तंदरुस्ताये नमः

आज है विश्व कुष्ठ रोग दिवस जानिए इस दिन का इतिहास

आज है विश्व कुष्ठ रोग दिवस, जानिए इस दिन का इतिहास

हर साल जनवरी के अंतिम रविवार को मनाया जाता है विश्व कुष्ठ रोग दिवस


सूखी खांसी से राहत पाने के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक टिप्स, तुरंत मिलेगा आराम

सूखी खांसी से राहत पाने के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक टिप्स, तुरंत मिलेगा आराम

खबरिस्तान नेटवर्क। मौसम में बदलाव होने पर कई तरह की परेशानियां दावत देने लगती हैं। इन बीमारियों में ड्राई कफ शामिल है। ड्राई कफ की परेशानी लंबे समय तक होने पर सीने में दर्द के साथ-साथ पेट में दर्द भी होने लगता है। ड्राई कफ के मरीजों को खांसने के साथ-साथ काफी ज्यादा सिरदर्द की समस्या होती है। इस परेशानी को कम करने के लिए आप आयुर्वेदिक नुस्खों का सहारा ले सकते हैं। जी हां, खासतौर पर सर्दियों में होने वाली ड्राई कफ की परेशानी को दूर करने के लिए आयुर्वेद में कई तरह के हर्ब्स मौजूद हैं। आइए जानते हैं सूखी खांसी दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय क्या हैं? सूखी खांसी का आयुर्वेदिक इलाज काली मिर्च काली मिर्च के इस्तेमाल से आप सूखी खांसी की परेशानी को दूर कर सकते हैं। इसके लिए एक पेस्ट्री बोर्ड पर 4-6 काली मिर्च के बीजों को अच्छी तरह से पीस लें। इसके बाद इसमें एक चम्मच शहद डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब इस मिश्रण को दिन में दो से तीन बार खाएं। इससे सूखी खांसी की परेशानी दूर होगी। बादाम सूखी खांसी के लिए बादाम काफी फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए रोजाना रात में लगभग 7 से 8 बादाम को पानी में भिगोकर छोड़ दें। इसके बाद सुबह इसे छिलकर खाएं। इसके अलावा आप इसके छिलकों को उताकर इसे पीस लें। अब इस पेस्ट में थोड़ा सा मक्खन और चीनी मिक्स कके इसका सेवन करें। इससे सूखी खांसी की परेशानी दूर हो सकती है। हरड़ ड्राई कफ की परेशानी को दूर करने के लिए हरड़ काफी प्रभावी हो सकता है। इसके लिए करीब 10 ग्राम हरड़ को अच्छी तरह से पीस लें। अब इसमें थोड़ी सी काली मिर्च मिक्स कर लें। इसके बाद इस मिश्रण में 1 चुटकी नमक और 2 चम्मच शहद मिक्स करें। अब इस मिश्रण का सेवन करें। इससे ड्राई कफ की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। पिप्पली, अदरक और तुलसी सूखी खांसी का इलाज करने के लिए आप लगभग 10 ग्राम पिप्पली,सोंठ, तुलसी के पत्ते लें। इसके बाद इसमें 4-6 छोटी इलाइची डाल कर बारीक पीस लें। अब इस चूर्ण को बराबर मात्रा में शहद के साथ सेवन करें। इससे सूखी खांसी की परेशानी से आराम पा सकते हैं। अदरक और शहद सूखी खांसी से दिलाए राहत सूखी खांसी की परेशानी के लिए अदरक, पान के पत्ते, शहद काफी प्रभावी नुस्खे हो सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले 1 चम्मच अदरक का रस लें। इसमें 1 चम्मच शहद मिक्स करें। इसके बाद 1 छोटा चम्मच पान के पत्तों का रस मिक्स करें। अब इस मिश्रण को 1 चम्मच गुनगुना पानी के साथ पिएं। इससे सूखी खांसी से आराम पा सकते हैं।

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बिस्तर पर बैठे-बैठे कोलेस्ट्रॉल लेवल  बढ़ाती हैं ये आदतें

बिस्तर पर बैठे-बैठे कोलेस्ट्रॉल लेवल  बढ़ाती हैं ये आदतें

खबरिस्तान नेटवर्क। हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का प्रमुख कारण है कोलेस्ट्रॉल। कोलेस्ट्रॉल आपकी नसों में जमा होने वाला वो गाढ़ा पदार्थ है, जो रक्त के प्रवाह को बाधित करने का काम करता है। अब आप सोच रहे होंगे कि कोलेस्ट्रॉल बनता कैसे है। आपको बता दें कि हमारा लिवर ये फैट जैसा गाढ़ा पदार्थ बनाने का काम करता है और आप जो खाते हैं उससे निकलने वाले तत्वों से मिलकर बना होता है। ऐसा नहीं है कि कोलेस्ट्रॉल का कोई काम नहीं है बल्कि आपके सेल मेंबरेन को बनाने से लेकर हार्मोन के निर्माण में मदद करता है। हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं कि ये कई बीमारियों की एक प्रमुख वजह है लेकिन आपकी कुछ आदतें (Habits that Increases Cholesterol) ही इसे बढ़ाने का काम करती है। जी हां, ये आदतें सिर्फ और सिर्फ बिस्तर पर बैठे-बैठे आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल (Cholesterol level in hindi) बढ़ा सकती हैं। कितना होना चाहिए कोलेस्ट्रॉल लेवल? टोटल कोलेस्ट्रॉल 200 से कम होना चाहिए। 2-एचडीएल 60 से कम होना चाहिए और आपको बीमारियों से बचाकर रखता है। 3-एलडीएल 100 से कम होना चाहिए। 4-ट्राइगिलीसेराइड 150 से कम होना चाहिए। एक्सरसाइज न करना बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है एक्सरसाइज न करना। अगर आप कुछ भी खाने वाले लोगों में शामिल हैं तो आपको एक्सरसाइज करने की जरूरत है। आपको सप्ताह में कम से कम 5 दिन तो एक्सरसाइज करनी चाहिए ताकि आप ह्रदय रोग के खतरे को कम कर सकें। वजन बढ़ना अगर आप बिस्तर पर बैठकर अपना ज्यादातर वक्त गुजार देते हैं और सिर्फ खाना खाने पर ही ध्यान देते हैं तो आपको जरूरत है अपनी इस आदत को बदलने की। जी हां, मोटे लोगों में हाई कोलेस्ट्ऱॉल का खतरा अधिक होता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने बढ़े हुए वजन को कम करने की कोशिश करें। उम्र और लिंग उम्र बढ़ने के साथ-साथ आपका गुड कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होने लगता है और बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा खून में बढ़ती चली जाती है। महिलाओं में खासतौर पर मेनोपॉज के बाद ये स्थिति आम होती है। इसलिए जरूरी है कि आप हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ-साथ दूसरे हेल्थ चेक-अप भी कराएं। अनुवांशिक अगर आपके घर में किसी को हाई कोलेस्ट्रॉल की परेशानी है तो आपको ज्यादा संभावना है कि ये समस्या हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप समय पर जांच कराएं और अगर आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई तो फिर अपने जीवन में कुछ बदलाव लाएं ताकि आप उस बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकें।

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आप भी अक्सर भूल जाते हैं जरूरी चीजें, मेमोरी बढ़ाने के लिए करें ये काम

आप भी अक्सर भूल जाते हैं जरूरी चीजें, मेमोरी बढ़ाने के लिए करें ये काम

खबरिस्तान नेटवर्क। हमारे ब्रेन की ताकत और याद्दाश्त या मेमरी ब्रेन की शक्ति पर निर्भर ककरती है। हमारा दिमाग दिनभर काम करता है और ब्रेन को काम करने में मदद करने के लिए सही मात्रा में पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है। नेचुरल तरीकों से ब्रेन की शक्ति बढ़ाने से लोगों को नयी जानकारियां सीखने और ब्रेन फंक्शन सुधारने में मदद होती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है और इसीलिए, लोगों को उम्र बढ़ने के साथ अपने ब्रेन की हेल्थ पर ध्यान देने की जरूरत पड़ती है। यहां पढ़ें कुछ ऐसे ही तरीकों के बारे में जो लोगों की मेमरी पॉवर बढ़ाने में मदद करते हैं। ध्यान करें लोगों को मेडिटेशन और ध्यान करने से फोकस करने की शक्ति बढ़ती है। मेडिटेशन करने से तनाव और एंग्जायटी कम होती है और कॉग्निटिव क्षमता बढ़ती है। इसीलिए, रोजाना मेडिटेशन करने की कोशिश करें। अल्कोहल का सेवन कम करें जो लोग अल्कोहल या शराब का सेवन बहुत अधिक करते हैं तो इससे आपकी मेमरी कमजोर हो सकती है। कई स्टडीज के अनुसार, अधिक मात्रा में अल्कोहल पीने से मेमरी पॉवर पर नकारात्मक असर हो सकता है। एक्सरसाइज करें ओवरऑल हेल्थ के साथ-साथ ब्रेन के लिए एक्सरसाइज करने से फायदा हो सकता है। इससे शरीर में रक्त का संचार बेहतर होता है, ब्रेन को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलता है और पोषक तत्वों की भी पर्याप्त मात्रा भी ब्रेन तक पहुंचती है। इससे मेमरी और एकाग्रता बढ़ती है। हेल्दी डाइट लें हमारे दिमाग को न्यूट्रिएंट्स की एक निश्चित मात्रा जरूरी होती है। पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मिलने से दिमाग को काम करने में मदद होती है और अनहेल्दी इटिंग करने से ब्रेन पर असर भी पड़ता है। रिफाइंड कार्ब, बेकरी प्रॉडक्ट्स, शक्कर और सोडा जैसी चीजों का सेवव करने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है और इससे ब्रेन को नुकसान हो सकता है। गहरी और पर्याप्त नींद सोएं हर रात 7-8 घंटे सोने से शरीर और ओवरऑल हेल्थ को फायदे हो सकते हैं। रात में सोते समय ब्रेन रिकवरी जैसी कई प्रक्रियाओं से गुजरता है और ऐसे में पर्याप्त मात्रा में नींद ना मिलने से ये प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में हर रात अच्छी औऱ गहरी नींद सोना ना भूलें।

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जानिए कौन से फूड्स खाने से मल के साथ निकलता है खून

जानिए कौन से फूड्स खाने से मल के साथ निकलता है खून

खबरिस्तान नेटवर्क। आपका खराब खान-पान और बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल आपको कई बीमारियों का शिकार बनाता है। इतना ही नहीं खराब खान-पान की वजह से आपका पाचन भी बिगड़ जाता है, जिसकी वजह से पेट से जुड़ी परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। इनमें गैस बनना, अपच, कब्ज और दूसरी समस्याएं शामिल हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि इन परेशानियों को तो दवा से दूर किया जा सकता है तो आपको बता दें कि ज्यादा दिनों तक गैस और कब्ज कई गंभीर परेशानियों की वजह बन सकता है, जिसमें बवासीर यानि की पाइल्स भी शामिल है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी डेली डाइट से ऐसी चीजों को बाहर कर दें, जो इस परेशानी की सबसे बड़ी वजह होती हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसे 5 तरह के फूड्स के बारे में, जो पाइल्स की वजह बन सकते हैं। फास्ट फूड मौजूदा वक्त में फास्ट फूड सबसे ज्यादा बिकने और खाए जाने वाले फूड्स में से एक है। फास्ट फूड्स में तेज मसाले और दुनियाभर की अनहेल्दी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी वजह से आंतों को काफी नुकसान पहुंचता है और आपका पाचन तंत्र सही तरीके से खाने को पचा भी नहीं पाता है। फास्ट फूड बवासीर की सबसे बड़ी वजह है। मौजूदा वक्त में फास्ट फूड सबसे ज्यादा बिकने और खाए जाने वाले फूड्स में से एक है। फास्ट फूड्स में तेज मसाले और दुनियाभर की अनहेल्दी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी वजह से आंतों को काफी नुकसान पहुंचता है और आपका पाचन तंत्र सही तरीके से खाने को पचा भी नहीं पाता है। फास्ट फूड बवासीर की सबसे बड़ी वजह है। फ्रोजन फूड जिस तरह फास्ट फूड आपके पाचन को नुकसान पहुंचाता है ठीक उसी तरह फ्रोजन फूड भी पाइल्स के खतरे को बढ़ाने का काम करता है। दरअसल फ्रोजन फूड्स का सेवन पाचन के लिए नुकसानदायक साबित होता है और इसमें फाइबर जैसे पोषक तत्व की भी कमी होती है, जिसकी वजह से पाइल्स की परेशानी खड़ी होती है। तेल और मसाला अगर आप बहुत ज्यादा मसालेदार खाना या फिर तीखा खाना पसंद करते हैं तो आप अपने लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। दरअसल ज्यादा तेल और मसाले से बना खाना आपके पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाने का काम करता है और पाइल्स का कारण बन सकता है। ये मसालेदार फूड्स आपके शौच में खून आने की परेशानी को भी बढ़ाते हैं। चीज़ का सेवन अगर आपको हर खाने में चीज़ डालने की आदत पड़ गई है तो आपको तुरंत अपनी इस आदत को बदलने की जरूरत है। चीज़ का अधिक सेवन कब्ज बनाने का काम करता है। इतना ही नहीं जरूरत से ज्यादा चीज का सेवन बवासीर के खतरे को भी बढ़ाने का काम करता है। इसलिए चीज़ के इस्तेमाल से बचें। पैकेटबंद फूड्स बहुत से लोग भूख लगने पर पैकेटबंद फूड्स का सेवन करते हैं, जिसमें चिप्स और नमकीन शामिल है। ये सभी चीजे आपके पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाने का काम करती हैं। इन फूड्स में फाइबर की मात्रा कम होती है, जिसकी वजह से इन्हें पचाना बहुत मुश्किल होता है। इसके साथ ही इनमें तेल की मात्रा भी ज्यादा होती है, जो पाइल्स का खतरा बढ़ाने का काम करती है।

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मिर्गी का दौरा पड़े तो तुरंत आजमाएं ये घरेलू उपचार

मिर्गी का दौरा पड़े तो तुरंत आजमाएं ये घरेलू उपचार

खबरिस्तान नेटवर्क। आपने बहुत बार देखा होगा कि अपने काम में लगा कोई शख्स अचानक तेज-तेज हिलने-डुलने लगता है और जमीन पर गिर जाता है। इसे मिर्गी कहते हैं, जो कि एक न्यूरोलॉजिक्ल विकार और ये हमारे दिमाग की गतिविधियों में पैदा करने का काम करती है। दरअसल होता क्या है कि जब हमारा दिमाग कोशिकाओं के माध्यम से संदेश भेजता है और ये अचानक आया बदलाव बहुत तेजी से होता है तो मिर्गी का दौरा पड़ता है। मिर्गी का दौरा पड़ने पर किसी व्यक्ति के हाथ-पैर में मुड़ जाती है या फिर शरीर बहुत तेजी से कांपता है, जो कि कुछ सेकेंड से लेकर 2 मिनट तक भी हो सकता है। इस दौरान व्यक्ति अपनी सुध-बुध खो बैठता है, अगर आपके किसी सगे-संबंधी को दौरा पड़ता है तो आपको कुछ घरेलू उपचार करने की जरूरत है ताकि समस्या ज्यादा न बढ़े। आइए आपको बताते हैं ऐसे घरेलू उपाय जिन्हें करने से दौरा पड़ने पर व्यक्ति को आराम आ सकता है। हवा आने दें मिर्गी के दौरान सबसे जरूरी है कि रोगी को ठीक से सांस आती रहे और इस दौरान आप ये सुनिश्चित करें कि जगह खुली हो। इसके अलावा अगर व्यक्ति ने बहुत तंग कपड़े पहनें हैं तो उसके कपड़े ढीले करें और गले में किसी भी प्रकार के तंग कपड़े को न रखें। ऐसा करने से उसे सहज महसूस कराने में मदद मिलेगी। नुकीली चीज न हो पास इस बात का ध्यान रखें कि मिर्गी का दौरा पड़ने पर रोगी के आस-पास कांच, शीशा या फर्नीचर जैसी कोई नुकीली चीज न हो, जिससे कि उसे चोट लग सकती है। मिर्गी का दौरा खत्म होने तक व्यक्ति के साथ रहकर उसे सपोर्ट दें ताकि उसे किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। डॉक्टर को बुलाएं मिर्गी का दौरा पड़ने पर आपको समय रहते डॉक्टर से बात करने की जरूरत है ताकि स्थिति गंभीर न हो। सामान्य रूप से पड़ने वाला मिर्गी का दौरा 20 सेकंड से लेकर 2 मिनट के बीच रहता है। इस दौरान आप डॉक्टर से बात करे उचित सलाह ले सकते हैं। इमरजेंसी कॉन्टेक्ट करें आप रोगी के परिवार के सदस्यों से कॉन्टेक्ट करने के लिए व्यक्ति के बैग या बटुए को टटोल सकते हैं। जब तक व्यक्ति पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता तब तक उसके जबड़ों के बीच कुछ भी रखने या उसे पीने के लिए कुछ भी देने से बचें। मुंह साफ करें जब दौरा खत्म हो जाए तो रोगी को एक तरफ करवट लेकर वायुमार्ग को साफ करने का प्रयास करें। दरअसल दौरे के दौरान रोगी की जीभ पीछे हट जाती है और उनकी सांस रुक सकती है। इसलिए व्यक्ति को एक तरफ कर दें और उसका जबड़े की ओर रखें जिससे उनके मुंह से भोजन को उल्टी के माध्यम से बाहर निकालने में मदद मिलेगी।

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घर बैठे इन आसान तरीकों से कम करें कोलेस्ट्रॉल

घर बैठे इन आसान तरीकों से कम करें कोलेस्ट्रॉल

खबरिस्तान नेटवर्क। हाई कोलेस्ट्रॉल एक ऐसी परेशानी है, जिसका अगर सही समय पर इलाज न किया जाए तो आगे चलकर आप हार्ट अटैक के साथ-साथ स्ट्रोक का शिकार भी हो सकते हैं। दरअसल कोलेस्ट्रॉल एक चिपचिपा पदार्थ होता है, जो हमारे खराब खान-पान की वजह बनता है और सीधे हमारी नसों में जमा होने लगता है, जिसकी वजह से ढेर सारी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने पर खून की आपू्ति सही तरीके से नहीं हो पाती है और आप बीमारियों का शिकार हो जाते है। हाई कोलेस्ट्रॉल एक खतरनाक स्थिति है, जिसे आप घर बैठे-बैठे भी कंट्रोल कर सकते हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि कैसे? आइए आपको बताते हैं, ऐसे 5 टिप्स के बारे में, जो आपकी इस परेशानी को हल करने में मदद करेंगे। देसी चीजें खाएं कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए आपको आपनी डाइट में देसी चीजों को शामिल करने की जरूरत है। ये देसी चीजें बाजार में आसानी से उपलब्ध होती हैं और ये आपकी पहुंच में भी हैंः 1-सहजन 2- लहसुन 3- प्याज 4- सूप 5-करी पत्ते 6-सरसों का तेल जूस पिएं नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल करने के लिए जरूरी है हेल्दी खान-पान। अगर आप ऊपर लिखे फूड्स को खाना पसंद नहीं करते हैं तो आप ये हेल्दी जूस भी पी सकते हैं। ये जूस न सिर्फ नसों की ब्लॉकेज को खत्म करता है बल्कि आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम करता है। आप दो चम्मच आंवला रस में एक चम्मच अदरक का रस मिलाकर रोजाना सुबह खाली पेट पी सकते हैं। ये जूस आपको लाभ पहुंचाने में मदद करेगा। योग करें हेल्दी डाइट के साथ-साथ हेल्दी जीवन जीने की जरूरत है। आपको तनाव कम लेने की जरूरत है ताकि आपकी नसों पर बेवजह का दबाव न पड़े। तनाव को कम करने के लिए आप योग भी कर सकते हैं, जो आपके दिल पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल भी कम करेगा। वॉक करें हेल्थ एक्सपर्ट के साथ-साथ न्यूट्रिशन एक्सपर्ट भी इस बात की सलाह देते हैं कि आपको खाना खाने के बाद कम से कम आधा घंटा जरूर टहलना चाहिए। दरअसल सिर्फ वॉक करना भी आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। आप सिर्फ वॉक करने से शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स को बाहर निकाल सकते हैं, जिसकी वजह से आपकी नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं होते हैं। रात में न करें ये काम हाई कोलेस्ट्रॉल से बचने का सबसे आसान तरीका है हल्का खाना। हल्के खाने से ये मतलब है कि आपकी डाइट में हैवी फैट वाले फूड्स न हों। आपको रात के वक्त हल्का और आसानी से पचने वाला खाना ही खाना चाहिए। इसके अलावा देर रात के वक्त कुछ भी मीठा या फैटी फूड्स के सेवन से बचें।

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कोरोना वैक्सीन की चौथी डोज की जरूरत नहीं

कोरोना वैक्सीन की चौथी डोज की जरूरत नहीं

खबरिस्तान नेटवर्क। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद में महामारी विज्ञान और संचारी रोग मामलों के पूर्व प्रमुख डा. रमन गंगाखेडेकर ने कहा कि कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात को देखते हुए वैक्सीन की चौथी डोज की जरूरत नहीं है। पुणे इंटरनेशनल सेंटर द्वारा आयोजित पुस्तक 'ब्रेविंग ए वायरल स्टार्म: इंडियाज कोविड-19 वैक्सीन स्टोरी' पर चर्चा के इतर गंगाखेडेकर ने कहा कि कोरोना के मौजूदा वैरिएंट को देखते हुए लगता है कि वायरस उतना अधिक नहीं बदला है कि नए टीके की आवश्यकता हो। अगर किसी ने कोरोना वैक्सीन की तीसरी डोज ली है तो वह संक्रमण से बचाव के लिए पर्याप्त है। हमारे टी-सेल प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पर भरोसा रखें। डा. गंगाखेडेकर कि बुर्जुगों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को मास्क पहनने जैसी सावधानियां बरतनी चाहिए। कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 1922 हुई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना संक्रमण के 102 नए मामले मिले हैं। सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 1922 रह गई है। दैनिक पाजिटिविटी 0.07 प्रतिशत जबकि साप्ताहिक पाजिटिविटी दर 0.08 प्रतिशत है। कोरोना से ठीक होने की दर बढ़कर 98.81 प्रतिशत हो गई है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत देश में अब तक कोरोना वैक्सीन की 220.32 करोड़ डोज दी जा चुकी है।

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सर्दियों का सुपरफूड हैं चुकंदर, जानें इसके फायदे

सर्दियों का सुपरफूड हैं चुकंदर, जानें इसके फायदे

खबरिस्तान नेटवर्क। सर्दियों का मौसम जारी हैं और इस दौरान इम्युनिटी कमजोर होने की वजह से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना रहता हैं। ऐसे में सर्दियों केदिनों में आपको अपने आहार में पोषण से भरपूर भोजन को शामिल करना चाहिए। आज हम बात करने जा रहे हैं जड़ों में उगने वाले गहरे लाल रंग के आहार चुकंदर की जो सर्दियों का सुपरफूड हैं। चुकंदर में पोटेशियम, जिंक, कैल्शियम, आयोडीन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, सल्फर सहित कई विटामिन पाए जाते हैं। चुकंदर अत्यधिक पौष्टिक होते हैं और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले गुणों से भरपूर होते हैं। आज इस कड़ी में हम आपको चुकंदर से मिलने वाले फायदों की जानकारी देने जा रहे हैं। आइये जानते हैं इनके बारे में... हड्डियों के लिए फायदेमंद सर्दियों के मौसम में चुकंदर का सेवन करना हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। क्योंकि चुकंदर में कैल्शियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है, साथ ही इसके सेवन से कमजोर हड्डियों की वजह से होने वाले दर्द की परेशानियां भी दूर होती है। ब्लड प्रेशर होगा कंट्रोल जो लोग हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं उन्हें सर्दी के मौसम में चुकंदर जरूर खाना चाहिए। इस सुपरफूड में पोटेशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है जिसका बीपी कंट्रोल हो सकता है और ब्लड फ्लो सही तरीके से होने लगता है।

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