कोरोना काल में इम्युनिटी बूस्टर के लिए बेस्ट आप्शन है गिलोय, ब्लड शुगर लेवल को भी करता है कण्ट्रोल



एंटी एजिंग गुणों से भी है भरपूर, सुन्दरता को निखारने में भी कारगर है गिलोय

वेब खब्रिस्तान: इनदिनों कोरोना महामारी से बचने के लिए हर कोई अपना अच्छे से ध्यान रख रहा है। इसके लिए देश की जनता ने अब आयुर्वेदिक और घर के मसालों से बने काढों की तरफ रुख कर लिया हैं। नीना गुप्ता की बेटी और फेमस फैशन डिज़ाइनर मसाबा गुप्ता भी इनदिनों अपने सोशल मीडिया पर लोगों के साथ गिलोय से बना काढ़े की रेसिपी शेयर करती नजर आ रही हैं। गिलोय एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ीबूटी है जो न सिर्फ आपकी इम्युनिटी को स्ट्रोंग करती हैं बल्कि ब्लड प्रेशर को भी कण्ट्रोल करने में हेल्प करती हैं। लेकिन अगर आप किसी गंभीर बीमारी के शिकार हैं, तो गिलोय का काढ़ा पीने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह ले लें।

क्या होता है गिलोय    

गिलोय को संस्कृत में अमृता कहा जाता है क्योंकि यह अकेली एक ऐसी बेल है  जिसे सौ मर्ज की एक दवा कहा जाता है। इसका वानस्पिक नाम टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया है। गिलोय के पत्ते पान के पत्ते जैसे दिखाई देते हैं और जिस पौधे पर यह चढ़ जाती है, उसे मरने नहीं देती। इसके बहुत सारे लाभ आयुर्वेद में बताए गए हैं, जो न केवल आपको सेहतमंद रखते हैं, बल्कि आपकी सुंदरता को भी निखारते हैं।

इम्युनिटी बूस्टर का काम करती है गिलोय

आयुर्वेदिक के अनुसार गिलोय लेने से बॉडी की इम्युनिटी स्ट्रोंग होती है और यह बहुत सी बिमारियों से लड़ने में हेल्प करती है इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। यह ब्लड को प्यूरीफाय करती है साथ ही बैक्टीरिया से लड़ती है।

फीवर होने पर गिलोय का सेवन जरूर करें

अगर किसी को बार-बार बुखार आता है तो उसे गिलोय का सेवन करना चाहिए। गिलोय हर तरह के बुखार से लडऩे में मदद करती है। इसलिए डेंगू के मरीजों को भी गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। डेंगू के अलावा मलेरिया, स्वाइन फ्लू में आने वाले बुखार से भी गिलोय छुटकारा दिलाती है। इसके अलावा कोरोना वायरस से इन्फेक्शन के बाद यह भी इसको पीने से काफी फायदा मिलता है। हालांकि मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर आप खुद से गिलोय ले रहे हैं तो इसकी डोज गलत हो सकती है। गिलोय लेने से पहले डॉक्टर से बात जरूर कर लें। गलत मात्रा में लेने से इसके साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।

डायबिटीज पेशेंट्स लेते हैं तो मिलता है लाभ


गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट है यानी यह खून में शर्करा की मात्रा को कम करने का काम करती है। इसलिए डॉक्टर की सलाह से इसका सेवन करें  जिसका फायदा टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को काफी होता है।

रखती है digestive सिस्टम को ठीक

गिलोय का रस पीने से digestive सिस्टम ठीक रहता है इससे व्यक्ति को कब्ज नहीं होती और अगर किसी तरह की कोई पुरानी कब्ज है, तो उसमे आराम मिलता है

आंखों की रोशनी बढ़ती है और पेट की चर्बी होती है कम

गिलोय को पलकों के ऊपर लगाने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके लिए आपको गिलोय पाउडर को पानी में गर्म करना होगा। जब पानी अच्छी तरह से ठंडा हो जाए तो इसे पलकों के ऊपर लगाएं वहीँ गिलोय बॉडी के मेटाबॉलिजम को ठीक करती है, सूजन कम करती है और पाचन शक्ति बढ़ाती है। ऐसा होने से पेट के आस-पास चर्बी जमा नहीं हो पाती और आपका वजन कम होना शुरू हो जाता है।

स्किन को रखती है एक्टिव और यंग

गिलोय में एंटी एजिंग गुण होते हैं और इसके सेवन से चेहरे से काले धब्बे, मुंहासे, बारीक लकीरें और झुर्रियां दूर होती हैं इसके पाउडर का पेस्ट बना कर फेस पर लगाने से किसी भी तरह के घाव बहुत जल्दी भरते हैं। इस पेस्ट को लगाने से त्वचा में कसावट भी आती है।

इसके अधिक सेवन से होते हैं कई नुकसान

वैसे तो गिलोय को नियमित रूप से इस्तेमाल करने के कोई गंभीर साइड इफेक्ट्स नहीं हैं लेकिन यह खून में शर्करा की मात्रा कम करती है। इसलिए इस बात पर नजर रखें कि ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा कम न हो जाए। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीँ पांच साल से छोटे बच्चों को भी गिलोय न दें। इसलिए जब भी गिलोय का सेवन करें खुद डॉक्टर बनने के कोशिश न करें। अपने निजी या किसी डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

फेमस फैशन डिज़ाइनर ने बताई गिलोय काढ़ा रेसिपी

नीना गुप्ता की बेटी और फेमस फैशन डिज़ाइनर मसाबा गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया पर एक विडियो शेयर किया और गिलोय काढ़ा की रेसिपी और गिलोय के फायदे बताए

 

गिलोय काढ़ा रेसिपी

पानी में सूखें गिलोय की डंडी डालें। फिर धीमी आंच पर उबलने के लिए रख दें। जब पानी की मात्रा हाफ रह जाये तो काढ़ा छान कर ठंडा कर लें। Taste के लिए आंवला, अदरक, कला नमक और शहद मिला सकते हैं।

Related Links