तंदरुस्ताये नमः

चावल खाने से नहीं पड़ता आपकी बेली फैट पर असर

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वेट लॉस करते वक्त हम अपनी डाइट से सबसे पहले चावल ही बाहर निकालते हैं

कोरोना के बाद लोगों में जीका वायरस का खौफ जानिए इसके लक्षण

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जीका वायरस भी डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की ही तरह मच्छरों से ही फैलता है


चाय पीने के शौक़ीन चाय में चीनी की जगह गुड़ डालें, होगा वजन कम

चाय पीने के शौक़ीन चाय में चीनी की जगह गुड़ डालें, होगा वजन कम

वेब ख़बरिस्तान। बहुत से लोगों को चाय पीने की इतनी आदत होती है कि उन्हें जहाँ मौका मिले चाय पी लेते हैं। लेकिन इस दौरान वह भूल जाते हैं कि बहुत अधिक मात्रा में चाय पीना उनके बढ़ते वजन का कारण हो सकता है, वो इसलिए क्यूंकि चाय बनाने के लिए हम सभी ज्यादातर चीनी का इस्तेमाल करते हैं। जितनी बार भी चाय पिएंगे, उतनी बार चीनी भी शरीर में जाएगी। चीनी वजन बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण होती है इसलिए आज से ही चीनी की जगह चाय में गुड़ डालना शुरू कर दीजिए। लेकिन याद रहे गुड़ की मात्रा बेहद कम रखनी है। चाय में गुड़ का सेवन करने से बहुत सी र्पोब्लेम्स से निजात मिलती है। कंट्रोल होता है वजन वजन को कम करने में गुड़ की चाय वरदान साबित होती है। इस चाय को पीने से चीनी की मात्रा बॉडी में कम जाएगी, जिससे आप स्वस्थ रहेंगे लेकिन ध्यान रखें कि गर्मियों में गुड़ का सेवन ज्यादा न करें। एक कप चाय बनाने के लिए गुड़ का एक छोटा-सा टुकड़ा ही काफी है। चेहरे का निखार बढ़ता है चेहरे पर ब्लैक और वाइट हेड्स होने का मुख्य कारण अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करना है। ऐसे में चाय में गुड़ डालकर सेवन करने से इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही गुड़ वाली चाय पीने से चेहरे पर नेचुरल ग्लो भी बढ़ता है। digestive सिस्टम रहता है बेहतर गुड़ की चाय पीने से पाचन सिस्टम बेहतर होता है और अगर सीने में जलन होती है, तो उसमे भी रहत मिलती है। दरअसल, गुड़ में बहुत ही कम आर्टिफिशल स्वीटनर होता है। आपको बता दें चीनी के मुकाबले गुड़ में ढेरों विटामिन और मिनरल होते हैं, जो सेहत का ख्याल रखने में सक्षम हैं। इस लिहाज से गुड़ की चाय बॉडी को काफी फायदा देती है। सिरदर्द हो तो गुड़ वाली चाय देती है राहत आयुर्वेद में कहा गया है अगर माइग्रेन या फिर सिरदर्द हो तो गाय के दूध में गुड़ की चाय बनाकर पीने से काफी आराम मिलता है। गुड़ बॉडी को ठंडक देने का काम भी करता है। अनीमिया में काफी लाभदायक खून की कमी होने पर डॉक्टर भी आयरन खाने को बोलते हैं। ऐसे में यदि आप गुड़ नहीं खाना चाहते तो चाय में गुड़ डाल कर पीने से बहुत तेजी से अनीमिया में आराम मिलना शुरु हो जाता है। गुड़ में प्रचुर मात्रा में आयरन होता है और शरीर को आयरन की जरूरत होती है क्योंकि यह शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। गर्म चाय के माध्यम से आपके शरीर में गुड़ तेजी से घुलता है। इस ख़बर में दी गयी जानकारी आपको जागरूकता मात्रा के लिए दी गयी है। अगर आप पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरुर लें।

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नेशनल डॉक्टर्स डे आज: बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और डॉक्टरों को उनकी समर्पित सेवा के लिए शुक्रिया अदा करना

नेशनल डॉक्टर्स डे आज: बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और डॉक्टरों को उनकी समर्पित सेवा के लिए शुक्रिया अदा करना

वेब ख़बरिस्तान, जालंधर। डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप हमेशा से कहा जाता है और इस बात को उन्होंने साबित भी किया है। कोरोना काल में जब लोग पीड़ितों को देखकर उनसे दूर भाग रहे हैं, तब यही डॉक्टर प्रेम और सेवा भाव से उनका उपचार करने में बिजी हैं। डॉक्टरों की भूमिका और ज्यादा कोरोना काल में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। डॉक्टरों ने कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बिना न सिर्फ मरीजों का इलाज किया, बल्कि उन्हें घर से लाने और छोड़ने का काम भी कर रहे हैं। हर साल एक जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। कब और क्यों मनाया जाता है? एक जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। इसको मनाने का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और डॉक्टरों को उनकी समर्पित सेवा के लिए शुक्रिया अदा करना है। आपको बता दें डॉक्टर्स डे यानी कि एक जुलाई को देश के महान डॉक्टर बिधानचंद्र रॉय की पुण्यतिथि होती है और उनकी याद के तौर पर इस दिन को मनाया जाता है। आपको बता दें फर्स्ट नेशनल डॉक्टर्स डे 1 जुलाई 1991 में मनाया गया था। क्या है इस साल की थीम? हर साल इस दिन को एक थीम के साथ मनाया जाता है, लेकिन इस साल 2021 नेशनल डॉक्टर्स डे की थीम 'बिल्डिंग ए फेयरर, हेल्दियर वर्ल्ड' राखी गयी है। जालंधर के डॉक्टर मुकेश गुप्ता जो एक रेडियोलाजिस्ट हैं। उन्होंने इस दिन को लेकर सभी डॉक्टर्स को बधाई दी है। उन्होंने कहा की पेशेंट्स का इलाज करने के लिए दवा के साथ साथ उनको मेंटल स्ट्रेंथ देनी भी बहुत जरुरी है। दवा से सिर्फ उनकी बीमारी ठीक होती है, लेकिन मेंटली सपोर्ट उनको हमेशा के लिए ठीक करता है और इस तरह से पेशेंट की अन्धरुनी पॉवर स्ट्रोंग होती है। उन्होंने यह भी कहा की बंगाल फर्स्ट चीफ मिनिस्टर डॉक्टर बिधानचंद्र रॉय न सिर्फ cm का काम करते थे बल्कि टाइम निकाल कर लोगों की सेवा भी करते थे। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अमित कुमार सिधु ने कहा की अब यह प्रोफेशन बहुत ही ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। इनदिनों लोग खुद ही अपना इलाज गूगल से देखकर कर लेते है और केस बिगड़ जाने पर डॉक्टर को blame करते हैं। इसके अलावा उन्होंने इस प्रोफेशन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी है और कहा कि खुद से डॉक्टर न बने। जनरल फिजिशियन डॉक्टर रिषी आर्य ने कहा इस प्रोफेशन को सही तरीके से निभाना चाहिए। किसी तरह की कोई भी गलत जानकारी पेशेंट को न दें। जितने इलाज की जरुरत है उतना ही दें। सेंटर फॉर चाइल्ड हेल्थ के डॉक्टर अंशुमान वर्मा ने बताया की अब पेशेंट डॉक्टर्स पर ट्रस्ट कम करते हैं और बहुत ज्यादा ही वायलेंस करते हैं जिसके चलते डॉक्टर्स डिफेंसिव मेडिसिन यानि खुद का बचाव करते हैं। उन्होंने कहा की वैसे तो हर दिन डॉक्टर डे होना चाहिए।

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पसीने की दुर्गंध आती है तो एक बार इसे ट्राई करें

पसीने की दुर्गंध आती है तो एक बार इसे ट्राई करें

वेब ख़बरिस्तान। गुलाब एक ऐसा फूल है जिसका सर्वाधिक इस्तेमाल होता है। खुशबू में इसका कोई जवाब नहीं। घर में लगाओ तो वातावरण महक उठता है। पूजा में चढ़ाओ तो देवता प्रसन्न होते हैं। इसकी गुलकंद खाने से कई विकार दूर होते हैं। गुलाब जल के फायदे गिनाए नहीं जा सकते। अब तो गुलाब की खेती करने वाले किसान लाखों करोड़ों में कमाई कर रहे हैं। वेब ख़बरिस्तान के साथ जानिए गुलों में गुल गुलाब के आयुर्वेदिक फायदे।पुराने कब्ज का इलाज है गुलकंद 10 ग्राम गुलाब की पत्तियों को पीसकर मिश्री मिलाकर दिन में 2-3 बार सेवन करते रहने पर स्त्रियों को प्रदर रोग में लाभ होता है। 1 कप गुलाब और संतरे का रस का सेवन करने से सीने की जलन, गले की जलन और जी मिचलाना आदि विकारों में लाभ होता है। दो बड़े चम्मच गुलकन्द, 4 मुनक्का और आधा चम्मच सौंफ को उबालकर, आधा पानी शेष बचने पर रात में सोते समय (सर्दी में गर्म और गर्मी में ठंडे) पानी से सेवन करने पर पुराना कब्ज ठीक हो जाता है। दिन में चार बार गुलाब की पंखुड़ियों को पानी में उबालकर ठंडा करके गरारे करने से मुँह के छालों में लाभ होता है। चंदन में गुलाब जल मिलाकर शरीर या हाथ-पैरों के तलुवों पर लेप करने से खुजली और जलन दूर होती है।पसीने की दुर्गंध दूर होती है पानी में गुलाब के फूलों को घोलकर शरीर पर लेप करके स्नान करने पर शरीर के पसीने की दुर्गंध दूर होती है। गुलाबों के फूलों का गुलकंद दो-दो चम्मच सुबह-शाम सेवन करते रहने से कुछ दिनों में कब्ज की शिकायत में लाभ होता है। प्रतिदिन गुलाब का एक फूल खाते रहने से कुछ दिनों में मसूढ़े मजबूत होते हैं और मसूढ़ों से रक्त आना व मवाद आना बंद हो जाता है। 10 ग्राम गुलाब की पत्तियों के साथ 1 चम्मच पिसी मिश्री और 2 इलायची को पीसकर प्रात:काल बासी मुँह सेवन करते रहने पर पुराना सिरदर्द ठीक हो जाता है।

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लीची में मौजूद विटामिन सी इम्युनिटी को स्ट्रोंग व पेट को ठंडक देता है

लीची में मौजूद विटामिन सी इम्युनिटी को स्ट्रोंग व पेट को ठंडक देता है

वेब ख़बरिस्तान। गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा खाने वाला फल आम माना जाता है । लेकिन लीची भी उन फलों में से एक है, जो गर्मी के मौसम में खाने से बॉडी को कई हेल्थ प्रोब्लेम्स से बचाती है। साथ ही लीची को पानी का एक अच्छा सोर्स भी माना जाता है, जो गर्मी में बॉडी में पानी की कमी से होने वाली समस्या को रोकता है। पोषक तत्वों से भरपूर है लीची लीची में सबसे ज्यादा विटामिन सी, विटामिन बी6, तांबा, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैग्निशियम और मैग्नीज जैसे पोषक तत्व मौजूद हैं। इतने पोषक तत्व होने के कारण ये हमारे शरीर और पेट को ठंडा रखते हैं। वहीँ लीची के सेवन से इम्युनिटी भी स्ट्रोंग होती हैं। इतना ही नहीं लीची को पाचन लिए भी काफी अच्छा माना जाता है। क्या हैं लीची खाने के फायदें गर्मियों में डिहाइड्रेशन होने की समस्या रहती है इसके लिए लीची को डाइट में शामिल कर इस प्रॉब्लम से कुछ हद तक बचा जा सकता है। लीची में भरपूर मात्रा में पानी पाया जाता है जो बॉडी में पानी की कमी को दूर करने में हेल्प करता है। लीची को इम्युनिटी बूस्टर भी कहा जाता है इसमें मौजूद विटामिन सी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसके अलावा लीची खाने से DIGESTIVE सिस्टम ठीक रहता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाने में हेल्प करता है। इसके सेवन से उल्टी, दस्त की समस्या में भी राहत मिलती है। लीची नुक्सान भी देती है लीची में मौजूद मीठापन वजन बढ़ने का एक कारण हो सकता है। अर्थराइटिस पेशेंट को इसको अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए क्योंकि लीची में शुगर और कैलोरी की मात्रा अधिक पाई जाती है। लीची की तासिर गर्म होने के वजह से और अधिक मात्रा में सेवन करने से गले में खराश और दर्द की समस्या हो सकती है।

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लक्षद्वीप में प्रशासक के सुधारों का विरोध

लक्षद्वीप में प्रशासक के सुधारों का विरोध

वेब ख़बरिस्तान। लक्षद्वीप में पिछले कुछ दिनों से बीफ़ बैन, नए क़ानून, पंचायत चुनाव के नियमों में बदलाव के प्रस्ताव का विरोध हो रहा है। लेकिन लक्षद्वीप प्रशासक प्रफुल पटेल के मुताबिक ये नियमानुसार हो रहा है। केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में राज्य की कमान प्रशासक के हाथ है। यहां राज्यपाल नहीं होता। पटेल पर लक्षद्वीप के लोग "संस्कृति, रहने, खाने के तरीक़ों को नुक़सान पहुंचाने और बेवजह डर फैलाने" की कोशिश का आरोप लगा रहे हैं। क्या हैं नए नियम नए नियमों में बीफ़ बैन, पंचायत में दो से अधिक बच्चों के माता-पिता के चुनाव पर रोक, लोगों की गिरफ़्तारी और भूमि अधिग्रहण से जुड़े नए नियम शामिल हैं। फिल्हाल ये ड्राफ़्ट हैं। गृह मंत्रालय की मंज़ूरी बाकी है। एंटी सोशल एक्टिविटी रेग्यूलेशन ड्राफ़्ट पटेल के आने के बाद 29 जनवरी को एक एंटी सोशल एक्टिविटी रेग्यूलेशन ड्राफ़्ट तैयार किया गया है. इसके तहत किसी भी व्यक्ति को एक साल तक बिना 'पब्लिक डिस्कोर्स' के हिरासत में रखा जा सकता है. प्रफुल पटेल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि डेढ़ से दो महीने पहले कोस्ट गार्ड ने लक्षद्वीप के पास से ड्रग्स की बहुत बड़ी खेप पकड़ी है. उसकी क़ीमत 500 करोड़ से ज़्यादा है. वहां पर एके-47 राइफ़ल भी पकड़ी गई है. गांजा की तस्करी इस छोटे लक्षद्वीप में बड़े पैमाने पर हो रही है। बीफ़ बैन का प्रावधान फ़रवरी 2021 में जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को "प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर बीफ़ बेचने, रखने, स्टोर करने, ट्रांसपोर्ट करने, बेचने के लिए प्रदर्शित करने या बीफ़ और इससे जुड़ा कोई प्रोडक्ट ख़रीदने" पर पांबदी होगी।साल 2011 की जनगणना के मुतबिक़ लक्षद्वीप में 96 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी मुसलमानों की है। यहाँ के लोगों का कहना है कि बीफ़ उनका मुख्य भोजन है। बीफ़ के कारोबार से भी कई लोग जुड़े हैं, उन पर रोज़गार का संकट आ गया है। राजनीतिक पार्टियों का विरोध कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद शशि थरूर और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी लोगों की माँगों को समर्थन देने की बात कही है। राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल और इलामरण करीम ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर मामले में दख़ल देने की अपील की है. कौन हैं पटेल प्रफुल खोड़ाभाई पटेल लक्षद्वीप के प्रशासक हैं। पटेल गुजरात में नरेंद्र मोदी सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं। वह पहले भी कई बार विवादों के केंद्र में रहे हैं। लक्षद्वीप में लिए गए उनके फ़ैसलों से फैली नाराज़गी से पहले भी उनका नाम दमन के सांसद मोहन देलकर की रहस्यमयी मौत के मामले में आ चुका है।

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गर्मी में कोल्डड्रिंक की जगह पियें सबसे हेल्दी ड्रिंक,जाने क्या हैं फायदें

गर्मी में कोल्डड्रिंक की जगह पियें सबसे हेल्दी ड्रिंक,जाने क्या हैं फायदें

वेब ख़ब्रिस्तान: बढ़ती गर्मी में लू और डीहाइड्रेशन की समस्या बढ़ने लग जाती है। एनर्जी लेवल लो हो जाता है। इससे बचने के लिए हम सभी बहुत से उपाय करने शुरू कर देते हैं। लगर्मी में कई बार ऐसा भी होता है जब सादा पानी पीने का मन नहीं करता और हम सभी ज्यादतर मार्किट में मिलने वाली कोल्डड्रिंक की तरफ रुख करते हैं। जो हमारी बॉडी के लिए काफी नुकसानदायक होता है। ऐसे में बॉडी को नुकसान से बचाने के लिए कुछ देसी चीजों का सेवन करना ही बेहतर उपाय है। जी हां हम बात कर रहे हैं सुपर फ़ूड और मैजिक ingredient सत्तू की जो गर्मी के मौसम में बॉडी को ठंडा रखने के लिए बहुत ही बेस्ट आप्शन हैं। क्या होता है सत्तू गर्मी में एनर्जी ड्रिंक का काम करता है सत्तू। सत्तू दो प्रकार का होता है जिनमें से एक है चने का सत्‍तू और दूसरा है जौ का सत्‍तू। भुने हुए चनो को पीस कर पाउडर बनाया जाता है और फिर उसको पानी में मिक्स करके पिया जाता है। चने के सत्तू में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। पोषक तत्वों से भरपूर है सत्तू गर्मी में सत्तू खाना और पीना काफी फायदेमंद होता है। इसमें सबसे अधिक मात्रा में फाइबर होता है जो पेट की प्रोब्लेम्स को दूर करने में हेल्प करता है। इसके अलावा इसमें आयरन, मैंगनीज, प्रोटीन, मैग्नीशियम और लो सोडियम भी भरपूर मात्रा में होता है। सत्तू बॉडी को गर्मी में ठंडक प्रदान करता है और दिनभर एनर्जी देता है। इसी कारण इसे प्रोटीन ड्रिंक और एनर्जी डिंक कहा जाता है कैसे करते हैं सत्‍तू का प्रयोग सत्तू को खाने के अलग अलग तरीके हैं। इस आप मीठे या नमकीन शरबत के रूप में पी सकते है। इसके लिए एक गिलास पानी में दो चम्मच सत्‍तू, नमक या चीनी, नींबू का रस और भूना जीरा पाउडर मिलाकर एक अच्छी हेल्थ ड्रिंक बना सकते हैं। इसके अलावा सत्‍तू को लिट्टी और पराठे के रूप में भी खाया जाता है। बहुत हैं सत्तू खाने के फायदे सत्तू डायबिटीज पेशेंट्स के लिए बहुत अच्छी हेल्थ ड्रिंक मानी जाती है। यह आंतों को हेल्दी रखने के लिए भी बहुत बेहतर ड्रिंक हैं। इसे ब्रेकफास्‍ट के रूप में पीते हैं तो यह मोटापे को कम करने में काफी हेल्प करता है। इसके सेवन से फुल डे एनर्जी रहती है और घंटों भूख नहीं लगती। इसको पानी में पिने से कब्ज की समस्‍या भी दूर होती है। अधिक फाइबर होने की वजह से ये ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है। इसके साथ ही जिनको हाई कोलेस्ट्रॉल की प्रॉब्लम है उनके लिए सत्तू एक लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली ड्रिंक है।

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विटामिन ए और  एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है आम, खाते टाइम रखें कुछ बातों का ध्यान

विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है आम, खाते टाइम रखें कुछ बातों का ध्यान

वेब ख़ब्रिस्तान: इन दिनों बाजार में फलों का राजा आम की भरमार है। जिसमे अल्फांसों, दशहरी, लंगड़ा, चौसा आम काफी मशहूर हैं। आम एक ऐसा फल है जो हर कोई खाना पसंद करता है। कई लोग तो आम को रोटी के साथ खाते है, तो कोई mango शेक बना कर पीना पसंद करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं की आम खाने के साथ कुछ खाने-पीने की चीजों का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए क्योंकि उससे बॉडी को कुछ हेल्थ प्रोब्लेम्स होनी शुरू हो सकती है। वैसे आम में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन ए, बी और सी मौजूद होता है, जो हमारे बॉडी को हेल्दी रखने में काफी सहायक होता है। तो चलिए जान लेते हैं आम से जुडी और भी बहुत सी बातें। आम को किन किन चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए दुनिया भर में आम को बहुत चाव के साथ खाया जाता है। लेकिन बहुत से लोगों को यह नहीं पता की आम को ऐसी बहुत सी खाने की चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए। जो बॉडी को नुकसान दे सकती हैं। अगर आप दोपहर में दही खा रहे हैं। तो आम का सेवन बिलकुल न करें। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों ही चीजों को एक साथ खाने से बॉडी में कार्बन डाई ऑक्साइड ज्यादा बनने शुरू हो जाती है। जिससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा खाने की प्लेट में करेला और आम है। तो तुरंत करेले को अलग कर दीजिये। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों का सेवन एक साथ करना नुकसान करता है। आम खाने के तुरंत बाद करेला खाने से उल्टी, जी मिचलाना इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। वहीँ बहुत से लोगों को ठंडी चीजों को पीना बेहद पसंद होता है और अगर गर्मीं का मौसम हो तो ठंडा पीने से कोई परहेज भी नहीं करता। लेकिन आम खाने के बाद कोल्ड ड्रिंक लेना हानिकारक हो सकता है। कोल्ड ड्रिंक में बहुत ज्यादा मात्रा में शुगर होती है, जो बॉडी के ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाती है। वैसे तो डायबिटीज पेशेंट्स को आम और कोल्ड ड्रिंक दोनों ही चीजों से परहेज करना चाहिए। कितनी मात्रा में खाएं आम आज कल के लाइफस्टाइल में आम को पकाने के लिए कारोबारी उसमे कई तरह के तरीके और केमिकल डाल कर उसे जल्दी पका देते हैं। जो हमारी बॉडी के लिए काफी नुकसान दायक होते हैं। आम खाने से पहले भले ही उसे धो लेते हैं, लेकिन सिर्फ धोने मात्रा से केमिकल का असर खत्म नहीं हो जाता। इसलिए कोशिश करें की बहुत जयादा मात्रा में आम न खाएं। दिन में खाने के टाइम पर एक आम अपनी डाइट में जरूर ऐड करें। क्या है आम खाने का सही तरीका आमतौर पर लोग इसे खाना खाने के बाद खाते हैं। लेकिन अगर आम को खाना खाने से एक घंटा पहले और एक घंटा रुक कर खाया जाये। तो ये नुकसान नहीं करता। इसकी तासीर गर्म होती है, जिसके कारण इसको दूध में मिलकर mango शेक के रूप में पिया जाता है। इस ख़बर में दी गयी जानकारी को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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कोरोना रिकवरी के बाद डाइट में शामिल करें प्रोटीन और रखें खास बातों का ख्याल

कोरोना रिकवरी के बाद डाइट में शामिल करें प्रोटीन और रखें खास बातों का ख्याल

वेब ख़ब्रिस्तान: कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद आपको अपनी बॉडी में प्रोटीन और पानी का विशेष रूप से ध्यान रखने की जरुरत है। ऐसा इसलिए क्यूंकि covid रिकवरी के दौर में बॉडी काफी कमजोर हो जाती है। रिकवरी के टाइम पर अच्छे खाने पीने से हेल्थ बहुत तेजी से अच्छी होती है। इसके अलावा यदि रिकवरी पेशेंट का अच्छे से ध्यान न रखा जाये तो उसे अन्य मौसमी बीमारियां बहुत ही आसानी से घेर लेती हैं। तो आईये जान लेते हैं कि covid रिकवरी के दौरान और बाद में कौन सी खाने की आइटम को डाइट में शामिल करें। 2-3 घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें covid रिकवरी के दौरान बॉडी बहुत ही कमजोर हो जाती है। ऐसे में रिकवरी पेशेंट को हर 2-3 घंटे के अंतर में हेल्दी डाइट लेनी चाहिए। खाने में एक चम्मच देशी घी या अल्सी का पाउडर भी मिला कर दें सकतें हैं। इससे मरीज जितनी मात्रा में भी भोजन करेगा, उसे उसमें ही पर्याप्त कैलोरी मिल जाएगी जो उसे कमजोर नहीं होने देगी। प्रोटीन युक्त दालों का सेवन अधिक से अधिक करें डाइट में प्रोटीन शामिल करने के लिए पेशेंट को दाल और बेसन की रोटी यानि की गेहूं के आटे में गूंथकर बनाकर खिलाएं। रात की बची दाल से चिला बना कर रात के खाने में दे सकते हैं। दाल खाने का मन न हो तो दलिया और ओट्स भी ब्रेकफास्ट में दे सकते हैं। बॉडी को हाइड्रेट रखें covid रिकवरी के टाइम पर बॉडी को हाइड्रेट रखना भी बेहद जरुरी है। उसके लिए नारियल का पानी पीना लाभदायक है। इसके अलावा सत्तू का पानी या छाछ-दही में जीरा मिलाकर पीने के लिए दे सकते हैं। जो digestive सिस्टम को ठीक रखने में हेल्प करेगा। यह बॉडी में गर्मी को भी कम करेगा और बॉडी को हाइड्रेट रखेगा। बॉडी में विटामिन सी पूरा करने के लिए नीबू पानी या शिकंजी भी पेशेंट को दे सकते हैं। covid रिकवरी पेशेंट फ्रिज के पानी की जगह सादा पानी या घड़े का पानी पियें। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ये करें चुकुंदर, सेब खाने से बॉडी की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा विटामिन सी की मात्रा बढ़ाने के लिए हरे धनिए की चटनी, आंवला और नींबू के रस का सेवन करें। रात को हो सके तो दूध में हल्दी के साथ काली मिर्च डाल कर पीने से लाभ मिलेगा। इनदिनों तेज गर्मी पड़ने लगी है तो सिर्फ तुलसी की पत्ती, अदरक, हल्दी और काली मिर्च से ही काढ़ा बनाए और दिन में एक बार ही पियें

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