तंदरुस्ताये नमः

आपको भी बात-बात पर आता है गुस्सा ये योगासन रखेंगे मन को शांत

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आज कल की व्यस्त जिंदगी में लोगों को गुस्सा आना बहुत आम बात है

उपवास में एनर्जेटिक रहने के लिए खाएं ये फल

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नवरात्र में उपवास के दौरान सेहत पर भी ध्यान देने की जरूरत 


नवरात्र में माता वैष्णो देवी के दरबार जाने की सोच रहे हैं तो पहले पढ़ लें ये खबर

नवरात्र में माता वैष्णो देवी के दरबार जाने की सोच रहे हैं तो पहले पढ़ लें ये खबर

खबरिस्तान नेटवर्क, जम्मू कश्मीर: कटड़ा के त्रिकुटा पर्वते में माता वैष्णो देवी के दरबार में नवरात्र में भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शारदीय नवरात्र में इस बार माता वैष्णो देवी के दरबार में भक्तों की रिकार्ड तोड़ संख्या पहुंचने का अनुमान है। फिलहाल इस साल अगस्त तक 63 लाख श्रद्धालु माता के दरबार में माथा टेक चुके हैं, जो पिछले साल से ज्यादा हैं। वैष्णो देवी में सोमवार को 40 हजार से अधिक भक्तों ने माता के भवन में माथा टेका तो रविवार को यह संख्या 36451 रही। माता के दरबार में नवरात्र के दिनों में साल दर साल भक्तों की संख्या बढ़ रही है। 2019 के शारदीय नवरात्र में 364254 भक्तों ने प्राकृतिक पिंडियों के दर्शन किए थे। वहीं अब इस साल 31 अगस्त तक 63 लाख से अधिक यात्री माता वैष्णो देवी के दरबार में माथा टेक चुके हैं और श्राइन बोर्ड को के मुताबिक इसी रफ्तार से यात्रियों का आना जारी रहा तो पिछले कई सालों का रिकॉर्ड टूट जाएगा। रोपवे का आकर्षण बैटरी कार की सुविधा कटड़ा से अर्धकवारी तक लोग पैदल या खच्चरों पर यात्रा करते हैं। अर्धकवारी से यात्रियों को बैटरी कार की सुविधा मिल जाती है, जो उन्हें सीधा भवन तक ले जाती है। भवन से फिर भैरों मंदिर तक अब रोपवे व्हीकल चल रहा है। जिससे यात्रियों की यात्रा अब और सुखद हो गई है। एक नया रास्ता ताराकोट से अर्धकवारी तक बना है, मगर उसे अभी कम लोग इस्तेमाल करते हैं। श्राइन बोर्ड की गाड़ियां इसी रास्ते से कटड़ा से भवन तक आ जा रही हैं। इससे भवन के आसपास कंस्ट्रक्शन के काम में तेजी आई है।

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ये लोग गलती से भी न खाएं मूंगफली, हो सकती है गंभीर बीमारी

ये लोग गलती से भी न खाएं मूंगफली, हो सकती है गंभीर बीमारी

खबरिस्तान नेटवर्क। मूंगफली के सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है और यह कई पुरानी बीमारियों को भी दूर रखने में मददगार है। इतने फायदे होते हुए भी मूंगफली के कई नुकसान हैं। ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों को मूंगफली से एलर्जी है उन्हें इसे हर कीमत पर खाने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे उन्हें गले में खराश, त्वचा की समस्याएं, पाचन समस्याएं, सांस फूलना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। को सस्ता बादाम माना जाता है। इसमें वो सभी तत्व और गुण पाए जाते हैं, जो महंगे बादाम में पाए जाते हैं। भारत में लगभग सभी लोग मूंगफली खाना पसंद करते हैं। सर्दियों के दिनों बिना करारी मूंगफली का के गुजारा नहीं होता है। मूंगफली खाने के फायदे यह एक ऐसा स्वस्थ खाद्य पदार्थ है, जो न केवल वजन कम करने में सहायक है बल्कि यह प्रोटीन, कार्ब्स, हेल्दी फैट, फाइबर और फैटी एसिड का भी एक बढ़िया स्रोत है। मूंगफली के सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है और यह कई पुरानी बीमारियों को भी दूर रखने में मददगार है। इतने फायदे होते हुए भी मूंगफली के कई नुकसान हैं। ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों को मूंगफली से एलर्जी है उन्हें इसे हर कीमत पर खाने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे उन्हें गले में खराश, त्वचा की समस्याएं, पाचन समस्याएं, सांस फूलना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। चलिए जानते हैं कि मूंगफली खाने के फायदे-नुकसान क्या हैं।दिल की सेहत के लिए अच्छा एक रिपोर्ट के अनुसार, मूंगफली को कम मात्रा में खाने से 'खराब' कोलेस्ट्रॉल कम होता है और शरीर में 'अच्छा' कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिसे हृदय स्वास्थ्य में सुधार कहा जाता है। मूंगफली में शरीर में रक्तचाप के स्तर को कम करने की क्षमता होती है। मोनोअनसैचुरेटेड फैट, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण मूंगफली दिल के लिए अच्छी मानी जाती है। सूजन को दूर करने में सहायक मूंगफली स्वस्थ वसा का एक अच्छा स्रोत है, जो ओलिक एसिड से आता है - वही यौगिक जो जैतून के तेल में पाया जाता है। मूंगफली में यह विशेष गुण कोशिकाओं में सूजन और मुक्त कणों से लड़ने में मदद करता है। किन लोगों को नहीं खानी चाहिए मूंगफली एक रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादा मूंगफली खाने से आयरन, जिंक, मैगनीज और कैल्शियम जैसे अन्य खनिजों का अवशोषण बाधित हो सकता है। बहुत अधिक मूंगफली के सेवन से आपका वजन घटाने का लक्ष्य भी बाधित हो सकता है। इसके अधिक सेवन से कई पाचन संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। जिन्हें मूंगफली से एलर्जी है, उन्हें इससे गले में खराश, नाक बहना, त्वचा की समस्याएं, पाचन समस्याएं, सांस फूलना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक दिन में कितनी मूंगफली खाना चाहिए? एक्सपर्ट रोजाना 42 ग्राम यानी करीब 16 मूंगफली खाने की सलाह देते हैं। कुछ लोग यह भी सुझाव देते हैं कि एक दिन में एक मुट्ठी मूंगफली का सेवन करें, खासकर जब भूख बहुत ज्यादा लगती है और आप किसी ऐसी चीज का सेवन नहीं करना चाहते हैं जो आपके वजन बढ़ाने की समस्या को बढ़ा दे।

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आपको भी आती है बार-बार छींक, कई बीमारियों का हो सकता है खतरा

आपको भी आती है बार-बार छींक, कई बीमारियों का हो सकता है खतरा

खबरिस्तान नेटवर्क। छींक आना शरीर की एक नेचुरल प्रक्रिया है, जिसकी मदद से शरीर श्वसन मार्ग को साफ करता है। लेकिन बार-बार छींक आना किसी शारीरिक समस्या का संकेत देता है और इसका जल्द से जल्द इलाज करना भी जरूरी होता है। अगर आपको भी बार-बार छींक आ रही है, तो उसके लिए आपको डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है। आप घर पर रखी कुछ चीजों से ही इस स्थिति का इलाज कर सकते हैं।इन घरेलू उपायों की मदद से आप बार-बार छींक आने की समस्या को दूर कर सकते हैं। शहद और पुदीने से करें छींक बंद अगर आपको बदलते मौसम के कारण बार-बार छींक आ रही है, तो यह सीजनल एलर्जी का संकेत देती है। ऐसे में आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सीजनल एलर्जी बेहद आम होती है और घरेलू उपायों से इसे ठीक किया जा सकता है। आप आधा चम्मच पुदीना पीस लें और उसे 2 दो छोटे चम्मच शहद में मिलाकर पी लें। उसके बाद आप एक घूंट गुनगुने पानी की भी भर सकते हैं। अदरक व हल्दी से रोकें छींक बार-बार छींक आना रोकने के लिए अदरक व हल्दी के मिश्रण का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। अगर आपको बार-बार छींक आ रही हैं, तो आधा चम्मच पिसा हुआ अदरक व आधा चम्मच हल्दी पाउडर लेकर उसे आधा कप गुनगुने पानी में मिला लें। इस मिश्रण को अच्छे से घोलें और पी जाएं। एलर्जिक चीजों से बचें गर आपको किसी चीज से एलर्जी है, तो आपको सबसे पहला काम है कि इन एलर्जिक पदार्थों से दूर रहें। अगर आपको संदेह है कि आप एलर्जिक चीजों से संपर्क में आते हैं, तो ऐसे में आप अपने साथ डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं भी रख सकते हैं।

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इन दिनों बारिश के दौरान पैरों का रखें ध्यान, हो सकती है फंगल इन्फेक्शन

इन दिनों बारिश के दौरान पैरों का रखें ध्यान, हो सकती है फंगल इन्फेक्शन

खबरिस्तान नेटवर्क। बारिश में पैरों की देखभाल करना बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि बारिश में नमी, गंदगी, बैक्टीरिया और फंगस को पनपने का मौका देती है। इससे पैरों में बदबू आती है, खुजली होती है और सूजन हो जाती है। ऐसे में पैरों को फंगल इंफेक्शन से बचाने के लिए आप कई चीजों की मदद ले सकते हैं। जैसी कि आप अपने फूट केयर रूटीन में बदलाव कर सकतें। रोजाना गर्म पानी में नमक और बेकिंग सोडा डाल कर इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही कई चीजों की मदद से पैरों में फंगल इन्फेक्शन से आप बच सकते हैं। पैरों में फंगल इन्फेक्शन से बचने के ये उपाय हैं। खुली चप्पल पहनें बारिश के दिनों में जितना हो सके उतना खुले जूते पहनें। साथ ही बारिश में भीगने के बाद अपने पैरों को साबुन और पानी से धो लें। इससे आपके पैरों में बारिश का पानी नहीं लगेगा और फंगल इंफेक्शन नहीं होगा। जूते पहनते हैं तो एंटिफंगल डस्टिंग पाउडर लगाएं अगर आप बंद जूते पहनते हैं तो मोजे पहनने से पहले एंटिफंगल डस्टिंग पाउडर लगाएं। रात में एंटिफंगल लोशन लगाएं। इससे मानसून के दौरान आने वाली पैरों से बदबू से आप बच सकेंगे। साथ ही आप बैक्टीरियल इंफेक्शन से भी बच सकते हैं। खास कर कि ये तरीका जूते और चमड़े के जूतों में पहनने से पहले जरूर करें। नीम का तेल लगाएं नीम का तेल पैरों के इंफेक्शन को कम करने में मदद कर सकता है। नीम एक और आसानी से उपलब्ध होने वाला प्राकृतिक घटक है जिसने एंटीफंगल गुण हैं। ये इंफेक्शन को कम कर सकता है, साथ ही इससे बचा भी सकता है। संक्रमण को कम करने के लिए आप अपने पैरों के साथ-साथ पैर की उंगलियों पर भी नीम का तेल लगा सकते हैं। मेंहदी के पत्तों का पेस्ट लगाएं मेंहदी के पत्तों का पेस्ट बनाएं और इसे अपने पैरों पर लगाएं। इस पेस्ट को प्रभावित उंगलियों के बीच लगाएं और इसे तब तक छोड़ दें जब तक कि पैक सूख न जाए और फट न जाए। मेंहदी की ताजी पत्तियों में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो कि इस तरह से इंफेक्शन से बचाव में मददगार है। टी ट्री ऑयल और हल्दी लगाएं टी ट्री ऑयल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं। टी ट्री ऑयलको आप दिन में दो बार प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं। इससे इंफेक्शन दूर हो जाएगा। इसके अलावा आप हल्दी का पेस्ट बना कर अपने पैरों पर लगा सकते हैं। ये एंटीबैक्टीरियल, एंटिफंगल और एंटीवायरल गुणों के लिए जाना जाता है, फंगल संक्रमण से भी छुटकारा पाने के लिए पैर की उंगलियों के आसपास लगाया जा सकता है।

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इस नवरात्र पहली बार कर रहे हैं व्रत, ये डाइट करें फॉलो, नहीं आएगी कमजोरी 

इस नवरात्र पहली बार कर रहे हैं व्रत, ये डाइट करें फॉलो, नहीं आएगी कमजोरी 

खबरिस्तान नेटवर्क। शारदीय नवरात्र की शुरूआत आज यानी 27 सितंबर से हो चुकी है। 9 दिन तक चलने वाले इस त्योहार में बहुत से लोग व्रत करते हैं। कुछ लोग नवरात्र के पहले और आखिरी दिन व्रत रखते हैं। नवरात्र का त्योहार उस समय मनाया जाता है जब मौसम में धीरे-धीरे बदलाव होने लगते हैं और ऐसे में व्रत करने से शरीर को बदलते वातावरण में के साथ तालमेल बिठाने में मदद होती है। त्योहारों के दौरान व्रत करने या फास्टिंग की मदद से शरीर को डिटॉक्स करना आसान होता है। इसके साथ ही व्रत करना पाचनशक्ति बढ़ाने और पॉजिटिव महसूस करने में भी सहायक साबित होता है। नवरात्र में पहली बार व्रत करने वालों के लिए टिप्स अगर आप इस वर्ष नवरात्र में पहली बार व्रत कर रहे हैं वे निश्चित ही काफी उत्साहित और खुश महसूस कर रहे होगें। लेकिन व्रत करने से पहले आपकी तैयारी पूरी होनी चाहिए क्योंकि व्रत के दौरान की जानेवाली छोटी-छोटी गलतियों की वजह से भी आपको बहुत अधिक थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है। इसीलिए, सबसे पहले यह कोशिश करें कि 9 दिनों का यह व्रत आपके लिए आसान हो। ऐसे में आपको 9 दिनों में ऐसे फूड्स का सेवन करना चाहिए जो आपके शरीर को शक्ति और पोषण दे ताकि आप इन 9 दिनों में बिना किसी तकलीफ के व्रत कर सकें। यहां पढ़ें 9 दिनों का डाइट प्लान जो पहली बार व्रत करने वाले लोगों के काम आ सकता है। पहले 3 दिन करें इन फूड्स का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में फलों का सेवन करें। सेब, चीकू, केला, अंगूर, पपीता और तरबूज जैसे मीठे और रसीले फलों का सेवन अधिक करें। आंवले का जूस पीएं, लौकी का जूस और नारियल पानी का नियमित सेवन करें। व्रत के चौथे दिन से आप दिन में एक बार भोजन करें। वन मील अ डे के तरीके से आपके शरीर को पोषण और आराम मिलेगा। नवरात्र के व्रत में चौथे दिन से एक बार भोजन करें और बाकी समय फलों का रस, छाछ और दूध पी सकते हैं। आखिर के तीन दिनों के व्रत में आप नवरात्र के त्योहार में बनने वाली पारम्परिक डिशेज का सेवन कर सकते हैं। जैसे कुट्टू के आटे की रोटी, समक के चावलों की खीर या डोसा का सेवन करें। साबुदाने की खीर, साबुदाने की खिचड़ी या सिंघाडे का हलवा खाएं। शरीर को ठंडा रखने के लिए घी, दूध और छाछ का सेवन करें। दही के साथ कद्दू, लौकी और ककड़ी जैसी सब्जियों का रायता खा सकते हैं। खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए सब्जियों का जूस, सूप और नारियल पानी पीएं। एनर्जी और बेहतर डाइजेशन के लिए नाशपाती, सेब और पपीते जैसे फलों का सेवन करें। बातों का भी रखें ख्याल अगर आप डायबिटीज, हाई बीपी या अन्य किसी हेल्थ प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं तो व्रत करने से पहले अपने डॉक्टर और डायटिशियन की सलाह जरूर लें।प्रेगनेंसी में नवरात्रके 9 दिनों का व्रत भी बहुत सावधानी से करना चाहिए। इसीलिए, आप व्रत तभी करें जब आपका डॉक्टर आपको इसकी अनुमति दे।अपनी बॉडी की क्षमता को पहचानें और उतनी ही फास्टिंग करें जितना आपके लिए संभव हो

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इन आदतों से बढ़ सकता है डायबिटीज का खतरा, आज ही छोड़ें...

इन आदतों से बढ़ सकता है डायबिटीज का खतरा, आज ही छोड़ें...

खबरिस्तान नेटवर्क। खराब लाइफस्टाइल, खानपान और अनहेल्दी लिविंग के चलते आजकल कई बीमारियां इंसान को घेर लेती हैं। जिसमें सबसे ज्यादा आम है हाई ब्लड शुगर लेवल यानी कि डायबिटीज। यह सिर्फ एक बीमारी नहीं बल्कि कई बीमारियों का घर है, जिससे हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर, किडनी और आंखें तक प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंसान की कुछ ऐसी आदतें है जो डायबिटीज के खतरे को दोगुना कर सकती हैं। इन आदतों पर रखें कंट्रोलघंटों तक एक ही स्थान पर बैठे रहना ऑफिस या घर में काम के दौरान अक्सर ऐसा होता है कि लोग घंटो तक अपनी ऑफिस चेयर पर बैठे रहते हैं। लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठा रहना हमारे मेटाबॉलिज्म के लिए अच्छा नहीं होता है। कई अध्ययनों से पता चला है कि यदि आप घंटों तक एक ही पोजीशन में बैठे रहते हैं, तो आपको टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अगर आपका लंबे समय तक बैठने का काम है, तो आप बीच-बीच में 5-10 मिनट का ब्रेक लेकर हल्की स्ट्रेचिंग कर लिया कीजिए। रिफाइंड कार्ब्स का सेवन करना रिफाइंड कार्ब्स जैसे कि मैदा, सूजी, चीनी, सफेद चावल इत्यादि चीजें रिफाइंड कार्ब्स में शामिल होती हैं और भारतीय खाने में अमूमन इसका इस्तेमाल होता है, जो डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है। ऐसे में कोशिश करें कि आप साबुत अनाज अपनी डाइट में शामिल करें, इससे ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल रहता और यह आसानी से पच भी जाता है, जबकि रिफाइंड कार्ब्स आपकी आंतों में चिपक जाता है। यह भी पढ़ें आप भी बिना दवा कंट्रोल कर सकते हैं डायबिटीज, जानिए कैसे पर्याप्त नींद न लेना रात में घंटों तक फोन को देखते रहना और लेट नाइट सोने से ज्यादातर लोगों की 8 घंटे की नींद पूरी नहीं हो पाती है। यह आदत आपके ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती है, इसलिए आप कोशिश करें कि कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लें, ताकि आपके हार्मोन नॉर्मल रहे और मधुमेह का खतरा कम हो। मीठे का ज्यादा सेवन न करें यह तो हम सभी जानते हैं कि मीठा खाने से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में आपको कृत्रिम शुगर का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। आप नेचुरल स्वीटनर का इस्तेमाल अपनी डाइट में कर सकते हैं। इसके अलावा आप जूस या फलों के जरिए मीठे की क्रेविंग को कम कर सकते हैं। चीनी के अलावा आपको कम फैट वाला दूध और लो फैट डाइटरी प्रोडक्ट का सेवन करना चाहिए, जिसमें शुगर की मात्रा कम होती है।

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शरीर के इन अंगों पर मस्से हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं

शरीर के इन अंगों पर मस्से हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं

खबरिस्तान नेटवर्क। शरीर पर मस्से होना इतना आम है कि लोग इस पर ज्यादा ध्यान तक नहीं देते हैं। हालांकि, डॉक्टर की मानें तो शरीर पर होने वाले कुछ मस्से आम नहीं होते हैं बल्कि ये किसी गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर रहे होते हैं। आखिर क्या है ये मस्से और कैसे इनसे बचा जा सकता है या किस स्थिति में डॉक्टर के पास जाना चाहिए इस बारे में आईए जानते हैं। धूल-मिट्टी, प्रदूषण के कारण त्वचा पर दाग, धब्बे या दाने निकलना एक आम बात है। मगर स्किन पर दिखने वाले दानेनुमा मस्से संक्रमण को दिखाते हैं। ज्यादातर लोग इस बात से अपरिचित हैं कि मस्से धूल और गंदगी के कारण भी हो सकते हैं। यही वजह है कि वे इन पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। यही उनकी बड़ी गलती साबित हो जाती है। डॉक्टर की मानें तो अगर इन्हें सही समय पर ट्रीट न किया जाए, तो इस वजह से व्यक्ति को न सिर्फ दर्द सहना पड़ सकता है, बल्कि कैंसर जैसी बीमारी का शिकार भी होना पड़ सकता है। क्या होते हैं मस्से मस्से एक प्रकार का त्वचा संक्रमण है जो ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) के कारण होता है। संक्रमण के कारण त्वचा पर खुरदुरे, त्वचा के रंग के धब्बे बन जाते हैं। इस प्रकार के मस्से संक्रामक हो सकते हैं और संक्रमित व्यक्ति को छूने से आपको भी हो सकते हैं। मस्से आमतौर पर हाथों पर दिखाई देते हैं, लेकिन वो पैरों, चेहरे, जननांगों और घुटनों को भी प्रभावित कर सकते हैं। चेहरे के बढ़ने वाले मस्से आमतौर पर मानवी पेपिलोमा वायरस के कारण होते हैं। इन्हें चेहरे पर कहीं भी देखा जा सकता है लेकिन दाढ़ी एक ऐसा हिस्सा है, जहां ये ज्यादा होते हैं। ऐसा आमतौर पर रेजर के कारण लगे कट में वायरस की मौजूदगी से होता है। कितने प्रकार के होते हैं मस्से? मस्से के प्रकार शरीर के प्रभावित हिस्से के आधार पर अलग-अलग होते हैं। हाथ मे होने वाले मस्सों को कॉमन वॉर्ट्स कहा जाता है क्योंकि ये सबसे आम प्रकार के होते हैं। चेहरा पर होने वाले मस्से चेहरे और माथे को प्रभावित करते हैं। कुछ मस्से पैरों के तलवों पर दिखाई देते हैं। ये मस्से केंद्र में छोटे काले डॉट्स की तरह दिखते हैं। ये अक्सर दर्दनाक होते हैं। परेशानी का कारण बन सकते हैं मस्से अधिकांश मस्से बिना किसी समस्या के चले जाते हैं। मगर कभी-कभी ये बीमारी का कारण बन सकते हैं। जैसे एचपीवी और जेनिटल वॉर्ट्स कई अलग-अलग कैंसर से जुड़े होते हैं, जिनमें गुदा कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर और गले का (ऑरोफरीन्जियल) कैंसर शामिल है। आप एचपीवी वैक्सीन प्राप्त करके और कंडोम का उपयोग करके जेनिटल वॉर्ट्स के जोखिम को कम कर सकते हैं। अधिकांश मस्से चोट नहीं पहुंचाते हैं, लेकिन ये अंदर की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे चलने में दर्द हो सकता है। आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि त्वचा के नीचे कोई कंकड़ है। मस्सों से कैसे बचाव करें मस्से को रोकने के लिए वास्तव में कोई रास्ता नहीं है। हालांकि, कुछ बातों का ध्यान रखते हुए इनके संक्रमण से बचा जरूर जा सकता है। जैसे कि मस्से पर शेविंग करने से बचें। अपने नाखूनों या क्यूटिकल्स को मुंह से काटने की आदत को छोड़ें। तौलिये, वॉशक्लॉथ, कपड़े, नेल कटर, रेज़र या अन्य व्यक्तिगत सामान शेयर न करें। दूसरे व्यक्ति के मस्से को न छुएं। एचपीवी वैक्सीन लगवाएं और जेनिटल वॉर्ट्स को रोकने के लिए संबंध बनाने के दौरान कंडोम का उपयोग करें। मस्से को खरोंचने या काटने की कोशिश न करें।

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सेहत का रखें ख्याल, बाजार में बिक रहे नकली ड्राई फ्रूट्स की ऐसे करें पहचान

सेहत का रखें ख्याल, बाजार में बिक रहे नकली ड्राई फ्रूट्स की ऐसे करें पहचान

खबरिस्तान नेटवर्क। ड्राई फ्रूट्स हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, इसलिए हेल्दी और फिट रहने के लिए हमें ड्राई फ्रूट्स को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। इसमें अखरोट, बादाम, पिस्ता, काजू, किशमिश, अंजीर आदि चीजें हमारी खुराक में शामिल होनी चाहिए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आजकल बाजार में नकली और खराब क्वालिटी के ड्राई फ्रूट्स भी बेचे जा रहे हैं, जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक हो सकते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि हम असली और नकली के बीच पहचान कैसे कर सकते हैं। तो चलिए हम आपको बताते हैं ऐसे टिप्स जिससे आप असली और नकली ड्राई फ्रूट्स के बीच अंतर कर सकते हैं... रंग से करें पहचान जब भी आप बादाम अखरोट या कोई भी ड्राई फ्रूट्स खरीदें तो आप उसकी रंग पर ध्यान दें। नकली ड्राई फ्रूट्स का कलर असली से थोड़ा ज्यादा डार्क दिखाई देता है और उसका स्वाद भी हल्का कड़वा होता है। कश्मीरी अंजीर और पिस्ता को पहचानें जब भी आप किशमिश, अंजीर या पिस्ता खरीदने जाए तो पहले इसका एक दाना चबाकर देखें। अगर यह बहुत ज्यादा हार्ड है तो समझ जाए कि यह बहुत पुराना है और इसे हाई टेंपरेचर पर रखा गया है। ऐसे ड्राई फ्रूट सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होते हैं। बादाम को खरीदने से पहले ध्यान दें बादाम को सुंदर और आकर्षक दिखाने के लिए आजकल गेरुआ रंग या चॉक मिट्टी से पॉलिश की जाती है। इसके ऊपर केमिकल लगाया जाता है, जिससे उसका रंग निखर कर आता है। इस तरह के बादाम आप खरीदने से बचें और नेचुरल रंग के बाद आम खरीदे। बादाम को खरीदते समय इसे अपनी हथेली पर रखे और 5 से 10 मिनट के लिए रगड़ें। अगर आपके हाथ में गेरुआ रंग रह जाए तो समझ जाएगी यह बादाम निकली है उसमें मिलावट की गई है। इस तरह के काजू खरीदने से बचें काजू खरीदते समय ध्यान रखें कि आप हमेशा सफेद और हल्का मटमैला रंग का ही काजू खरीदें। अगर काजू में पीलापन है तो ऐसे काजू खरीदने से बचें। इसके अलावा अगर काजू में से तेल की गंदी स्मेल आ रही है तो यह काजू पुराने होते हैं इसे नहीं खरीदें। ऐसे अखरोट न खरीदें अखरोट की गिरी को खरीदते समय उसके रंग का विशेष ध्यान रखें। अगर यह गहरे भूरे रंग की है तो इसे मत खरीदे, क्योंकि यह स्वाद में कड़वी होती है। इतना ही नहीं इसे सूंघ कर देखिए अगर इसमें से तेल की बदबू आ रही हो तो इसे खरीदने से बचें। किशमिश खरीदते समय ध्यान दें मार्केट में खराब अंगूरों के किशमिश धड़ल्ले से बिक रही है। ऐसे में किशमिश खरीदते समय सबसे पहले आप यह देखें कि इसमें कुछ चीनी जैसा दिखाई तो नहीं पड़ रहा हो सकता है, क्योंकि कई बार इसे मीठा बनाने के लिए इसमें चीनी में मिलाई जा सकती है। इसके अलावा चीनी में अगर पानी की कुछ बूंदें या हल्की सी नमी दिखाई दे तो इसे सही तरीके से तैयार नहीं किया गया है। किशमिश को सूंघकर देखिए अगर इसमें से सल्फर जैसी स्मेल आए, तो समझ जाए कि यह नकली है। कई बार इसमें गोल्डन रंग मिलाया जाता है इसलिए हथेली पर किशमिश के कुछ दाने रखकर से रगड़ कर देखें, अगर कुछ रंग जैसा निकल रहा है तो ऐसी किस्मत खरीदने से बचें।

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