इन कारणों से अचानक सुनाई देना हो जाता है बंद



30 से 60 की उम्र में लोगों को अचानक सुनाई देना बंद हो जाता है

खबरिस्तान नेटवर्क। बढ़ती उम्र के साथ-साथ ढेर सारी परेशानियां होने लगती है, जिसमें से एक है सुनने की क्षमता में कमी। खराब लाइफस्टाइल और खराब खान-पान की वजह से अब 30 से 60 की उम्र में लोगों को अचानक सुनाई देना बंद हो जाता है, जिसे मेडिकल की भाषा में 'सडन सेंसरीनुरल हियरिंग लॉस' के रूप में जाना जाता है। बात करें इस बीमारी के बढ़ते मामलों की तो दिल्ली के अस्पताल में रोजाना कान में संक्रमण से पीड़ित इलाज के लिए आने वाले 20 प्रतिशत मरीजों में हियरिंग लॉस की समस्या देखने मिल रही हैं। आइए जानते हैं इस बीमारी की बढ़ती समस्या के पीछे की वजह और दूसरी जरूरी जानकारियां।

समस्या के बढ़ने की वजह

ट्यमूर, सिर का आघात, इयरवैक्स, वायरल संक्रमण के कारण अचानक सुनने की क्षमता कम होने लगती हैं।


कब होता है ये

सेन्सरी न्यूरल हियरिंग लॉस (एसएनएचएल) वह है जो आंतरिक कान में होता है। यह कभी-कभार बहुत देर से होता है या अचानक हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की 2020 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में मौजूद आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 4.66 करोड़ लोग सुनने की अक्षमतासे पीड़ित हैं और इनमें से 34 लाख बच्चे हैं। ये आंकड़ा बताता है कि, 2050 तक 10 करोड़ से अधिक लोगों को सुनने की समस्या हो सकती है। सुनने में परेशानी आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

मुंबई स्थित अपोलो स्पेक्ट्रा में ईएनटी सर्जन डॉ. संजीव डांग का कहना है कि अचानक सेंसरिनुरल हियरिंग लॉस (एसएसएचएल) एक सामान्य समस्या है, जब किसी के आंतरिक कान में Cochlea, या कान और मस्तिष्क के बीच तंत्रिका मार्ग प्रभावित होने पर यह समस्या होती हैं। सिर में कोई गंभीर चोट लगी है, तो यह आप में अचानक से बहरापन पैदा कर सकता है। इसके अलावा रोजाना तेज ध्वनी के संपर्क में आने से अचानक सुनने की क्षमता पर असर पड़ सकता हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा रक्तप्रवाह में रूकावट आना यह भी हियरिंग लॉस का कारण बनता हैं। कई बार गलत दवाइयों के कारण भी लोगों के कान खराब हो सकते हैं। इसके लिए किसी भी तरह की दवाइयों को लेने से पहले डॉक्टर की सलाह देना जरूरी हैं। इसलिए अगर आपको अचानक सुनाई देना बंद हुआ तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए। समय रहते इलाज हुआ तो 14 दिनों के भीतर मरीज ठीक हो सकता हैं।

कैसे रोकें ये स्थिति

डॉ. डांग का कहना है कि कान में मैल जमा होने के कारण अचानक सुनने की क्षमता कम हो सकती हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हैं। इतना ही नहीं बल्कि बहरापन रोकनेके लिए, अपने टेलीविज़न या साउंड सिस्टम को तेज आवाज में चालू न करें। अगर आप शोर करने वाले उपकरण का उपयोग कर रहे हैं तो ईयर प्रोटेक्टर पहनें। ईयर वैक्स को ठीक से हटाएं। मधुमेह और अन्य पुरानी बीमारियों से पिडीत लोगों के खुद का ध्यान रखना काफी जरूरी हैं। अगर आपको सुनने में कठिनाई होती है, तो अपनी सुनने की क्षमता का परीक्षण करवाएं।

कौन सी जांच आएगी काम

एक्सपर्ट का कहना है कि कान में सुनाई देने की क्षमता की जाचं कराने के लिए ऑडियोमेट्री टैस्ट करते हैं। एमआरआई व सीटी स्कैन भी कर सकते हैं। कान के अंदर नस की सूजन को तुरंत कम करने के लिए स्टेरॉयड या एंटीवायरल दवा दी जाती है। इसे टेबलेट के रूप में खाने व इंजेक्शन के रूप में नस या कान के पर्दे से सीधे कान में अंदर पहुंचाते हैं। हाइपरवेरिक ऑक्सीजन थैरेपी की मदद से एयर प्रेशर को बढ़ा देते हैं। इसके अलावा आप डॉक्टर की सलाह से इयर ड्रॉप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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