तंदरुस्ताये नमः

बासी भोजन से होती है हेल्थ ख़राब

बासी भोजन से होती है हेल्थ ख़राब

फ्रिज में रखा स्टोर्ड फूड खाने से बचना चाहिए

ब्रिस्क वाक यानि तेज चलना  देगा आपको हेल्दी लाइफ

ब्रिस्क वाक यानि तेज चलना देगा आपको हेल्दी लाइफ

दिल की बीमारी का ख़तरा कम करने के लिए तेज चलें, होगा लाभ


अंजीर खाने से होता है वेट लोस

अंजीर खाने से होता है वेट लोस

वेब ख़बरिस्तान। इनदिनों अपनी हेल्थ को लेकर हर कोई अवेयर हो गया है। हेल्थ को कैसे अच्छा रखा जा सकता है उसके लिए बहुत तरह से अपनी डाइट में भी कण्ट्रोल करते है। लेकिन आपको बता दें अंजीर की हेल्प से बहुत ही आसानी से वेट लोस किया जा सकता है। अंजीर बहुत से पोषक तत्वों से भरपूर है। यह वजन कम करने में काफी सहायक है और निकले हुए तोंद को शेप में लाने में भी हेल्पफूल है। आप इसे कैलोरी कण्ट्रोल संतुलित आहार के हिस्से के रूप में भी शामिल कर सकते हैं। अंजीर को आप फ्रेश, गीलाकर के या सुखाकर अपनी डाइट में ऐड कर सकते हैं। अंजीर वजन कम करने के लिए किस तरह से फायदेमंद है, तो आप इस ख़बर का सहारा ले सकते हैं। अंजीर में हाई फाइबर होता है इसमें भारी मात्रा में फाइबर होता है जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में हेल्प करता है। अगर आप हर दिन अंजीर का स्वं करते हैं तो यह आपकी कैलोरी को बर्न करता है। अंजीर में फाइबर की उपस्थिति के साथ, यह आंत्र प्रणाली को शुरू करने में मदद करता है जो बदले में digestive सिस्टम को मजबूत बनाता है। पाचन में मदद करता है digestive एंजाइम होने के कारण इसे फिकिन कहा जाता है। यह अन्य एंजाइमों के साथ मिलकर पाचन तंत्र को बनाए रखने में हेल्प करता है। इसके सेवन से भोजन को जल्दी पचाने में मदद मिलती है। पाचन तंत्र को स्वस्थ रखकर वजन कम करने के साथ-साथ पेट की चर्बी कम करने में बहुत लाभदायक है अंजीर। अंजीर में होता है ओमेगा 3 फैटी एसिड अंजीर में ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है जो एक्सरसाइज करते टाइम मांसपेशियों में अधिक कैलोरी जलाने में हेल्प करता है। यह वजन घटाने की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। यह हार्ट प्रोब्लेम्स को होने से भी रोकता है। यदि हार्ट पेशेंट इसका स्वं हर रोज करते हैं तो उनको काफी लाभ मिलता है। मेटाबॉलिज्म स्ट्रोंग होता है अंजीर में खनिज तत्व होने कारण वजन घटाने में कफी हेल्प मिलती है। कैल्शियम, पोटेशियम, फास्फोरस, मैंगनीज, तांबा, मैग्नीशियम जैसे खनिज इसमें मौजूद होते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन ए और बी की उपस्थिति के कारण पचाने की दर को तेज करने में मदद मिलती है जिससे मेटाबोलिज्म तेज और स्ट्रोंग होता है। कैलोरी कम करने में मदद करता है अंजीर में बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है। आप इसे स्नैक्स के रूप में खा सकते हैं। हालांकि, अंजीर का अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह थोडा मीठा होता है और बॉडी के अनुकूल होने में इसे टाइम लग जाता है। इस ख़बर में दी गयी जानकारी आपको जागरूकता मात्रा के लिए दी गयी है। अगर आप पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं , तो अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

https://webkhabristan.com/tandursteye-namah/weight-loss-is-caused-by-eating-figs-4190
फास्टिंग के दौरान अनहेल्दी डाइट कर सकते हैं आपकी स्किन को ख़राब

फास्टिंग के दौरान अनहेल्दी डाइट कर सकते हैं आपकी स्किन को ख़राब

वेब ख़बरिस्तान। बीते कुछ सालों से फास्टिंग के नाम पर लोग डाइट फास्टिंग फ़ूड खा लेते हैं। जिसमे बहुत सारी फ्राइड और अनहे्ल्दी चीज़ें शामिल होती हैं, जिसका बुरा असर एक-दो दिन बाद हमारी स्किन पर दिखना शुरू हो जाता है। लेकिन हम इस पर गौर नहीं करते है। आपको बता दें व्रत के दौरान बहुत से लोग कुट्टू की पकौड़ियां या साबुदाने की टिक्कियों को पुदीने की चटनी के साथ खाते हैं। जिसका नतीजा उनके फेस दिखने लगता है। इसके अलावा और भी बहुत सी हेल्थ प्रोब्लेम्स होनी शुरू हो सकती है। तो इस बारे में आप भी जान लें कि किस तरह की प्रोब्लेम्स हो सकती हैं। ब्लड शुगर लेवल का कम होना अगर आपने भी व्रत रखा है और आप भी बहुत ज्यादा ऑयली फ़ूड खा रहे हैं। तो आपको सिरदर्द, सुस्ती और कब्ज की प्रोब्लेम्स हो सकती है। इसके अलावा इस दौरान कम पानी पीने से भी बॉडी में ब्लड शुगर लेवल कम हो जाता है। ऐसी अवस्था को हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है। ऐसे में आप अनहेल्दी डाइट लेने से बचें। एनर्जी लेवल लो होना अगर आप पहले से ही अंडरवेट हैं और आपने व्रत रखा है। तो आपको हेल्दी डाइट लेने की जरूरत है। अगर आप व्रत के दौरान अनहेल्दी खाना खा रही हैं तो आपका एनर्जी लेवल घट सकता है। इससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और इम्यून सिस्टम पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। वहीं इस अनहेल्दी फ़ास्ट डाइट के दौरान कई स्किन प्रोब्लेम्स जैसे कि एटोपिक एक्जिमा, सोरायसिस और एक्ने की समस्या होने की भी संभावना बढ़ जाती है। इम्यून सिस्टम का बिगड़ना व्रत के दौरान दिन भर तला-भुना खाने से सीधा असर हमारे इम्यून सिस्टम पर पड़ता है जैसे की प्रो-इन्फ्लेमेट्री समूहों की गतिविधि में कमी और एंटी-इंफ्लेमेट्री साइटोकिन्स सिक्रीशन का बढ़ना। इनसे हमारा इम्यून बेहद कमजोर होता है और यह सही ढंग से काम नहीं कर पाता है। स्किन प्रोब्लेम्स का होना व्रत के दौरान आप अनहेल्दी डाइट लेते हैं और फिर उसका नतीजा आपके फेस पर नजर आता है। इसमें सबसे पहली समस्या pimples की होती है। खाने में एक्स्ट्रा आयल फ़ूड लेने से फेस पर आयल नजर निकलता है और जिससे फेस ख़राब होता है। इस ख़बर में दी गयी जानकारी आपको जागरूक मात्र के लिए दी गयी है। अगर आपको ऊपर बताई हुई कोई बगही प्रॉब्लम हो रही हो तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएँ।

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कहीं आपको तो नहीं यामी गौतम की तरह ‘केराटोसिस पिलारिस’

कहीं आपको तो नहीं यामी गौतम की तरह ‘केराटोसिस पिलारिस’

वेब ख़बरिस्तान। क्या आपके भी बाजुओं और जांघों पर छोटे-छोटे उभार हैं? ड्राई, लाल या सफ़ेद रंग के। तो आपको भी है यामी गौतम की तरह केराटोसिस पिलारिस। आपको बता दें अभिनेत्री यामी गौतम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाल सबको हैरान कर दिया है। उन्होंने इस पोस्ट में बताया कि वे कई वर्षों से कभी न ठीक होने वाली एक स्किन प्रॉब्लम 'केराटोसिस पिलारिस' से जूझ रही हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इस बीमारी को चिकन स्किन भी बोलते हैं। जी वही पक-पक करने वाला चिकन। वैसे मेडिकल भाषा में इसे केराटोसिस पिलारिस कहते हैं। ये बीमारी बहुत आम है। लेकिन बहुत से लोगों को इसका असल नाम नहीं पता है। तो आज इस ख़बर में आपको इस बीमारी के बारे में बतायेंगे कि आखिर क्या है केराटोसिस पिलारिस। क्या होता है केराटोसिस पिलारिस? आपको बता दें हमारी स्किन सेल्स से बनी होती है और ये उभार डेड स्किन का नतीजा है। इसमें बालों की जड़ फंसी होती है। वैसे ये दानेनुमा उभार ऊपरी बांह, जांघ, गाल और कूल्हों पर ज्यादा होते हैं। यह बीमारी किसी के छूने से बिलकुल नहीं फैलती है। इसमें दर्द या खुजली भी न के बराबर होती है। यह बीमारी ज्यादातर ठंड के मौसम में स्किन के ड्राई रहने से बढ़ जाती है। अगर इसको सरल भाषा में समझे तो यह स्किन के ऊपर छोटे छोटे दानो के रूप में उभर जाते हैं। इसके अलावा यह एक जेनेटिक कंडीशन भी हो सकती है, यानी परिवार में माता-पिता को भी यह स्किन कंडीशन हो हुई हो। क्या है इसके लक्षण स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह एक चिकन की स्किन की तरह ही दिखता है। उसमें छोटे-छोटे उभार होते हैं। ठीक वैसे ही इंसान की स्किन पर भी होते हैं। इसलिए इस स्किन कंडीशन का नाम भी चिकन स्किन पड़ गया है। वैसे यह कुदरती तौर पर बल वाली जगह पर होते हैं। जहां बालों की जड़ होती है। इसलिए यह तलवों और हथेली पर नहीं होते हैं। मुख्य रूप से ऊपरी बाह पर, जांघ पर दिखाई देते हैं। इसके कुछ और लक्षण भी सामने आटे हैं जैसे यह उभार लाल या हलके गुलाबी रंग के दिखाई देते हैं। कभी कभी इस पर खुजली होना, अगर स्किन ड्राई है तो भी यह हो जाते हैं। क्या कारण है केराटोसिस पिलारिस होने का इस बीमारी के होने का मुख्य कारण है एक प्रकार का प्रोटीन, जिसका नाम है केराटिन। यह अक्सर बालों की जड़ों में मौजूद होता है। आपको बता दें जब यह प्रोटीन ज़्यादा बनने लगता है, यह आपके पोर को भर देने का काम करता है। पोर यानी आपकी स्किन पर मौजूद बारीक छेद, उन्हें रोम छिद्र भी कहा जाता है। इस तरह यह पूरे शरीर में होता है। इसलिए जहां बाल होते हैं वहां एक उभार बन जाता है। अगर इस उभार को हल्का सा छीला जाए तो नीचे बाल दिखाई देने लगते हैं। किन लोगों को होने की होती है सम्भावना चिकन स्किन उन लोगों में बहुत जल्दी से फैलता है जिन्हें ड्राई स्किन की प्रॉब्लम रहती है। इसके अलावा एक्जिमा स्किन कंडीशन में एक तरह की सूजन आ जाती है जिसमें खुजली, लालपन, और स्किन फ़ात्नी शुरू हो जाती है। वैसे यह बीमारी ज्यादातर औरतों में देखने को मिलती है। साथ ही प्रेग्नेंसी के दौरान भी होने वाले हॉर्मोनल changes की वजह से भी ऐसा होने लगता है। इलाज के लिए क्या करें एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसका कोई खास इलाज नहीं है। लेकिन इसे रोका जा सकता है। इसके लिए स्किन डॉक्टर एक क्रीम देते हैं लगाने के लिए। इसमें रेटेनॉल नाम का केमिकल होता है जो इस प्रॉब्लम को ठीक करने में कारगर है। इसके अलावा कुछ केमिकल की हेल्प से स्किन की ऊपरी लेयर को हटाया भी जाता है। जिसे केमिकल पीलिंग कहते हैं। इस ख़बर में दी गयी जानकारी आपको जग्रोक्ता मात्र के लिए दी गयी है। अगर आप एफ्ले से ही ऊपर बताई हुई प्रॉब्लम से ग्रस्त हैं तो एक बार अपने स्किन स्पेशलिस्ट से जरूर कंसल्ट करें।

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नवरात्री के दौरान मखाने से रखें सेहत को हेल्दी

नवरात्री के दौरान मखाने से रखें सेहत को हेल्दी

वेब ख़बरिस्तान। यूँ तो नवरात्री में कुछ लोग फ़ास्ट रखते हैं और खाने के नाम पर फल, फ़ास्ट स्नैक्स और कुट्टू के आटे की टिक्की आदि खाते हैं। लेकिन वह यह भूल जाते हैं की इस तरह की डाइट को लेने से उनका वेट भी बढ़ सकता है और हेल्थ भी ख़राब हो सकती है। ऐसे में यदि आप भी फ़ास्ट के दौरान अपना वेट लोस करना कहते हैं तो मखाना को अपनी डाइट में ऐड कर सकते हैं। इसको खाने के और भी बहुत से फायदे हैं। आपको बता दें मखाना हल्का -फुल्का स्नैक है जिसे अक्सर हम ड्राय फ्रूट्स में शामिल कर खाते हैं। कहने को तो यह बेस्वाद होता है। लेकिन किचन में खाना बनाने के दौरान मसालों और गार्निशिंग के साथ इसको यूज़ किया जाता है। खासतौर से जो लोग नवरात्रि के दिनों में व्रत रखते हैं, उनके लिए ये सबसे अच्छा आप्शन है। मखाने में है बहुत से पोषक तत्व लोटस नट्स यानी मखाना भूख लगने पर आप खा सकते हैं। इसमें मौजूद हाई फाइबर और लो कैलोरी होने के कारण ये वेट लोस में काफी कारगर साबित होता है। इन्हें खाने के बाद आपको काफी देर तक भूख नहीं लगती है। इसलिए व्रत के दिनों में लोग इसको खाना पसंद करते हैं। इसमें बहुत हेल्दी कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी और जरूरी मिनरल्स ऐड होते हैं जो बॉडी को फिट और हेल्दी रखने के लिए काफी हैं। व्रत के दौरान इसे आप बेक करके या फिर भूनकर इस स्नैक लुत्फ़ उठा सकते हैं। ​वेट लोस में कारगर उपवास के दिनों के अलावा मखाना कई लोगों की डेली डाइट में भी शामिल होता है। अगर आप वजन कम करने की सोच रहे हैं, तो यह एक बेहतर विकल्प साबित होता है। इसको खाने से काफी लंबे समय तक आपका पेट भरा रहता है और आपको बार-बार भूख नहीं लगती, इसलिए आम दिनों में या व्रत के दिनों में जब भी आपको भूख लग रही हो। तो मूखाना खा कर भूक को शांत कर सकते हैं। इसके अलावा मखाना नवरात्रों में वेट लोस का कारण भी है। ​बीपी को कण्ट्रोल करने में भी कारगर व्रत के दौरान बहुत से लोग तला हुआ खाना खा लेते हैं जिससे ब्लड प्रेशर की समस्या शुरू हो जाती है। ऐसे में आप चाहते है की बीपी कण्ट्रोल में रहे तो मखाना खाएं। खासतौर से बीपी की समस्या से जूझ रहे लोगों को व्रत के दिनों में मखाने को अपनी डाइट में लेना चाहिए। इसमें अच्छी मात्रा में मौजूद पोटेशियम और कम सोडियम हाई ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करता है। इसका मतलब ये है कि मखाने का सेवन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में काफी हेल्पफुल है। ​हार्ट प्रॉब्लम से बचाए अगर आप हार्ट पेशेंट हैं तो नवरात्री के व्रत के दौरान मखाने का सेवन करें। मखाना में अधिक मात्रा में मैग्रीशियम होता है। जो ह्दय रोग के लिए काफी अच्छा है। अपने शरीर की मैग्नीशियम की जरूरत को पूरा करने के लिए रोजाना एक मुठ्ठी मखाने का सेवन फायदेमंद है। इसमें मौजूद सोडियम की कम मात्रा हृदय रोगों से पीडि़त लोगों के लिए एक अच्छा आप्शन है। डायबिटीज कंट्रोल करे फास्टिंग फूड के तौर पर पॉपुलर मखाना डायबिटीज कंट्रोल करने में हेल्पफुल है। इसमें सैचुरेटेड फैट , मैग्नीश्यिम, पोटेशियम की अच्छी मात्रा होने और कम ग्लाइकेमिक इंडेक्स की वजह से डायबिटीज रोगियों इसको खाने की सलाह डॉक्टर भी देते हैं। कैल्शियम से भरपूर मखाना कैल्शियम से भरपूर मखाना को हड्डियों के लिए सुपरफूड माना गया है। मखाने का नियमित रूप से सेवन करने से हड्डियां मजबूत बनती है। केवल इतना ही नहीं, यह किसी भी हड्डी या जोड़ों की समस्या से पीडि़त लोगों के लिए बहुत अच्छा और स्नैक फ़ूड भी माना गया है। ​इस ख़बर में दी गयी जानकारी आपको जागरूकता मात्र के लिए दी गयी है। अगर आप पहले से ही किसी बीमारी से ग्रस्त हैं तो एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा नवरात्रि व्रत के दिनों में मखाना न केवल भूख शांत करेगा बल्कि कई तरह से स्वास्थ्य को स्वस्थ भी बनाए रखेगा।

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दिमाग को शांत करने  के लिए  करें  शीर्षासन

दिमाग को शांत करने के लिए करें शीर्षासन

वेब ख़बरिस्तान। आज की लाइफ स्टाइल में खुद को हेल्दी रखनेके लिए हम सभी बहुत ज्यादा अवेयर हो गये हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं की कुछ योगासन को कर आप अपने दिमाग को शांत और बढ़ा सकते हैं। जी हाँ हम बात कर रहे हैं शीर्षासन की, जिसकी हेल्प से आप बॉडी की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ साथ माइंड को रिलैक्स कर सकते हैं। इस आसन के नियमित अभ्यास से बहुत सी बीमारियों को दूर किया जा सकता है। क्या है शीर्षासन आपको बता दें शीर्षासन का नाम शीर्ष शब्द पर रखा गया था, जिसका मतलब सिर होता है। इस आसन को सभी आसनों का राजा भी कहा जाता है। शुरुआत में इसे करना थोडा मुश्किल जरूर होता है लेकिन इसको लगातार करते रहने से बहुत से लाभ मिलने शुरू हो जाते हैं। इस आसन को सिर के बल किया जाने वाला आसन भी कहा जाता है। बच्चों को यह आसन करने से उनकी एकाग्रता बढ़ती है। साथ ही बॉडी पॉश्चर भी ठीक रहता है। सही तरीका क्या है शीर्षासन करने का शीर्षासन शुरू करने के लिए दोनों घुटनों को जमीन पर टिका दें। अब अपने दोनों हाथों को जमीन पर बहुत मजबूती से रखें। फिर सिर को अपने दोनों हाथों के बीच में लेने के बाद धीरे-धीरे अपने पैरों की उंगलियों को जमीन से ऊपर की तरफ उठाने की कोशिश करें। फिर अपने पैरों को ऊपर की ओर बढ़ाएं, उन्हें जमीन से ऊपर बिल्कुल सीधा रखें। इस आसन में बॉडी ला सारा वजन समान रूप से दोनों बाजुओं पर रहता है। इस आसन को करें के दौरान अपनी पीठ को एकदम सीधा रखने को कोशिश करें। आपको बता दें शुरुआत में इस आसन को 10 -15 सेकंड तक ही करें। फिर धीरे धीरे 20-30 सेकंड के लिए इस मुद्रा को बढ़ा दें। इस अआसन को करते टाइम लंबी गहरी सांस को लेते और छोड़ते रहें। शीर्षासन करने से मिलते हैं बहुत से लाभ जब भी हम कोई भी आसन करते हैं तो वह हमें कोई न कोई लाभ जरूर देता है। ठीक इसी तरह शीर्षासन भी दिमाग को शांत करने का काम करता है और हमें तनाव से राहत देने में काफी लाभदायक साबित होता है। इसके आलावा सिरदर्द में भी लाभ मिलता है। अगर चक्कर आने की भी समस्या है तो वह भी धीरे धीरे कम होनी शुरू हो जाती है। रीढ़ की हड्डी में मिलता है लाभ इसको रेगुलर करने से हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। इसके आलावा इस आसन का नियमित अभ्यास फेफड़ों को भी दुरूस्त रखने में मदद करता है। शीर्षासन से digestive सिस्टम भी ठीक रहता है। अगर आपको कब्ज की दिक्कत रहती है तो उसमे भी राहत मिलती है। इस आसन को करने से सिर में रक्तसंचार बढ़ता है, जिससे माइंड की एकाग्रता बढ़ती है।. किन लोगों को नहीं करना चाहिए शीर्षासन आपको बता दें जिन लोगों को ब्लड प्रेशर, हार्ट संबंधी प्रोब्लेम्स, आंखों की कमजोरी, कमर में दर्द रहता हो, गर्दन दर्द और असिडिटी जैसी परेशानियां हैं, वे इस आसन को भूल कर भी न करें। इस ख़बर में दी गई जानकारी आपको जागरूकता मात्रा के लिए दी गयी है। अगर आप ऊपर बताई हुई किसी प्रॉब्लम से ग्रस्त हैं, तो अपने डॉक्टर से एक बार जरूर सलाह करें।

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ब्लड शुगर लेवल को कण्ट्रोल करने के लिए खाएं फल

ब्लड शुगर लेवल को कण्ट्रोल करने के लिए खाएं फल

वेब ख़बरिस्तान। फल खाना हमारी सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है। लेकिन शुगर पेशेंट्स के लिए हर तरह के फल खाने नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में डायबिटीज के मरीज को अपने ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखने के लिए कुछ खास फलों का ही सेवन करना चाहिए क्योंकि फलों में नेचुरल शुगर होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। जिससे आगे चल कर शुगर पेशेंट की तबियत बिगड़ सकती है। इस कहबर में हम आपको कुह असी ही फलों के बारे में बताने वाले हैं जिसको डायबिटीज पेशेंट आसानी से खा सकते हैं और फलों का लुत्फ़ ले सकते हैं। फलों में प्रचुर मात्रा में विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सिडेंट, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फाइबर होते हैं। जो हमारी सेहत को हेल्दी रखने में बहुत ही अहम रोल प्ले करते है। फाइबर से भरपूर एवोकाडो खाएं यह फल डायबिटीज पेशेंट्स के लिए काफी लाभदायक माना जाता है। एवोकाडो में हेल्दी फैट और 20 से अधिक विटामिन और खनिज उपलब्ध हैं। साथ ही इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो ब्लड शुगर लेवल को कण्ट्रोल में रखता है। इसके अलावा इसमें कार्ब्स की मात्रा काफी कम होती है। इन सभी कारणों की वजह से डायबिटीज पेशेंट्स इसे आसानी से अपनी डाइट में ऐड कर सकते हैं। कीवी घटाता है शुगर लेवल को किवी एक ऐसा फल है जो बहुत सी बिमारियों में लाभदायक माना गया है। इसमें नेचुरल शुगर काफी कम होने की वजह से शुगर मरीज खा सकते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ई, के और पोटेशियम ऐड होता है ब्लड शुगर लेवल को कण्ट्रोल करने में मदद करता है। digestive सिस्टम को बेहतर बनाता है पपीता पपीते का सेवन पेट को दुरूस्त बनाये रखने के लिए काफी अच्छा माना गया है। पपीते में 120 कैलोरी होती है और यह फाइबर से भरपूर होने की वजह से डायबिटीज मरीज के लिए परफेक्ट फल कहलाता है। इसमें मौजूद पेपेन एंजाइम आपके डाइजेशनन सिस्टम को बेहतर बनाता है। संतरे का सेवन संतरे का सेवन स्किन के लिए काफी अच्छा होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं शुगर पेशेंट के लिए यह काफी फायदेमंद है। इसमें साइट्रिक एसिड और फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जो डायबिटीज के प्रभाव को कम करने में सक्षम है। डायबिटीज पेशेंट को दिनमे एक बार जूर संतरा या संतरे के जूस का सेवन करना चाहिए। ग्रेपफ्रूट इंसुलिन लेवल को कण्ट्रोल करता है ग्रेपफ्रूट एक खट्टा फल होता है जो हमारी बॉडी में फैट को बढ़ाने वाली इंसुलिन के लेवल को कम करने में मदद करता है। अगर आप अपनी डाइट में रोज एक ग्रेपफ्रूट खाते हैं तो शुगर हमेशा कण्ट्रोल में रहती है। चेरी है फायेदेमंद फल शुगर पेशेंट्स के लिए चेरी का सेवन बहुत फायदेमंद माना गया है। चेरी में भरपूर मात्रा में एक विशेष प्रकार का केमिकल एन्थोसाइनिन मौजूद होता है जो बॉडी में इन्सुलिन के लेवल को नियंत्रण में रखने में हेल्प करती है। इस ख़बर में दी गई जानकारी आपको जागरूकता मात्रा के लिए दी गयी है। ऊपर बताई हुई जानकारी को अमल में लाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क या सलाह जरोर करें।

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यंग रखता है देसी घी…

यंग रखता है देसी घी…

वेब ख़बरिस्तान। हर घर में खाया जाने वाला, पूजा पाठ में इस्तेमाल होने वाला देसी घी भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से use हो रहा है। इसके साथ आयुर्वेद में भी देसी घी के फायदों का विस्तृत उल्लेख मिलता है, जो शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाने, आंखों की रोशनी बढ़ाने और आपको यंग रखने में मददगार साबित होता है I हर दिन कितनी मात्रा में खाएं देसी घी.. अगर आप भी चाहते हैं आपकी जिंदगी की गाड़ी बुलेट की तरह दौड़े, तो आप देसी घी को अपनी डेली डाइट में जरूर शामिल करें I एक दिन में दाल सब्जी खाते समय कम से कम 2 छोटे चम्मच देसी घी जरूर खाएं I इससे आपके दिमाग की कार्य क्षमता बढ़ेगी और कोशिकाओं को मजबूती मिलेगी। देसी घी के फायदे .. वैसे तो देसी घी खाने के बहुत से फायदे हैं I इसके सेवन से कई आवश्यदक पोषक तत्व (कैलोरी, फैट, सैचुरेटेड फैट, विटामिन ए, डी, ई और के) होते हैं, जो हमारे पेट, त्वचा, बालों आदि के लिए काफी फायदेमंद हैI मेटाबोलिज्म को रखता है ठीक .. बहुत से लोगों का मानना है कि देसी घी खाने से मोटापा आता है I लेकिन आपको बता दें कि देसी घी को सही तरीके से खाने से मेटाबोलिज्म rate ठीक रहता है, जिससे वजन कण्ट्रोल में रहता है I गाय के घी में कोलेस्ट्रॉल नहीं पाया जाता है, जो शरीर में जमे फैट को पिघलाकर मेटाबोलिज्म बढ़ाने में मदद करता हैI बच्चों को कब देना शुरू करें .. 6 महीने के बच्चों की डाइट में देसी घी शामिल कर सकते हैं I दाल या खिचड़ी में थोडा सा देसी घी डाल कर बच्चों को खिलाएं I एक छोटा चम्मच देसी घी एक दिन में बच्चों को देने के लिए भरपूर है I अगर बच्चा अच्छे से खाना खाने वाला है तो आप उसको इन दिनों में पिन्नियां बना कर भी खिला सकते हैं I बहुत से पोषक तत्व होते हैं देसी घी में… देसी घी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता हैI बहुत से लोग मोटापे के डर से इसको अपनी डाइट में शामिल ही नहीं करते हैं I लेकिन आपको बता दें कि इसमें कैलोरी के आलावा विटामिन A, D, k2, फास्फोरस , पोटैशियम , एंटीऑक्सीडेंट, और ओमेगा 3 जैसे पोषक तत्व शामिल हैI इसके सेवन से शरीर में होने वाली कई बिमारियों में राहत मिलती है I यंग दिखने के लिए जरूर सेवन करें .. लम्बे समय तक यंग दिखने के लिए देसी घी का सेवन एक बहुत ही अच्छा अल्टरनेटिव है I इसमें बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है , जो हमारी बाहरी स्किन और अंदरूनी बॉडी को रोग मुक्त रखता है I इसके सेवन लगातार सेवन से हमरी स्किन में नमी बनी रहती है , जिसकी वजह से स्किन ग्लो करती है और जवां दिखती है I इसके सेवन से हमारा digestive system ठीक रहता है I जिसके कारण हमारा mind fresh और energetic feel करता है I

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स्किन को हेल्दी बनाये रखने के लिए आटे  में यूज़ करें चोकर

स्किन को हेल्दी बनाये रखने के लिए आटे  में यूज़ करें चोकर

वेब ख़बरिस्तान। हम सब जानते हैं कि गेहूं का आटा हम सबके लिए फायदेमंद है। लेकिन हमें आटे के बारे में पूरी तरह से जानकारी नहीं है। आटे में बहुत से ऐसे गुण होते हैं जो हमारी हेल्थ के लिए बहुत ही लाभदायक है। अक्सर हमारे घरों में आटे के चोकर को बेकार समझा जाता है और यूज़ फैंक दिया जाता है। वहीँ मार्किट में मिलने वाले आटे में चोकर होता ही नहीं, जो हमारी हेल्थ के लिए नुकसानदायक है। आपको बता दें गेंहूं के आटे के चोकर में बहुत सारे लवण और विटामिन होते हैं। इसी वजह से इसे आदर्श रेशा का नाम दिया गया है। इसके आलावा आटे का चोकर स्किन के लिए भी फायदेमंद होता है। हालांकि आज के लाइफस्टाइल में यंग जनरेशन को यह ही पता ही नहीं है की आखिर आटे का चोकर होता क्या है। ऐसा इसलिए क्यूंकि मार्किट में जो आटा मिलता है उसके अन्दर चोकर होता ही नहीं है। क्या होता है गेहूं के आटे का चोकर गेहूं को पीसकर तैयार किये गये आटे में कुछ महीन से कण रह जाते हैं। जो आटा को छन्नी से छानने के दौरान पता चलते हैं जिसे आटे से अलग कर फैंक दिया जाता है। उसे ही चोकर कहा जाता है। कुछ लोग इस चोकर को आटे में ही गूँथ लेते हैं। यह चोकर पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है और यह digestive सिस्टम को भी दुरूस्त रखता है। ठीक इसी तरह यह चोकर स्किन के लिए एक शानदार स्क्रब का काम करता है। डेड सेल्स हटाने में कारगर आटे के चोकर में वैसे तो बहुत से गुण पाए जाते हैं। लेकिन तीन ऐसे गुण हैं जो सीधे तौर पर स्किन की सुंदरता को बनाये रखने में कामयाब हैं। इसे यूज़ करने पर बहुत ही अच्छे और जल्दी रिजल्ट देखने को मिलते हैं। इसमें मौजूद सेलेनियम, विटामिन ई और जिंक न्यूट्रिऐंट्स स्किन को स्मूद बनाने में एक बहुत अहम् रोल प्ले करते हैं। इसके अलावा ऐक्ने की समस्या दूर करने और स्किन के डेड सेल्स को हटाने व सन टैनिंग से बचाने में चोकर का लेप हेल्प करता है। किस तरह करें उपयोग चेहरे के सुंदरता और हेल्थ को अच्छा बनाए रखने के लिए हमें चोकर को आटे में मिक्स करके जरूर खाना चाहिए और फेस पर लगाने में भी उपयोग करना चाहिए। आटे को बिना छाने उससे बनाई गयी रोटियां पाचन को बेहतर बनाती हैं और आंतों को साफ करने में मददगार साबित होती हैं। आपको बता दें आपको आज से लगभग एक दशक पहले तक चोकर वाले आटे की रोटियां हर घर में बनाई जाती थी। लेकिन जैसे जैसे लाइफस्टाइल चेंज हुआ वैसे वैसे खाने का आटा भी चेंज होता गया और लोग मार्किट रेडीमेड पिसा हुआ आटा लेने लगे। यह आटा सेहत के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो रहा है। दही और शहद के साथ मिक्स करें चोकर चेहरे पर इंस्टेंट ग्लो लाने के लिए चोकर को दही और शहद के साथ मिलाकर एक पेस्ट यानि स्क्रब तैयार कर लें। इस स्क्रब को त्वचा पर लगायें और हलके हाथों से मालिश करें। चेहरा साफ़ दिखाई देगा। इस स्क्रब को आप डेली भी यूज़ कर सकते हैं। इसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं है। आपको बता दें ऑइली, ऐक्ने प्रोन और पिंपल्स युक्त त्वचा पर यह स्क्रब बहुत हु अच्छे इफेक्ट्स देता है और फेस जल्दी से जल्दी साफ़ होता है। इसको यूज़ करने से स्किन खिली-खिली और जवां बनी रहती है। इस ख़बर में दी गई जानकारी आपको जागरूकता मात्रा के लिए दी गयी है। अगर आप पहले से ही किसी स्किन प्रॉब्लम से ग्रस्त हैं तो ऊपर बताई हुई जानकारी को अमल में लेन से पहले अपने डॉक्टर या स्किन एक्सपर्ट से एक बार जरूर कंसल्ट कर लें।

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