महिलाओं की हड्डियां जल्दी कमज़ोर होने का क्या है कारण, जानें



हड्डियों के स्ट्रक्चर को ठीक रखने के लिए डाइट में प्रोटीन ऐड करें

खबरिस्तान नेटवर्क: आज कल की लाइफ स्टाइल को देखते हुए महिलाओं में बहुत से हेल्थ इश्यूज हो रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा 40 प्लस वाली लेडिज को बोन प्रॉब्लम और हड्डियों में दर्द की रहती है। बता दें कि बहुत सी महिलाओं से ज़्यादा देर ज़मीन पर बैठा नहीं जाता। 5-10 सीढ़ियां ज़्यादा चल ली तो पैरों में दर्द होने लगता है। बैठे, बिठाए जोड़ों में, कंधों में और कमर में दर्द होने लगता है। ऐसे में हो सकता है कि उन लेडिज की बोन डेंसिटी बहुत ज़्यादा कम हो गई हो। तो चलिए आज औरतों की हेल्थ प्रॉब्लम्स के बारे में जानते हैं, जो 40 साल की उम्र में आते-आते कम बोन डेंसिटी और कमज़ोर हड्डियां होने की शिकार हो जाती है। सबसे पहले बोन डेंसिटी के बारे में जानते हैं।

बोन डेंसिटी क्या होती है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक हमारी हड्डियों में दो तत्व मौजूद होते हैं, ट्रेबिक्यूले और मिनरल्स। इन दोनों के मिलेजुले इफ़ेक्ट से हड्डी की ताकत को नापा जाता है। इसके लिए एक्सपर्ट्स कुछ मशीनों की हेल्प भी लेते हैं। इसके साथ ही ट्रेबिक्यूले और मिनरल्स के असर को एक स्कैन से नापा जाता है। इससे एक स्कोर बनता है। इसी को आम भाषा में बोन डेंसिटी कहा जाता हैं।

औरतों में बोन डेंसिटी उम्र के साथ कम होने का कारण

बता दें कि महिलाओं में एस्ट्रोजेन नामक एक हॉर्मोन होता है। ये हॉर्मोन हड्डियों में कैल्शियम और विटामिन डी के डिपॉज़िट के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है। वहीँ मेनोपॉज़ के बाद एस्ट्रोजेन हॉर्मोन धीरे-धीरे कम होना शुरू हो जाता है। ऐसे में हड्डियों में मिनरल ठीक तरह से डिपॉज़िट नहीं हो पाता। साथ ही अगर डाइट में प्रोटीन की मात्रा ठीक नहीं है तो हड्डियों का स्ट्रक्चर कमज़ोर हो जाता है। कहें का मतलब हड्डियों की डेंसिटी कम होने लगती है।

इसके होने के कई अन्य रिस्क फैक्टर हैं


मेनोपॉज़ सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर माना जाता है। इसके अलावा अगर ज़्यादा चलते-फिरते नहीं हैं। हड्डियों पर वज़न नहीं आता। ऐसे में और ज़्यादा रिस्क पर आ जाते हैं। कोई ऑटोइम्यून डिसऑर्डर हैं जैसे गठिया। इसमें हड्डियों की डेंसिटी सामान्य से कम हो सकती है। अगर हड्डियों पर ज़ोर नहीं पड़ता तो डेंसिटी बहुत तेज़ी से कम होती है। अगर डाइट में प्रोटीन की मात्रा ठीक नहीं है तो हड्डियों का स्ट्रक्चर कमज़ोर होने लगता है। स्मोकिंग, शराब भी बड़ी वजह मानी जाती हैं। नींद की कमी के कारण भी ऐसा हो सकता है। वो चीज़ें पीना जिनमें कैफ़ीन हो जैसे चाय, कॉफ़ी।

इसके लक्षणों को कैसे पहचान सकते हैं

एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर के अलग-अलग भागों में दर्द हो जैसे कमर, टांगें, बाज़ू, कंधे आदि पर। हर समय थकावट महसूस होती है। साथ ही मांसपेशियां कमज़ोर होने लगती हैं। समय बीतने के साथ कमर में आगे की ओर झुकाव महसूस हो सकता है। ऐसा सीवियर ऑस्टियोपोरोसिस में होता है क्योंकि रीढ़ की हड्डी शरीर के वज़न के तले झुकने लगती है। साथ ही शरीर का पॉस्चर बदलने लगता है। हाइट कम होने लगती है। सीवियर ऑस्टियोपोरोसिस में हल्की सी चोट लगने पर भी हड्डियां टूट जाती है। इसलिए ऐसे में हिप या स्पाइन के फ्रैक्चर होने का रिस्क भी बढ़ जाता है।

इलाज के लिए क्या करें

बता दें इसकी शुरुआत 30-35 की उम्र में होनी शुरू हो जाती है। 30-35 साल की उम्र में बोन डेंसिटी अपनी चरम सीमा पर होती है। उसके बाद बोन डेंसिटी कम होनी ही होनी है। लेकिन बोन डेंसिटी कम होने की दर हर इंसान में अलग हो सकती है। इसलिए बचाव बचपन से करना जरूरी है। वहीँ जब तक बोन डेंसिटी बहुत ज़्यादा कम नहीं हो जाती, तब तक इसके लक्षण नहीं दिखते हैं। इसके लिए डाइट में दूध, दूध से बनी चीज़ें, प्रोटीन, कैल्शियम लेना जरूरी है। वहीँ आप धूप में कुछ समय के लिए बैठें। सुअभ सुअभ की धूप जरूर लें। रेगुलर एक्सरसाइज करें। ख़ासतौर पर वो एक्सरसाइज करें जिनसे हमारे पांव और शरीर पर वज़न आए। जैसे चलना। जिन एक्सरसाइज से पांव पर वज़न नहीं आता जैसे स्विमिंग, उनका बोन डेंसिटी बढ़ाने में कोई योगदान नहीं है। शराब, तंबाकू का सेवन न करें। कैफ़ीन वाली ड्रिंक्स एक लिमिट में लें। बता दें कि बहुत ज़्यादा कैफ़ीन बोन डेंसिटी को कम करने में कारगर साबित होती है। अगर आपको बहुत ज्यादा ही पैन होती है तो डॉक्टर से पूछकर कैल्शियम और विटामिन डी के सप्लीमेंट लें।

इसलिए आज से ही अपनी हड्डियों का ख्याल रखना शुरू कर दें। 40 साल के होने के बाद ये कम होनी ही है। इसलिए आज से ही अपनी डाइट में कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन रखिए। एक्सरसाइज करिए और हेल्दी रहिए।

ये जानकारी आपको जागरूकता मात्र के लिए दी गयी है खबरिस्तान नेटवर्क इसकी कोई पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले या इसके बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए एक्सपर्ट्स से राय जरूर ले।

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