Paralysis Attack: अगर आपको भी लगे ये लक्षण, तो जाएं सावधान



आयुर्वेदिक उपायों से मिलता है आराम, रोगी कुछ दिनों में ही स्वस्थ होना शुरू हो जाता है

खबरिस्तान नेटवर्क: पैरालिसिस यानि कि लकवे की बीमारी के बारे में आपने बहुत बार सुना होगा। ये बीमारी किसी की पूरी बॉडी को पैरालिसिस कर देती है या फिर किसी की आधी बॉडी ही इस बीमारी का शिकार होती है। इसे paralysis भी बोला जाता है जोकि एक वायु रोग है, इसके प्रभाव से संबंधित अंग की शारीरिक प्रतिक्रियाएं, बोलने और महसूस करने की क्षमता खत्म हो जाती हैं। तो चलिए इसके बारे में जानते हैं।

कैसे हो सकते है इसके लक्षण

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक पैरालिसिस कई लक्षणों के साथ हो सकता है, जो बीमारी, विकार या स्थिति के आधार पर अलग-अलग होते हैं। लकवा के लक्षणों में Nervous system सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। इसके होने पर मूड में बदलाव आता है, व्यक्ति के व्यवहार में भी परिवर्तन होता है, कुछ समय के लिए चेतना का भ्रम भी महसूस होने लग जाता है, याददाश्त का कम होना, सोचने, बात करने, समझने, लिखने या पढ़ने में भी कठिनाई आती है और इतना ही नहीं व्यक्ति सुन्न भी हो जाता हैं।

अन्य लक्षण भी हैं खतरनाक

इनके अलावा लकवा के लक्षण शरीर के अन्य अंगों के लक्षणों से भी जुड़े हो सकते हैं जिसमें, कब्ज, दस्त, बुखार, बहरापन, ठीक से न दिखाई देना, दृष्टि में परिवर्तन आना, उल्टी या मतली, गर्दन दर्द, गंभीर सिरदर्द होना आदि शामिल हैं। ऐसा कभी भी महसूस हो तो हलके में न लें।

बढ़ती उम्र में ध्यान रखें

बता दें कि बहुत बार ये बढ़ती उम्र के कारण भी होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिक उम्र में मांसपेशियों की दुर्बलता और मानसिक दुर्बलता इसका कारण बनता है। साथ ही  बढ़ती उम्र में बढ़ता हुआ ब्लड प्रेशर और उलटी सामान्य से अधिक होना व साथ में दस्त का लगातार होना भी लकवे का मुख्य कारण हो सकता है।

कितने देर में रिकवरी होती है


डॉक्टर्स के मुताबिक, लकवा आने के और समय से इलाज शुरू होने के दो से तीन दिन में पेशेंट में सुधार आना शुरू हो जाता है। कई बार से छह महीने तक भी चाल जाता है। कहने के मतलब है कि इसमें कई बार रिकवरी आने में 6 महीने का समय भी लग जाता है। वहीँ बता दें इसके इलाज में डेढ़ साल में पूरी तरह से रिकवरी आ सकती है।

पैरालिसिस के लिए कुछ घरेलू उपाय

हल्दी का काढ़ा देता है राहत

जिस व्यक्ति को लकवा पड़ता है उसे तुरंत हल्दी का काढ़ा बनाकर पिला दें। इससे लकवे का दौरा बंद हो जाता है। हल्दी का काढ़ा आयुर्वेद की प्राचीन पुस्तकों में पाए जाने वाले सबसे शक्तिशाली और महत्वपूर्ण मसाले में से एक माना गया है। बच्चों से लेकर वयस्कों तक हल्दी दूध सभी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए लाभदायक है।

नींबू पानी

बता दें कि आयुर्वेदिक के अनुसार पीड़ित रोगी को प्रतिदिन नींबू पानी का एनिमा लेकर अपने पेट को साफ करना चाहिए। ऐसा इसलिए ताकि पेशेंट के शरीर से अधिक से अधिक पसीना निकल सके। पसीना आने से ये रोग जल्दी ठीक होता है।

गर्म चीजों का सेवन न करें  

लकवा रोग से पीड़ित रोगी यदि बहुत अधिक कमजोर हो तो रोगी को गर्म चीजों का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। इससे उसे रोग से लड़ने की शक्ति मिलेगी। लेकिन पैरालिसिस के जिन रोगियों को उच्च रक्तचाप की समस्या है, वे गर्म चीजों से पूरी तरह से परहेज करें।

गीली मिट्टी का लेप

लकवा रोग को काटने के लिए लकवा रोग से पीड़ित रोगी के पेट पर गीली मिट्टी का लेप लगाना चाहिए। यदि रोजाना ना हो सके, तो एक दिन छोड़ कर यह उपाय जरूर करें। तो कुछ ही दिनों में लकवा रोग ठीक हो जाता है।

ये जानकारी आपको जागरूकता मात्र के लिए दी गयी है। यदि आप गंभीर रोग से ग्रस्त हैं तो एक बार अपने डॉक्टर को जरूर दिखाएँ।

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https://webkhabristan.com/tandrustai-namah/ramsay-hunt-syndrome-treatment-and-symptoms-9756

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