कोलेस्ट्रॉल-डायबिटीज को एक साथ कंट्रोल करने में काम आएंगे भुने चने



चने भूनने से इसके तत्व कम नहीं होते बल्कि बढ़ जाते हैं

खबरिस्तान नेटवर्क। भुने चने प्रोटीन, फाइबर, फोलेट, मिनरल्स और फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि चने भूनने से इसके तत्व कम नहीं होते बल्कि बढ़ जाते हैं। नियमित रूप से भुने चने खाने से आपको मोटापा कम करने, डायबिटीज-कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने और शरीर की मसल्स को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। भारत में भुने चने का खूब सेवन किया जाता है। इसे काले भुने चने भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल कई व्यंजनों में भी किया जाता है। वास्तव में चने को मध्यम आंच पर भूना जाता है। यही वजह है कि यह कुरकुरा हो जाता है और स्वाद में भी लाजवाब बन जाता है।

अगर बात करें भुने चने के पोषक तत्वों की तो यह प्रोटीन, फाइबर, फोलेट, मिनरल्स और फैटी एसिड का एक बड़ा स्रोत है। सबसे बड़ी बात इसमें फैट की मात्रा कम होती है और यह ऊर्जा का सबसे बढ़िया स्रोत है। यह आपको भरा हुआ महसूस कराता है और आपके ब्लड शुगर को स्थिर रखता है।

फैट टू स्लिम की डायरेक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट एंड डाइटीशियन शिखा अग्रवाल शर्मा के अनुसार, चने को भूनने से इसके पोषक तत्व बढ़ जाते हैं। वैसे तो कच्चे चने को आ सब्जी के रूप में, उबालकर या भिगोकर भी खा सकते हैं लेकिन भुने चने में आपको इतनी मेहनत करने की जरूरत नहीं है। चलिए जानते हैं कि नियमित रूप से भुने चने खाने से आपकी सेहत को क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।

प्रोटीन का खजाना

अगर बात करें कि सबसे ज्यादा प्रोटीन किसमें पाया जाता है, तो चने प्रोटीन का एक बढ़िया स्रोत हैं। इन्हें भूनने से इसके पोषक तत्व बिल्कुल भी प्रभावित नहीं होते हैं। शरीर में नई कोशिकाओं की मरम्मत और निर्माण के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है, जो विशेष रूप से बच्चों, किशोरों और गर्भवती महिलाओं में वृद्धि और विकास को बढ़ावा देती है।

वजन घटाने में सहायक


भुना हुआ चना भी आहार फाइबर का एक उत्कृष्ट स्रोत है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, फाइबर से भरपूर चीजें खाने से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है। यही वजह है कि आप उल्टी-सीधी चीजें खाने से बच जाते हैं। इसके अलावा फाइबर पाचन को बेहतर करहने और कब्ज को रोकने में भी सहायक है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए बढ़िया ऑप्शन

कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) वाले खाद्य पदार्थ सभी डायबिटीज रोगियों के लिए बेहतर हैं। कम जीआई होने का मतलब है कि उस विशेष खाद्य पदार्थ के सेवन से आपके ब्लड शुगर लेवल में अन्य खाद्य पदार्थों की तरह उतार-चढ़ाव नहीं होगा। चूंकि चने का जीआई लेवल 28 है इसलिए यह डायबिटीज के रोगियों के लिए खाने का एक अच्छा विकल्प है।

 

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हड्डियों को बनाता है मजबूत

भुना चना हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाने का काम करता है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार भुने हुए चने में मौजूद मैंगनीज और फास्फोरस आपके शरीर को स्वस्थ हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं और हड्डियों की असामान्य संरचना, शव की नाजुकता, जोड़ों के दर्द आदि जैसी स्थितियों को रोकते हैं।

ब्लड प्रेशर करता है कंट्रोल

चना फैट और कैलोरी में कम होता है जबकि प्रोटीन और फाइबर में का बढ़िया स्रोत है। भुने चने में कॉपर, मैंगनीज और मैग्नीशियम होता है। कॉपर और मैग्नीशियम सूजन को कम करते हैं और रक्त वाहिकाओं को आराम देते हैं। मैंगनीज ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है। भुने चने में फॉस्फोरस होता है। फास्फोरस ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। फास्फोरस शरीर की प्रक्रियाओं में भी मदद करता है।

कोलेस्ट्रॉल को भी करता है कम

भुने चने फाइबर का बढ़िया स्रोत है और यही वजह है कि इसके नियमित सेवन से खून में गंदे कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलती है। ध्यान रहे कि इस गंदे पदार्थ के निर्माण से नसों में ब्लॉकेज हो सकती है जिससे आपको दिल के रोग और हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। 

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