बिंज ईटिंग देता है बॉडी को नुक्सान



डायबिटिक पेशेंट को ज्यादा ध्यान रखने की जरुरत

वेब ख़बरिस्तान। आपने अपने आस पास ऐसे बहुत से लोगों को देखा होगा जो जिनका ध्यान हमेशा खाना खाने की तरफ ही रहता है। फिर चाहे उनका खुद का खाना हो या फिर दूसरों का खाना लेकर खाएं। इसमें वो लोग न सिर्फ अपना मनपसंद फूड खाना पसंद करते हैं बल्कि उन्हें कुछ भी मिल जाए वो तो बस खाते ही रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि यह एक तरह का सायिकोलोजिस्ट डिसऑर्डर है। जो हर टाइम खाने की तरफ ध्यान करता है। हम बात कर रहे हैं बिंज ईटिंग की जिसमे हर टाइम खाने की तरफ ही ध्यान रहता है। इससे न केवल वेट गेन होता है बल्कि बहुत सी हेल्थ प्रोब्लेम्स भी शुरू हो जाती है।

क्या होता है बिंज ईटिंग

आमतौर पर जब हम खाना खा लेते हैं तो हमारा मन कुछ और खाने का करता है फिर चाहे उसमे हमें कुछ भी खाने को मिल जाये। लेकिन बिंज ईटिंग डिसऑर्डर में हमें पता ही नहीं चलता कि हम कितनी बार और कितनी मात्रा में खा रहे हैं। इसे आप फ़ूड क्रेविंग भी बोल सकते हैं। जिसमे स्वाद और हेल्थ की परवाह किेए बगैर बस खाना हैं। आपको बता दें पिज्जा, बर्गर, चॉकलेट, पेस्ट्री और सॉफ्ट ड्रिंक्स ये तो आम डाइट है जिन लोगों को यह डिसऑर्डर होता है। इतना ही नहीं ऐसे लोग अपनी इस आदत से कभी शर्मिंदगी महसूस तक नहीं करते। जिसके चलते ये छिप-छिप कर अकेले में भी खा लेते हैं और अगर इस डिसऑर्डर पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह किसी गंभीर बीमारी का रूप ले सकते हैं।

किस तरह के होते हैं नुक्सान बॉडी को


हर टाइम तेल से बनी हुई चीजें, ज्यादा नमक और मिर्च मसाले वाली चीजें खाने से मोटापा बढ़ता है। जो सीधे कोलेस्ट्रॉल को  भी बढ़ने का न्योता देता है। और अगर डायबिटिक पेशेंट हैं तो जोड़ों में दर्दहार्ट की ऑर्टरी में ब्लॉकेज जैसी प्रोब्लेम्स पैदा होनी शुरू हो जाती है। इसके अलावा अगर खाने के टाइम पर मनपसंद चीज़ें न मिलें गुस्सा आना शुरू हो जाता है।  मूड़ चिड़चिड़ा हो जाता है और डिप्रेशन का शिकार होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

कैसे रखें ध्यान

इसे रोकने के लिए खाने का एक टाइम डिसाइड करें। जितनी भूख हो उतना ही खाना खाने की कोशिश करें और अगर फिर भी कण्ट्रोल नहीं कर पा रहे हैं तो कुछ ऐसी खाने की चीजों को अपने पास रखें, जो आपका वजन न बढाये। साथ ही हेल्थ को भी ठीक रखे। यदि आपका वजन बढ़ रहा है तो एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह लें और दूसरों के कमेंट्स वगैरह को लेकर टेंशन में आने की बजाये खुद से इस प्रॉब्लम का हल ढूंढे। हो सके तो हर रोज अपनी एक आदत बना लें जिसमे सही डाइट और एक्सरसाइज़ को तवज्जों देना शुरू कर दें।

इस ख़बर में दी गई जानकारी आपको जागरूकता मात्रा के लिए दी गयी है। अगर आप ऊपर बताई हुई बीमारी से ग्रस्त हैं तो एक बार अपने डॉक्टर से जरूर सलाह करें।

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