पसीने की दुर्गंध आती है तो एक बार इसे ट्राई करें



आयुर्वेदिक गुणों की खान है गुलाब का फूल

वेब ख़बरिस्तान। गुलाब एक ऐसा फूल है जिसका सर्वाधिक इस्तेमाल होता है। खुशबू में इसका कोई जवाब नहीं। घर में लगाओ तो वातावरण महक उठता है। पूजा में चढ़ाओ तो देवता प्रसन्न होते हैं। इसकी गुलकंद खाने से कई विकार दूर होते हैं। गुलाब जल के फायदे गिनाए नहीं जा सकते। अब तो गुलाब की खेती करने वाले किसान लाखों करोड़ों में कमाई कर रहे हैं। वेब ख़बरिस्तान के साथ जानिए गुलों में गुल गुलाब के आयुर्वेदिक फायदे।

पुराने कब्ज का इलाज है गुलकंद

  • 10 ग्राम गुलाब की पत्तियों को पीसकर मिश्री मिलाकर दिन में 2-3 बार सेवन करते रहने पर स्त्रियों को प्रदर रोग में लाभ होता है।
  • 1 कप गुलाब और संतरे का रस का सेवन करने से सीने की जलन, गले की जलन और जी मिचलाना आदि विकारों में लाभ होता है।
  • दो बड़े चम्मच गुलकन्द, 4 मुनक्का और आधा चम्मच सौंफ को उबालकर, आधा पानी शेष बचने पर रात में सोते समय (सर्दी में गर्म और गर्मी में ठंडे) पानी से सेवन करने पर पुराना कब्ज ठीक हो जाता है।
  • दिन में चार बार गुलाब की पंखुड़ियों को पानी में उबालकर ठंडा करके गरारे करने से मुँह के छालों में लाभ होता है।
  • चंदन में गुलाब जल मिलाकर शरीर या हाथ-पैरों के तलुवों पर लेप करने से खुजली और जलन दूर होती है।

पसीने की दुर्गंध दूर होती है

  • पानी में गुलाब के फूलों को घोलकर शरीर पर लेप करके स्नान करने पर शरीर के पसीने की दुर्गंध दूर होती है।
  • गुलाबों के फूलों का गुलकंद दो-दो चम्मच सुबह-शाम सेवन करते रहने से कुछ दिनों में कब्ज की शिकायत में लाभ होता है।
  • प्रतिदिन गुलाब का एक फूल खाते रहने से कुछ दिनों में मसूढ़े मजबूत होते हैं और मसूढ़ों से रक्त आना व मवाद आना बंद हो जाता है।
  • 10 ग्राम गुलाब की पत्तियों के साथ 1 चम्मच पिसी मिश्री और 2 इलायची को पीसकर प्रात:काल बासी मुँह सेवन करते रहने पर पुराना सिरदर्द ठीक हो जाता है।

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