रात की रानी है बहुत ही फायदेमंद, मिलता है बुखार में आराम



एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुणों से है भरपूर

वेब खबरिस्तान।  रात की रानी का पौधा जो दिखने में बहुत ही सुन्दर लगता है, जिसे पारिजात यानि नाइट जैस्मिन और हरसिंगर के नाम से जाना जाता है।  यह दिखने में जितना खूबसूरत होता है  साथ ही इनकी ख़ूशबू से सारा इलाका महक भी जाता है। इन खूबसूरत और खुशबूदार फूलों की ख़ासियत सिर्फ यही तक सीमित नहीं है। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन रात की रानी का पौधा सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना गया है। इस अनोखे पौधे में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में कारगर साबित होते हैं।

सायटिका दर्द से मिलता है राहत

इस फूल की 3 से 4 पत्तियां लेकर यूज़ मिक्सर में ग्राइन्ड कर लें फिर पानी में उबाल कर ठंडा होने पर छान लें और फिर सुबह खाली पेट पीने से राहत मिलती है। इसे आप खली pet दिन में दो बार पी सकते हैं। इससे सायटिका के दर्द में काफी राहत मिलती है।

अर्थराइटिस में मिलता है आराम


इसकी पत्तियां, फूल और इसकी छाल को 200 एमएल पानी में डालकर अच्छे से उबाल लें।  याद रहे कि पानी को तब तक उबालें जब तक पानी 50 एमएल तक न पहुंच जाए। इसे गुनगुना ही पीना है। इससे इसको पीने से जोड़ो के दर्द में काफी आराम मिलता है

सूखी खांसी में शहद के साथ लें

अगर आपको भी सुखी खांसी है और बहुत इलाज करवाने के बाद भी ठीक नहीं हो रही।  तो आप इसकी पत्तियां को शहद के साथ लें सूखी खांसी से राहत पाने के लिए इसकी सूखी पत्तियां लेनी हैं और उसे कूट लेना है।  फिर इसका जूस निकाल लें और शहद के साथ पी लें। सूखी खांसी में इसका सेवन करने से राहत मिलती है।

सर्दी, खांसी और साइनस

सर्दी और साइनस से निजात पाने के लिए पानी में इसकी पत्तियों और फूलों को उबाल लें। फिर इसे छानकर एक कप में लें और पी लें। इसमें आप तुलसी की पत्तियां भी ऐड कर सकती हैं।  इससे इसका TASTE भी अच्छा हो जायेगा सायेनस में काफी आराम मिलता है

बुख़ार और बेचेनी में मिलता है आराम

तुलसी के 2-3 पत्तों के साथ 3 ग्राम इस फूल की छाल और 2 ग्राम पत्ते लें। इन सभी चीज़ों को पानी में एक साथ उबाल लें और फिर दिन में खाली पेट दो बार जरूर पिएं। इसके अलावा तनाव और चिंता को दूर करने के लिए अरोमाथेरेपी में रात के चमेली के तेल का उपयोग किया जाता है। यह मस्तिष्क में सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाता है और मूड को नियंत्रित करके मदद करता है।

इस खबर में दी दी गयी जानकारी आपको जागरूकता मात्र के लिए दी गयी है। अगर आप ऊपर बताई हुई किसी भी बीमारी से ग्रस्त हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

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