दिमाग को शांत करने के लिए करें शीर्षासन



रीढ़ की हड्डी में मिलता है लाभ

वेब ख़बरिस्तान। आज की लाइफ स्टाइल में खुद को हेल्दी रखनेके लिए हम सभी बहुत ज्यादा अवेयर हो गये हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं की कुछ योगासन को कर आप अपने दिमाग को शांत और बढ़ा सकते हैं। जी हाँ हम बात कर रहे हैं शीर्षासन की, जिसकी हेल्प से आप बॉडी की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ साथ माइंड को रिलैक्स कर सकते हैं इस आसन के नियमित अभ्यास से बहुत सी बीमारियों को दूर किया जा सकता है

क्या है शीर्षासन

आपको बता दें शीर्षासन का नाम शीर्ष शब्द पर रखा गया था, जिसका मतलब सिर होता है इस आसन को सभी आसनों का राजा भी कहा जाता है शुरुआत में इसे करना थोडा मुश्किल जरूर होता है लेकिन इसको लगातार करते रहने से बहुत से लाभ मिलने शुरू हो जाते हैं। इस आसन को सिर के बल किया जाने वाला आसन भी कहा जाता है। बच्चों को यह आसन करने से उनकी एकाग्रता बढ़ती है साथ ही बॉडी पॉश्चर भी ठीक रहता है

सही तरीका क्या है शीर्षासन करने का

शीर्षासन शुरू करने के लिए दोनों घुटनों को जमीन पर टिका देंअब अपने दोनों हाथों को जमीन पर बहुत मजबूती से रखें। फिर सिर को अपने दोनों हाथों के बीच में लेने के बाद धीरे-धीरे अपने पैरों की उंगलियों को जमीन से ऊपर की तरफ उठाने की कोशिश करेंफिर अपने पैरों को ऊपर की ओर बढ़ाएं, उन्हें जमीन से ऊपर बिल्कुल सीधा रखें। इस आसन में बॉडी ला सारा वजन समान रूप से दोनों बाजुओं पर रहता हैइस आसन को करें के दौरान अपनी पीठ को एकदम सीधा रखने को कोशिश करें आपको बता दें शुरुआत में इस आसन को 10 -15 सेकंड तक ही करें। फिर धीरे धीरे 20-30 सेकंड के लिए इस मुद्रा को बढ़ा दें इस अआसन को करते टाइम लंबी गहरी सांस को लेते और छोड़ते रहें

शीर्षासन करने से मिलते हैं बहुत से लाभ  


जब भी हम कोई भी आसन करते हैं तो वह हमें कोई न कोई लाभ जरूर देता है। ठीक इसी  तरह शीर्षासन भी दिमाग को शांत करने का काम करता है और हमें तनाव से राहत देने में काफी लाभदायक साबित होता है। इसके आलावा सिरदर्द में भी लाभ मिलता है अगर चक्कर आने की भी समस्या है तो वह भी धीरे धीरे कम होनी शुरू हो जाती है

रीढ़ की हड्डी में मिलता है लाभ

इसको रेगुलर करने से हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। इसके आलावा इस आसन का नियमित अभ्यास फेफड़ों को भी दुरूस्त रखने में मदद करता हैशीर्षासन से digestive सिस्टम भी ठीक रहता है। अगर आपको कब्ज की दिक्कत रहती है तो उसमे भी राहत मिलती है। इस आसन को करने से सिर में रक्तसंचार बढ़ता है, जिससे माइंड की एकाग्रता बढ़ती है.

किन लोगों को नहीं करना चाहिए शीर्षासन

आपको बता दें जिन लोगों को ब्लड प्रेशर, हार्ट संबंधी प्रोब्लेम्स, आंखों की कमजोरी, कमर में  दर्द रहता हो, गर्दन दर्द और असिडिटी जैसी परेशानियां हैं, वे इस आसन को भूल कर भी न करें

इस ख़बर में दी गई जानकारी आपको जागरूकता मात्रा के लिए दी गयी है। अगर आप ऊपर बताई हुई किसी प्रॉब्लम से ग्रस्त हैं, तो अपने डॉक्टर से एक बार जरूर सलाह करें।

 

 

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