल 1932 में उन्होंने विक्रम रामजी खानोलकर से शादी के बाद भारत में ही रहने का फैसला किया था। परमवीर चक्र समेत और भी चक्कार के डिजाईन किये थे तैयार ऐसा कहा जाता है कि आजादी के बाद जनरल मेजर जनरल हीरा लाल अटल ने सावित्री से परमवीर चक्र को डिजाइन करने के लिए बोला था। आपको बता दें एक विदेशी महिला होने के बावजूद सावित्री बाई खानोलकर को भारतीय संस्‍कृति और वेदों की गहरी जानकारी थी। जिस कारण सावित्री को यह काम करने के लिए बोला गया था और सावित्री ने इस काम को बखूबी निभाया भी था। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि परमवीर चक्र के साथ-साथ उन्होंने महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र, शौर्य चक्र और अशोक चक्र के डिजाईन भी तैयार किये थे। आखिर कौन थे सावित्री विक्रम खानोलकर और विक्रम रामजी खानोलकर सावित्री विक्रम खानोलकर और कैप्‍टन विक्रम रामजी की लाइफ स्टोरी काफी interesting थी। आपको बता दें विक्रम रामजी यूनाइटेड किंगडम में मिलिट्री की ट्रेनिंग ले रहे थे, उसी दौरान उनकी मुलाकात सावित्री से हुई और फिर कुछ दिनों की मुलाकात के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। वहीँ सावित्री के पिता इस रिश्ते से खुश नहीं थे। ऐसे में सावित्री शादी के लिए अपने पिता तक से लड़ पड़ी थी और फिर साल 1932 में दोनों ने शादी कर ली थी।

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नेल आर्ट टूल किट से बनाये अपने नाखूनों को सुन्दर

नेल आर्ट टूल किट से बनाये अपने नाखूनों को सुन्दर

वेब ख़बरिस्तान। फैशन की दुनिया में बहुत कुछ आता जाता है। इसी कड़ी में आज कल शामिल ही नेल आर्ट। आज कल इस आर्ट का इतना ट्रेंड चल रहा है की लेडीज ने अब तो घर पर ही नेल आर्ट करना शुर कर दिया है। इतना ही नही जो महिलाएं वर्किंग है वह मार्किट में सलून में जाकर नेल आर्ट करवा रही हैं। कहने का मतलब है कि सभी पर नेल्स को सुंदर बनाने का जनून सवार हैं। वैसे नेल आर्ट बनाना बहुत ही आसान है और इसके लिए आपको सिर्फ नेल आर्ट किट की जरुरत होती है। जिसकी हेल्प से आप अपने अनुसार नाखूनों पर आर्ट कर सकती हैं। आपको बता दें इस किट में कुछ खास चीजों का होना बहुत ही जरुरी है। तो आज आपको इस ख़बर में नेल आर्ट टूल्स के बारे में बताने वाले हैं। नेलपेंट रिमूवर है बहुत जरूरी जैसे फेस मेकअप को हटाने के लिए फेस रिमोवर या क्लेंसेर की जरूरत होती है। वैसे ही नेल पोलिश को नाखूनों से हटाने के लिए रिमूवर की जरुरत होती है। इसके लिए नेल पॉलिश रिमूवर या वाइप्स का यूज़ किया जाता है। नेल पेंट रिमोवर वाइप्स को काफी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। आपको बता दें कि इसमें एसीटोन और एल्कोहल मौजूद नहीं होता है। डॉटिंग टूल्स है फायदेमंद नेल्स पर किसी भी तरह का डिजाईन या आर्ट बनाने के लिए नेल आर्ट किट में डॉटिंग टूल्स का होना बेहद जरुरी है। यह नाखूनों पर डॉट बनाने में हेल्प तो करता ही है साथ ही अलग अलग तरह की डिजाईन बनाने में आसानी रहती है। यह डॉटिंग टूल्स आपको मार्किट में आसानी से मिल जायेंगे। टोपकोट और बेसकोट एक दशक पहले तक नाखूनों में सिर्फ नेल पोलिश ही लगाई जाती थी। लेकिन अब नेल आर्ट इतनी ट्रेंडिंग हो गयी है की इसको करवाने से पहले अच्छी क्वालिटी और जल्दी सूखने वाला टोपकोट लगाना जरूरी हो गया है। आपको बता दें टोपकोट की मदद से आप अपने नाखूनों पर शाइन ला सकती है। अपने नेल्‍स के हिसाब से बेसकोट शामिल करें। आपके नाखूनों को अगर कैल्शियम की जरुरत है तो कैल्शियम बिल्डर की हेल्प लेनी चाहिए। इसके लिए नेल पेंट लगाने से पहले बेसकोट लगाना बिल्‍कुल नहीं भूलना चाहिए। एसेसिरिज लगाने के लिए टूथपिक यूज़ की जाती है टूथपिक का यूज़ नाखूनों पर अलग अलग तरह तरह की एसेसिरिज को लगाने के लिए किया जाता है। आपको बता दें नाखूनों पर एसेसिरिज लगाने के लिए टूथपिक का यूज़ करना बिलकुल सही है एसेसिरिज लगाने के लिए इसकी हेल्प से आप आसानी से एसेसिरिज लगा सकते है। इसके साथ ही यह डॉट बनाने में भी काफी अच्छा साबित होता है। छोटी कैंची और चिमटी नेल आर्ट करने के लिए बहुत सी चीजों की जरुरत पड़ती है जिसे नेल आर्ट करते समय आप नाखूनों पर लगाती हैं। इन चीजों को लगाने के लिए एक छोटी कैंची बहुत काम आती है क्योंकि कई बार वह आपके नाखून के हिसाब से बढ़ी होती है। चिमटी का यूज़ नाखूनों पर छोटी छोटी चीजों को लगाने के लिए किया जाता है। इस ख़बर में दी गयी जानकारी आपको जागरूकता मात्र के लिए दी गयी है। अगर आप अपने नाखूनों को और भी बेहतर और सुन्दर बनाना चाहते हैं तो एक बार नेल आर्ट एक्सपर्ट से जरूर संपर्क करें।

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हाई हील्स के साथ साथ बहुत से फुटवियर देते हैं बॉडी को नुकसान

हाई हील्स के साथ साथ बहुत से फुटवियर देते हैं बॉडी को नुकसान

वेब ख़बरिस्तान। stylish दिखना किसे पसंद नहीं होता। हर महिला खुद को बेहद स्टाइलिश दिखना चाहती है फिर चाहे वह बालों की बात हो या फिर कपड़ों की, इतना ही नहीं महिलाएं फुटवियर पर भी बहुत ध्यान देती हैं। हर छोटी से छोटी डिटेल पर फोकस करती हुई स्टाइल स्टेटमेंट क्रिएट करना उनको काफ़ी पसंद होता है। लेकिन आपको बता दें फुटवियर केवल स्टाइल के लिए ही नहीं होते बल्कि वह पहनने में कितने comfortable हैं उस बात पर भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर जूते के कंफर्ट को दरकिनार कर दिया जाए तो स्टाइलिश फुटवियर कैरी करने का भी कोई लाभ नहीं मिलता। उल्टा यह हमारी बॉडी को नुकसान देते हैं। बहुत बार यह सुनने में आता है की हाई हील्स हमारे पैरों को नुक्सान देते हैं। लेकिन सिर्फ हाई हील्स ही नहीं बल्कि ऐसे बहुत से फुटवियर हगें जो हमारे पैरों के साथ साथ हमारी हेल्थ पर भी बुरा असर डालते हैं। ऐसे ही फुटवियर के बारे में आपको बताते हैं। फ्लैट शूज का comfortable होना कहते हैं फ्लैट शूज पहनने में सबसे ज्यादा कंफर्टेबल होते हैं। लेकिन कभी-कभी फ्लैट शूज भी पैरों को नुकसान देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके पास कोई आर्च सपोर्ट नहीं रहता है। जिसके कारण घुटनों और पीठ में दर्द का अनुभव होने लगता है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि आप फ्लैट जूतों को पहनना ही छोड़ देंगे। इसके लिए जरूरी है कि आप केवल ऑर्थोटिक इंसर्ट खरीद लें और फिर उसे फुटवियर पर इंसर्ट करके फ्लैट शूज को आराम से पहन सकते हैं। इससे आपके पैरों की स्थिति को बेहतर हो पायेगी। डेली प्लेटफार्म जूतें पहनना हो सकता है नुक्सानदायक प्लेटफार्म जूते पहनने में अच्छे तो लगते हैं। लेकिन यह शूज अधिक फ्लेक्सिबल नहीं होते हैं। इनमें कठोर फुट बेड होने के कारण यह पैरों में दर्द होने का कारण बनते हैं। ऐसे में अगर इन्हें हर दिन पहना जा रहा है तो इससे पैरों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह आपके वॉकिंग के मैकेनिज्म को भी बिगाड़ सकता है। इसलिए इसे सोच समझ कर और कभी-कभार ही पहनना चाहिए। उंगलियां दर्द का कारण हैं प्वाइंटेड शूज प्वाइंटेड शूज पहनने के लिए थोड़ी प्रैक्टिस की जरूरत होती है। यह शूज देखने में बेहद ही स्टाइलिश लगते हैं और एक फेमिनिन टच भी देते हैं। लेकिन लंबे समय तक प्वाइंटेड शूज पहनना पैरों के लिए नुक्सानदायक होता है। वे बहुत टाइट होने के कारण पैरों की उंगलियों पर बहुत अधिक दबाव डालते हैं जिससे उंगलियां दर्द करने लगती है। जिन लोगों को यह शूज पहनने की आदत नहीं उनको इसे पहनने से पहले थोडा ध्यान रखना होगा। इसलिए, अगर आप प्वाइंटेड शूज पहनने का मन बना रही हैं, तो उसे कैरी करने से पहले यह चेक जरूर करें कि उसमें आपके पैर पूरी तरह से कंफर्टेबल हो रहे हैं या नहीं। हल्के और सॉफ्ट रनिंग शूज हरदम पहनना जब भी रनिंग करें तो रनिंग शूज पहनना ही लाभदायक होता है। रनिंग शूज के लिए सॉफ्ट और हलके जूते ही होने चाहिए, वर्ना वाक करते टाइम पैर दर्द होने शुरू हो सकते हैं। आपको बता दें कुछ महिलाएं रनिंग शूज को हर दिन और हर टाइम पहनना शुरू कर देती हैं क्योंकि वे बहुत आरामदायक और हल्के होते हैं। लेकिन यह आपके पैरों को प्रभावित भी करते हैं क्योंकि वे बहुत लचीले और नरम होते हैं। बेहतर होगा कि आप रनिंग शूज को केवल रनिंग के लिए ही रहने दें। इस ख़बर में दी गयी जानकारी आपको जागरूकता मात्र के लिए दी गयी है। अगर आपको पैरों से सम्बंधित कोई दिक्कत या परेशानी चल रही है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें और अपने पैरों के लिए एक बेहतर विकल्प ढूंढे।

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स्किन केयर मिस्टेक्स कर सकते हैं आपके पोर्स को लार्ज

स्किन केयर मिस्टेक्स कर सकते हैं आपके पोर्स को लार्ज

वेब ख़बरिस्तान। आज की लाइफ स्टाइल में हर महिला अपनी स्किन का बहुत ध्यान रखती है। जिसके लिए वह घरेलू उपाय से लेकर मार्किट के प्रोडक्ट्स का यूज़ करती है। लेकिन इस बीच बहुत सी महिलाएं अपनी स्किन का ज्यादा ध्यान रखने के चक्कर में ख़राब भी कर लेती हैं। जिसमे सबसे ज्यादा प्रॉब्लम लार्ज स्किन पोर्स की सामने आती है। तो आज इस लेख में हम कुछ ऐसी ही स्किन केयर मिसटेक्स के बारे में बता रहे हैं, जो लार्ज स्किन पोर्स का कारण बनती हैं और जो हर महिला को जानना बेहद जरूरी है। ब्लोटिंग पेपर का यूज़ ऑयली स्किन वाली महिलाएं अक्सर अपनी स्किन को लेकर बहुत ज्यादा ही परेशान रहती हैं। ज्सिके लिए वह बहुत से नुस्खे अपनाती हैं। जिसमे से वह ब्लोटिंग पेपर का सहारा लेती हैं। इसमें एक्स्ट्रा ऑयल को अब्जॉर्ब करने में काफी हेल्प मिलती है। लेकिन आपको बता दें इसके बार-बार यूज़ से स्किन नुकसान भी होता है। दरअसल हर स्किन के लिए तेल की एक पतली परत का होना जरूरी है। लेकिन जब आप ब्लोटिंग पेपर का यूज़ करके इसे लगातार हटाने की कोशिश करते हैं। तो आपकी त्वचा को ऑयल का अधिक उत्पादन करना पड़ता है। इससे फेस के पोर्स यानि रोम छिद्र बंद हो जाते हैं जिसके कारण वे बड़े होने लगते है। स्किन को ओवर एक्सफोलिएट करना स्किन को बाहरी गंदगी से बचाने के लिए एक्सफोलिएट करना बहुत जरूरी है। डेली रूटीन में एक्सफ़ोलीएटिंग गंदगी, डेड सेल्स और फेस आयल को हटाने में हेल्प करता है जो आपके पोर्स को ब्लॉक कर उसको छोटा करता है। लेकिन ओवर एक्सफोलिएशन स्किन को नुकसान भी देता है। आपको बता दें इस रूटीन को वीक में केवल 1-2 बार ही करना चाहिये। जरूरत से अधिक बार एक्सफ़ोलीएटिंग करने से स्किन ड्राई होने लगती है और पोर्स ओपन होने शुरू हो जाते हैं। जिसके कारण बाहरी धूल मिट्टी फेस पर लगती है और पोर्स क अन्दर चली जाती है जिससे पोर्स बड़े हो जाते हैं। मेकअप को रीटचअप करना जब भी हम मेकअप करते हैं कोशिश रहती हैं की हमें दोबारा से टचअप न करना पड़े। लेकिन अगर फिर भी जरूरत होती है तो हम हल्का सा टचअप कर लेते हैं। आपको बता दें बार-बार और हर थोड़ी देर में टचअप करने से फेस पर पाउडर की लेयर बी जाती है जो साफ़ साफ़ नजर आने लगती है। दरअसल, स्किन तेल का उत्पादन करती है और त्वचा को लगातार पाउडर से थपथपाने से तेल, गंदगी और मेकअप की एक परत बन जाती है। जिससे स्किन पर ब्रेकआउट्स व पिंपल्स आदि की समस्या शुरू हो जाती है। इसलिए कोशिश करें कि जब भी मेकअप करें बार बार टचअप न करें। इस ख़बर में दी गई जानकारी आपको जागरूकता मात्रा के लिए दी गयी है।

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दाढ़ी को बनाया ताकत, बनी एक फेमस मॉडल

दाढ़ी को बनाया ताकत, बनी एक फेमस मॉडल

वेब ख़बरिस्तान। अक्सर हर लड़की का सपना होता है कि वह दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की लगे। लेकिन दुनिया में अगर हर चीज हमारे मन मुताबिक मिल जाये तो बात ही क्या रह जाती है। सोचिए अगर आप घर से बाहर किसी वॉशरूम में जाएँ और आपको वहां कोई दाढ़ी वाली लड़की दिख जाये तो आप हो जायेंगे न एक दम से हैरान। आपके मन में उस टाइम बहुत से सवाल उठ जायेंगे। आपको ऐसा लगेगा कि कहीं आप ही गलत वाशरूम में तो नहीं आ गये। आपको बता दें इस दुनिया में एक ऐसी मॉडल है जिसके पूरे शरीर में बाल ही बाल हैं। फेस से लेकर पैरों तक सिर्फ काले रंग के बाल ही दिखाई देते हैं। आज हम आपको बताने वाले हैं उस लड़की की कहानी जिसने खुद को इस दुनिया के सामने प्रूफ किया। मॉडल से लेकर मोटिवेशनल स्पीकर ब्रिटेन में रहने वाली इस लड़की का नाम हरिनाम कौर है। यह लड़की दाढ़ी के कारण गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज़ करवा चुकी हैं। आपको बता दें हरिनाम अपने सोशल मीडिया पर आये दिन पोस्ट डालती रहती हैं और एक सफ़ल सोशल मीडिया स्टार और मॉडल भी हैं। इतना ही नहीं हरिनाम कौर मॉडलिंग करने के साथ साथ एक मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। उनकी फोटोज की बात करें तो बहुत सी मैगज़ीन में छप चुकीं हैं। लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए हमेशा ही आतुर रहते हैं। पब्लिक प्लेसेस पर जाने से कतराती थी आज पूरी दुनिया में भले ही हरिनाम कौर एक जाना माना नाम है, या फिर यूँ कहें कि वह एक सफ़ल महिला हैं। बहुत सी महिलायों के लिए प्रेरणा बन चुकीं हैं। लेकिन एक समय था जब वह घर से बाहर निकलने तक में कतराती थी। ऐसा इसलिए क्यूंकि उनके फेस पर दाढ़ी थी और जिस कारण वह बहुत ही ज्यादा परेशान रहती थीं। लोग उन्हें हें भावना से देखा करते थे। दाढ़ी के कारण वह पब्लिक प्लेसेस में भी नहीं जा पाती थी। फिर एक दिन उन्होंने अपनी इसी कमी को पूरी दुनिया के सामने ताकत बना कर पेश किया। एक बीमारी से ग्रस्त हैं हरिनाम कौर आपको बता दें हरिनाम कौर जब बारह साल की थीं तभ उन्हें पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम नाम की एक बीमारी लग चुकी थी। इस बीमारी की वजह से उनके पूरे शरीर पर अन्य लड़कियों के मुकाबले ज़्यादा बाल आने लग गये थे और बाल धीरे धीरे बढ़ने भी लग गये थे। फेस पर लड़कों की तरह दाढ़ी आने लग गयी थी। जिस वजह से बहुत कुछ सहन करना पड़ता था। लड़के तो मजाक बनाते ही लेकिन लड़कियां भी टोंटिंग करने में पीछे नहीं थी। स्कूल की क्लास में लड़कियां इनका मज़ाक उड़ाती थी। स्कूल में इन्हें बहुत परेशान भी किया जाता था। स्कूल के अलावा पड़ोसी, रिश्तेदार, सभी हरिनाम का मज़ाक उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ते थे। आखिरकार ज़िन्दगी को अपने असली स्वरुप में स्वीकारा बड़े होते होते हरिनाम अपनी दाढ़ी को लेकर इतनी ज्यादा परेशान हो चुकी थी की दही को रोकने के लिए हर तरह के उपाय try करती रहती थी। जिसमे बालों को रोकने वाली कई क्रीम का लगाना, दाढ़ी को बार बार कटवाना और वैक्स तक करवाना। मगर इन सभी चीजों का कोई फायदा नहीं होता था। बीमारी इतनी तेजी से फ़ैल रही थी की फेस पर बालों का रोकना नामुमकिन हो गया था। आखिरकार अंत में हरिनाम को यह एक्सेप्ट करना पड़ा की दाढ़ी हमेशा के लिए फेस पर रहेगी। जिसके चलते उन्होंने दाढ़ी को काटना ही बंद कर दिया। हरिनाम ने अपनी ज़िंदगी को वैसा ही चुना जैसे वो थी। बहरहाल आज हरिनाम एक फेमस सोशल मीडिया स्टार बन चुकी हैं। इनकी हर पोस्ट बहुत तेजी से वायरल होती हैं। फैशन की दुनिया में इनका नाम बहुत आगे तक पहुँच चूका है।

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ऑर्गेंजा साड़ी

ऑर्गेंजा साड़ी' देती है यूथफुल लुक

वेब ख़बरिस्तान। हर उम्र की लेडी को साड़ी पहनना पसंद होता है। लेकिन बहुत बार ऐसी साड़ियाँ होती है जो हर कोई नहीं पहन पाता है। जिसमे सबसे ज्यादा दिक्कत आती है वह है ओर्गंज़ा साड़ी। यूँ तो ओर्गंज़ा साड़ी इनदिनों मार्किट में भरमार है। आपको बतादें यह एक लाइट वेट साड़ी होती है। इसके प्रिंट भी लाइट होते हैं और सी-थ्रू होने की वजह से यह थोड़ा यूथफुल लुक देने में सक्षम है। मगर बहुत सारी महिलाओं की शिकायत होती है कि जब वह ऑर्गेंजा साड़ी पहनती हैं, तो उसकी लोअर प्‍लेट्स अच्‍छे से नहीं बनती हैं और सी-थ्रू पल्लू को कैरी करने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है। तो आज हम आपको कुछ खास टिप्स देने वाले हैं जिसकी हेल्प से आप भी ओर्गंज़ा साड़ी का लुत्फ़ उठा सकते हैं। मोटी महिलाएं कैसे दिखें ओर्गंज़ा साड़ी में स्लिम बहुत सी लेडीज की यह शिकायत होती है कि इस साड़ी को पहन कर वह काफी मोटी लगती हैं। आपको बता दें ऑर्गेंजा एक ऐसा फैब्रिक है, जिसमें काफी वॉल्‍यूम होता है। जब भी आप इस साड़ी को पहन रही हैं, तो पेटीकोट अपने साइज का पहनें। हो सके तो थोडा फिटिंग वाला ही पेटीकोट डालें। बेस्‍ट है बाजार में मिलने वाले स्‍ट्रेचेबल पेटीकोट जो जो इस सर्रे को एक अच्छी लुक देते हैं। पेटीकोट साड़ी के रंग से मैच करता हुआ ही पहने। ऑर्गेंजा साड़ी की लोअर प्‍लेट्स का रखें ध्यान इस साड़ी में सबसे ज्यादा प्रॉब्लम इसकी लोअर प्‍लेट्स बनाने में आती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक पहली प्‍लेट अगर सही बनती है और स्‍ट्रेट होती है, तो बाकी की प्‍लेट्स बनाने में दिक्‍कत नहीं होती। इसके लिए पहली प्‍लेट को पेटीकोट में टकइन करके नीचे से बाकी की प्‍लेट्स बनाएं और फिर उन्‍हें सेट करते हुए लोअर प्‍लेट्स को टकइन जरूर करें। ऐसा करने पर प्‍लेट्स अपनी जगह हिलती नहीं है और न ही फिसलती हैं। ओर्गंज़ा साड़ी में पल्‍लू ड्रेपिंग में प्लेट्स नहीं बनाएं यह साड़ी इतनी हलकी और फूली हुई होती है की इसका पल्ला बबुत ही आसानी से संभलता नहीं है। इस साड़ी के पल्लू को प्लेट्स में भी नहीं बांध सकते। आपको बता दें कि ऑर्गेंजा साड़ी में शोल्‍डर प्‍लेट्स बिलकुल भी अच्छी नहीं लगती। बहुत ही फूली हुई होने के वजह से इसे ओपन फॉल स्‍टाइल पल्‍लू कैरी करना चाहिए। इसके अलावा ओपन पल्‍लू को संभाला नहीं जा रहा है तो शोल्‍डर पर पिन लगा कर पल्‍लू के किनारे पर एक ब्रॉड प्‍लेट बनाकर उसे शोल्‍डर पर पिनअप कर लेना चाहिए।

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सिल्क से लेकर नेट शीयर की साड़ियाँ लगती हैं कमाल, रखें ख्याल

सिल्क से लेकर नेट शीयर की साड़ियाँ लगती हैं कमाल, रखें ख्याल

वेब ख़बरिस्तान। फैशन की दूनिया में हर रोज कुछ न कुछ नया फैशन आता ही रहता है। फिर चाहे वह वेस्टर्न हो या फिर इंडियन। अगर इंडियन एथनिक वियर की बात करें तो साड़ी एक ऐसा पहनावा है, जो हमेशा से ही भारतीय महिलाओं को उनकी एक अलग पहचान दिलाता है। हर ऐज ग्रुप की लड़की को साड़ी का क्रेज होता है। लेकिन आपको बता दें साड़ी और कपड़ों के तुलना में थोड़ी ज्यादा केयर मांगता है। ताकि वह लंबे टाइम तक चल सके और नयी जैसी दिख सके। इसके लिए कुछ टिप्स हम आपको बताने वाले है जिसको अपनाकर आप अपनी साड़ियों की देखभाल कर सकते हैं। नेट यानि शीयर लुक साड़ी माधुरी दीक्षित ने black कलर की शीयर नेट की साड़ी पहनी हुई है। अगर आपके पास भी इस तरह की कोई भी साड़ी है तो उसे गलती से भी कभी मशीन में नहीं धोना चाहिए। वर्ना ये बर्बाद हो सकती है। इसकी जगह इसे ड्राइ क्लीन करवाना ही सही है। इसके आलावा इसको हल्के प्रेशर के साथ हाथों से धो लेना चाहिए। इसे धूप से भी बचाना चाइये। डायरेक्ट धूप में सूखने नहीं डालना चाहिये। इसको फोल्ड करते समय बीच में बटर पेपर या फिर कोई अखबार का कागज रखें। इसे ज्यादा दिनों तक हैंगर पर टांगने से भी बचना चाहिये, नहीं तो इस पर क्रीज बन सकती है, जिसे हटाने में काफी मुश्किल आती है। सिल्क को कीड़े से बचाएं सिल्क साड़ियाँ दिखने में जितनी ग्रेसफुल और एलिगेंट होती हैं उतनी ही डेलिकेट भी होती है। नोरा फतेही ने लाइट कलर की सिल्क की साड़ी पहनी हुई है जिसमे वह बहुत ही सुन्दर लग रही हैं। आप भी सिल्क साड़ी पहनने की शौक़ीन है तो उसकी केयर भी बहुत जरूरी है। आपको बता दें सिल्क साड़ियां बेहद खास मौके पर ही पहनी जाती है इसको बहुत ही ध्यान से रखा जाता है। ताकि वो लंबे समय तक इस्तेमाल में लाई जा सकें। अगर आप भी चाहती हैं कि आपकी सिल्क साड़ियां भी आपकी आने वाली पीढ़ियां पहनें तो अपनी साड़ियों को सही तरीके से स्टोर करें। इसके लिए इसे किसी भी सूटकेस में रखने की बजाय हैंगर में टांग कर रखें। साथ ही इसे किसी अच्छी पैक अलमारी में रखें क्योंकि सिल्क साड़ियां बहुत जल्दी गंदी हो जाती हैं। सिल्क की साड़ी को रखने के लिए मार्किट में अलग अलग तरह के बग्स मिलते है। उसमे में भी रख सकते हैं। सिल्क साड़ी को कीड़े से बचाने के लिए उसके पास नेप्थलीन बॉल जरुर रखें। शिफॉन को वाशिंग मशीन में नहीं धोना चाहिये शिफॉन बेहद नाजुक फैब्रिक होता है। इसी वजह से इसे वाशिंग मशीन में धोने की बजाय हाथ से धोना चाहिये। सर्फ की जगह इसे जेंटल में थोड़ी देर भिगो कर रख दें फिर हलके हाथों से मसल कर पानी से निकाल लें। इसके अलावा इसे हैंगर पर टांगने की जगह, फोल्ड करके ही रखें। इसके साथ वर्क वाली हैवी साड़ियां या कोई अन्य कपड़ा न रखें, नहीं तो शिफॉन उसमें फंसकर फैट भी सकता है। अगर आपके पास बटर पेपर है, तो साड़ी को उसमें जरूर रखें।

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हेयर कलर में मौजूद हार्मफुल इंग्रीडिएंट्स बिगाड़ सकते हैं आपके बालों का हाल

हेयर कलर में मौजूद हार्मफुल इंग्रीडिएंट्स बिगाड़ सकते हैं आपके बालों का हाल

वेब ख़बरिस्तान। ट्रेंड के साथ हर लेडी चलना चाहती है और खुद को स्मार्ट और stylish दिखाने के लिए बहुत तरह के जतन भी करती है। कुछ ऐसा ही ट्रेंड आज लगभग हर महिला कर रही जिसमे वह अपने बालों को कलर करा के डिफरेंट लुक देने की कोशिश कर रही है। लेकिन इस बीच महिलाएं यह भूल रही हैं की यह hair कलर्स हमारे बालों को कितना नुक्सान देते हैं और इसमें यूज़ होने वाले इंग्रीडिएंट्स बालों को रफ और बेजान बनाते हैं। ऐसे में इन कलर्स के इंग्रीडिएंट्स की जांच करना बेहद जरूरी है। यूं तो महिलाएं हेयर कलर करवाने के लिए पार्लर का रूख करती आईं हैं, लेकिन पिछले डेढ़ सालों में चीजें बहुत तरह से बदल चुकी हैं। उसका कारण महिलाओं ने अपने ब्यूटी और हेयर केयर करना खुद ही सीख लिया है। आज के समय में अधिकतर महिलाएं खुद घर पर ही हेयर कलर करना पसंद कर रही हैं। इससे उनके पैसों व समय की बचत भी हो रही है। अमोनिया hair कलर में यूज़ होने वाला अमोनिया एक ऐसा इंग्रीडिएंट है, जो बालों को बहुत अधिक नुकसान देता है और इसलिए इससे हर कीमत पर बचना चाहिए। हालांकि हेयर कलर में यह इंग्रीडिएंट होना बेहद आम बात है, क्योंकि यह कलर को बालों में सेट करने के काम आता है। आपको बता दें इसकी वजह बाल रूखे और बेजान होते हैं। इसके अलावा इसकी smell बहुत ही बेकार होती है जो नाक और आंखों को काफी परेशानी देती है। जिसकी वजह से बाद में कई तरह की स्किन प्रोब्लेम्स होनी शुरू हो जाती है। स्प्लिट एंड्स होने का कारण है हाइड्रोजन पेरोक्साइडअक्सर आपने देखा और पढ़ा होगा कि पेरोक्साइड या हाइड्रोजन पेरोक्साइड को फेस ब्लीच के के लिए यूज़ किया जाता है। लेकिन यह बालों को लाइटन करने के साथ-साथ क्यूटिकल्स को डैमेज करता है। जिससे फ्रिज़, स्प्लिट एंड्स और हेयर फॉल की समस्या शुरू हो जाती है। hair फाल का कारण है सल्फेट्स सल्फेट्स भी बालों के लिए एक विलेन का रोल प्ले करता है। यह बालों को बहुत अधिक डैमेज करना शुरू कर देता है। हालांकि कुछ हेयर डाई में सल्फेट मिलाया जाता है। आपको बता दें जब ब्लीच के साथ सल्फेट का यूज़ किया जाता है, तो यह बालों को बहुत कमजोर बना कर hair फाल का कारण भी बनता है। कुछ खास बातों का रखें ध्यान रखें मार्किट में मिलने वाले हेयर कलर्स में केमिकल मिला ही होता है। इन्हें पूरी तरह से अवॉयड करने की कोशिश करें। हालांकि, जब इन्हें बहुत कम, मॉडरेट क्वांटिंटी में यूज़ किया जाता है, तो यह कम नुकसान देता है। लेकिन सबसे अच्छा तरीका है कि नेचुरल इंग्रीडिएंट्स जैसे मेंहदी, गाजर, अर्निका आदि का यूज़ कर बालों को कलर करें। यह आपके बालों को कलर करने के साथ-साथ बालों को किसी भी तरह के केमिकल्स और उनके होने वाले नुकसान से भी बचाएगा। इस ख़बर में दी गई जानकारी आपको जागरूकता मात्रा के लिए दी गयी है। अगर आपको पहले से ही किसी तरह का hair फाल या बालों से जुड़ी कोई समस्या चल रही हो, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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