कंकड़ से 12 ज्योतिर्लिंग बना कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड



नदियों और मैदानों से कंकड़ इकट्ठा कर कलाकृतियां बनाई गयी

खबरिस्तान नेटवर्क: उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर का इनागुरशन मंगलवार को हुआ। उत्सव के इस मौके पर हरदा जिले के कलाकारों ने देश के उन जगहों पर  जाकर कंकड़ों से शिव की आकृतियां बनाई जहां बारह ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं। इन कलाकृतियां को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में जगह मिली है। बीते 3 अक्टूबर को कलाकार हरदा जिले से देश के बारह ज्योतिर्लिंग स्थान पर पहुंच गये थे। नदियों और मैदानों से कंकड़ इकट्ठा कर कलाकृतियां बनाई गयी।

8 बाय 8 स्क्वायर फीट के आकार की कलाकृतियां


महादेव की 8 बाय 8 स्क्वायर फीट के आकार की कलाकृतियां बनाई गयी हैं। इसमें महाकालेश्वर, केदारनाथ, ओंकारेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, सोमनाथ, बैजनाथ, काशी विश्वनाथ सहित सभी बारह ज्योतिर्लिंग पर कलाकृतियां बनाई गई हैं। कलाकारों की टीम के एक सदस्य सतीश गुर्जर के मुताबिक टीम के कलाकार 12 ज्योतिर्लिंगों पर जाने के लिए हरदा से अलग-अलग रवाना हुए थे। सभी स्थानों पर मंदिर समितियों ने सहयोग कर कलाकारों का सम्मान किया।

हरदा से निकले थे कलाकार

हरदा से गए कलाकारों में उत्तराखंड में मोहित गौर घृष्णेश्वर, महाराष्ट्र में रितिका पथोरिया, रुपाली गुर्जर, श्रद्धा विश्नोई और प्रीति शिकारी त्रंबकेश्वर में, महक अग्रवाल, माधवी गौर, राधिका राठौर और रानी शर्मा ओंकारेश्वर, यज्ञनी गुर्जर, अंकिता गुर्जर और साक्षी खंडेलवाल, संजना पाठक, राधिका रायखेरे और सुमन सैनी कलाकृतियां बनाने अलग अलग स्थानों पर गए थे।

पोर्ट्रेट बनाने में माहिर है टीम

बता दें कि इससे पहले भी सतीश गुर्जर टीम ने अनाज से पीएम मोदी और स्वामी विवेकानंद की पोट्रेट बनाई है। जो विश्व कीर्तिमान के रूप में दर्ज की गई है और यह टीम नौवां का विश्व कीर्तिमान है।

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