बिमार पिता के बेड के पास पारुल ने लिए सात फेरे, पिता ने फेरों के बाद तोड़ा दम

प्रतीकात्मक फोटो।

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कोरोना का दर्द - आक्सीजन लेवल गिरा तो बैड न मिलने से घर के पास किया गया था आइसोलेट, घर मिल गया मगर बेटी को विदा करने की जिद पर अड़े रहे।

इंटरनेट। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बेटी ने किडनी मरीज पिता के बेड के पास सात फेरे लिए। 55 वर्षीय राज कुमार की दोनों किडनी फेल हो चुकी थीं। मां कल्याणी ने पति को किडनी दी थी। अब बड़ी बेटी पारुल ही घर को संभाल रही थी। राज कुमार ने 30 अप्रैल को बेटी पारुल की शादी गाजियाबाद के विजय नगर निवासी युवक से तय की।


29 अप्रैल की शाम घर में मेहंदी की रस्म के दौरान अचानक राजकुमार काम करते हुए गिर गए। उनकी तबीयत बिगड़ गई और शरीर में आक्सीजन लेवल 47 तक पहुंच गया। शिप्रा सनसिटी के आरडब्ल्यूए के सहयोग से क्लब हाउस में बने आइसोलेशन सेंटर में उन्हें रखा गया। कंसंट्रेटर से आक्सीजन दी गई। बेटी ने रात भर पिता की देखरेख की। अगली सुबह शादी थी।

शादी रोकना चाहती थी बेटी 

बेटी पारुल शादी को रोकना चाहती थी। पर उसके पिता शादी देखने की जिद पर अड़े हुए थे। पिता की इच्छा के लिए उसने दिल मजबूत किया और जैसे-तैसे आक्सीजन बेड के पास ही मेहंदी की रस्म पूरी हुई। फिर बेटी दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा सब जगह पिता को बेड दिलाने के लिए भटकती रही। 30 अप्रैल को शादी वाले दिन पिता को मैक्स अस्पताल में बेड मिल गया। कोरोना की जांच हो चुकी थी लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई थी। 

शादी वाले दिन भी पारुल पिता को अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगी। राजकुमार ने कहा कि वह बेटी को ससुराल विदा करके ही अस्पताल जाएंगे। फिर क्लब में लगे बेड के पास पारुल ने संजय कुमार के साथ सात फेरे लिए। पिता ने इसके बाद अस्पताल जाने की हामी भरी। एंबुलेंस गली में कुछ दूर ही गई थी कि राज कुमार ने दम तोड़ दिया। 

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