लक्षद्वीप में प्रशासक के सुधारों का विरोध



लक्षद्वीप के लोग पटेल पर "संस्कृति, रहने, खाने के तरीक़ों को नुक़सान पहुंचाने और बेवजह डर फैलाने" की कोशिश का आरोप लगा रहे

वेब ख़बरिस्तान। लक्षद्वीप में पिछले कुछ दिनों से बीफ़ बैन, नए क़ानून, पंचायत चुनाव के नियमों में बदलाव के प्रस्ताव का विरोध हो रहा है। लेकिन लक्षद्वीप प्रशासक प्रफुल पटेल के मुताबिक ये नियमानुसार हो रहा है। केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में राज्य की कमान प्रशासक के हाथ है। यहां राज्यपाल नहीं होता। पटेल पर लक्षद्वीप के लोग "संस्कृति, रहने, खाने के तरीक़ों को नुक़सान पहुचाने और बेवजह डर फैलाने" की कोशिश का आरोप लगा रहे हैं।

क्या हैं नए नियम

नए नियमों में बीफ़ बैन, पंचायत में दो से अधिक बच्चों के माता-पिता के चुनाव पर रोक, लोगों की गिरफ़्तारी और भूमि अधिग्रहण से जुड़े नए नियम शामिल हैं। फिल्हाल ये ड्राफ़्ट हैं। गृह मंत्रालय की मंज़ूरी बाकी है।

एंटी सोशल एक्टिविटी रेग्यूलेशन ड्राफ़्ट

पटेल के आने के बाद 29 जनवरी को एक एंटी सोशल एक्टिविटी रेग्यूलेशन ड्राफ़्ट तैयार किया गया है. इसके तहत किसी भी व्यक्ति को एक साल तक बिना 'पब्लिक डिस्कोर्स' के हिरासत में रखा जा सकता है. प्रफुल पटेल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि डेढ़ से दो महीने पहले कोस्ट गार्ड ने लक्षद्वीप के पास से ड्रग्स की बहुत बड़ी खेप पकड़ी है. उसकी क़ीमत 500 करोड़ से ज़्यादा है. वहां पर एके-47 राइफ़ल भी पकड़ी गई है. गांजा की तस्करी इस छोटे लक्षद्वीप में बड़े पैमाने पर हो रही है।

बीफ़ बैन का प्रावधान


फ़रवरी 2021 में जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक  किसी भी व्यक्ति को "प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर बीफ़ बेचने, रखने, स्टोर करने, ट्रांसपोर्ट करने, बेचने के लिए प्रदर्शित करने या बीफ़ और इससे जुड़ा कोई प्रोडक्ट ख़रीदने" पर पांबदी होगीसाल 2011 की जनगणना के मुतबिक़ लक्षद्वीप में 96 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी मुसलमानों की है। यहाँ के लोगों का कहना है कि बीफ़ उनका मुख्य भोजन है। बीफ़ के कारोबार से भी कई लोग जुड़े हैं, उन पर रोज़गार का संकट आ गया है।

राजनीतिक पार्टियों का विरोध

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद शशि थरूर और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी लोगों की माँगों को समर्थन देने की बात कही है। राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल और इलामरण करीम ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर मामले में दख़ल देने की अपील की है.

कौन हैं पटेल

प्रफुल खोड़ाभाई पटेल लक्षद्वीप के प्रशासक हैं। पटेल गुजरात में नरेंद्र मोदी सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं। वह पहले भी कई बार विवादों के केंद्र में रहे हैं। लक्षद्वीप में लिए गए उनके फ़ैसलों से फैली नाराज़गी से पहले भी उनका नाम दमन के सांसद मोहन देलकर की रहस्यमयी मौत के मामले में आ चुका है।

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