मेंटल हेल्थ को ठीक रखने के लिए करें कुछ आदतों को बाय बाय



आपके किसी भी काम को पूरा करने के लिए आपके शरीर के साथ दिमाग का भी स्वस्थ होना बहुत जरूरी है

वेब ख़बरिस्तान। किसी भी कार्य की सफलता का विचार सबसे पहले दिमाग में आता है यानी आप पहले सफल होने का सपना देखते हैं, उसके बाद उस सफलता के लिए काम करते हैं।  इसके बाद आपका देखा हुआ सपना रियलिटी में बदल पाता है। तो इस तरह से आप ये समझ सकते हैं कि दिमाग हमारे शरीर का कितना महत्वपूर्ण भाग है। किसी भी काम के लिए हमारा दिमाग ही हमें प्रेरित करता है, जिसके बाद हम उसके लिए कोई एक्शन कर पाते हैं। लेकिन उसके लिए हमारे दिमाग का हेल्दी रहना भी बेहद जरुरी है। उसके लिए हमें अपनी कुछ आदतों को बदलना होगा। तो आज इस कहबर में आपको बता रहे हैं कि किस ततरह से आप अपने दिमाग को हेल्दी रख सकते हैं।

गुस्से को कण्ट्रोल करना

कहा जाता है कि गुस्सा हमारे विवेक को नष्ट कनरे का काम करता है।. लेकिन कुछ लोगों को छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा आ जाता है। जिस कारण रक्त धमनियों पर प्रेशर पड़ता है और उसका बुरा असर व्यक्ति के दिमाग पर सीधा पड़ता है। ऐसे में व्यक्ति की याद्दाश्त और निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए सबसे पहले अपने गुस्से को कण्ट्रोल करें। बेवजह गुस न करें।

नींद के समय नींद ही लेना


अच्छी नींद हमारी हेल्थ पर बहुत ज्यादा ही पॉजिटिव असर डालती है। इतना ही नहीं नींद से हमारे दिमाग की थकान भी कम होती है और उसकी कार्यक्षमता बढ़ती है। लेकिन कुछ लोगों को ठीक से नींद नहीं आती है या देर से सोने के कारण उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती।  ऐसे लोगों के दिमाग की कोशिकाएं रिलैक्स होने की बजाय उनको बीमार बनाती हैं। जिस कारण सिर में दर्द, थकान, आलस, भूलने की समस्या, एकाग्रता में कमी आदि तमाम परेशानियां शुरू हो जाती हैं। इसलिए कम से कम 8-9 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। सोने से पहले कुछ अच्छा पढ़ें और मोबाइल को खुद से जितना हो सके रात के समय में दूर रखें। इससे आपको आसानी से नींद आने लगेगी।

सोते टाइम मुहं को न ढकें

रात में सोते समय मुंह ढककर सोने से कुछ लोगों को बड़ा रिलैक्स मिलता है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि आपकी ये आदत आपके दिमाग पर नकारात्मक असर डालती है। इसके कारण शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिसका असर दिमाग पर भी पड़ता है। इसलिए जब भी सोयें, तो मुहं को कवर करके न सोयें।

ज्यादा मीठा खाने की आदत को भी बदलें

कुछ लोगों को मीठा खाना बहुत ही पसंद होता है, लेकिन शुगर की ज्यादा मात्रा से दिमाग की कॉग्नीटिव स्किल और सेल्फ-कंट्रोल पर काफी असर पड़ता है। साथ ही इससे डायबिटीज का रिस्क भी बढ़ जाता है। इसलिए अगर आप भी मीठा खाने के शौक़ीन हैं, तो उसको लिमिटेड मात्र में ही खाएं। इससे आपका मंद भी रिलैक्स और फ्रेश रहेगा।

ब्रेकफास्ट करने की आदत डालें

बहुत से लोग सुबह जल्दी के चक्कर में ब्रेकफास्ट स्किप कर देते हैं, लेकिन सुबह का ब्रेकफास्ट शरीर के लिए एक तरीके से फ्यूल का काम करता है। वहीँ अगर आप इसे स्किप करते हैं तो यह आपके दिमाग को दिन भर के लिए पर्याप्त पोषण नहीं दे पाता और इसका असर आपके दिमाग पर पड़ना शुरू हो जाता है। ऐसे में आपका दिमाग अपना काम ठीक से नहीं कर पाता। इसलिए नियमित रूप से हेल्दी ब्रेकफास्ट जरूर लें।

इस ख़बर में दी गयी जानकारी आपको जागरूकता मात्रा के लिए दी गयी है। लेकिन अगर आप पहले से ही किसी बीमारी से ग्रस्त हैं और ऊपर बताई हुई जानकारी को अमल में लाना चाहते हैं, तो एक बार अपने डॉक्टर से कंसल्ट जरूर कर लें।

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