इंटरनेशनल नर्सेज डे आज: प्रधानमंत्री मोदी के साथ साथ बॉलीवुड स्टार ने भी किया ट्वीट



जानें कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

वेब ख़ब्रिस्तान: देश में कोरोना महामारी से बहुत से लोग जूझ रहे हैं वहीँ कुछ लोग ऐसे भी है जिन्होंने डॉक्टर के साथ मिलकर दिन रात कोरोना पेशेंट्स की सेवा की है और हमेशा से हर बीमारी में किसी भी तरह के पेशेंट की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ती हैं हम बात कर रहे हैं अपने सुख- चैन को त्याग कर दूसरों की भलाई के लिए हॉस्पिटल में काम करने वालीं नर्सेज की अगर कोरोनाकाल की बात की जाए तो इन नर्सेज ने अपने तन और मन से 24 घंटे ड्यूटी निभाई है उनके इस बलिदान और योगदान को सलाम करने के लिए आज 12 मई को इंटरनेशनल नर्स दिवस मनाया जा रहा है प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्वीट कर नर्सों को उनके इस काम के लिए बधाई दी है  

प्रधानमंत्री मोदी ने किया ट्वीट

12 मई को इंटरनेशनल डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने ट्वीट कर कहा, 'इंटरनेशनल नर्स डे मेहनती नर्सिंग स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन है, जो कोविड-19 से लड़ने में सबसे आगे हैं। हेल्दी भारत के प्रति उनके कर्तव्य, करुणा और प्रतिबद्धता की भावना अनुकरणीय है

अक्षय कुमार ने भी धन्यवाद किया नर्सों का

बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने ट्वीट कर कहा की जब मुझे हाल ही में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तो मुझे पूरी तरह से मूव्ड कर दिया गया था और उस समय जो नर्सें थी, उनकी काम पर अमेजिंग एबिलिटी थी। वो भी  सेल्फ्लेस और बिना रुके। अक्षय ने साथ में यह भी लिखा कि असली नायकों का शुक्रिया।

क्यों मनाया जाता है यह दिन


वर्ल्ड की महान नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है  किसी टाइम पर फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने मैथ्स की काबिलियत की वजह से लाखों लोगों की जान बचाई थी। नाइटिंगेल का जन्म इटली के फ्लोरेंस में 12 मई सन् 1820 को एक अत्यधिक संपन्न व समृद्ध परिवार में हुआ था। लेकिन होश सँभालने के बाद उनके मन में नर्स बनने की इच्छा जागी। उनके माता-पिता ने इसका बहुत विरोध किया। बावजूद इसके उन्होंने अपने दिल की आवाज ही सुनी।

कब से शुरू हुआ नर्सिंग डे

1965 से अभी तक यह दिन हर साल 12 मई यानि फ्लोरेंस के जन्म दिवस पर इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है।

नर्से डे की 2021 की थीम

साल 2020 में इस डे के थीम 'नर्सिंग द वर्ल्ड टू हेल्थ' राखी गयी थी लेकिन इस साल की थीम है 'नर्सेज-अ-वॉइस टू लीड- अ विजन फॉर फ्यूचर हेल्थकेयर' यानि कोरोना काल ने इस प्रोफेशन की अहमियत और महत्व को एक बार फिर से हाईलाइट कर दिया है। जब से यह कोरोना काल शुरू हुआ है तब से लेकर अब तक सभी नर्सेज फिर चाहे किसी भी लेवल पर काम कर रही हैं, अहमियत हम देख ही रहे हैं। इसके अलावा  नर्सों के माध्यम से मरीजों की बेहतर देखभाल हो पाती है और इनका प्रशिक्षण, अनुभव लोगों की जान बचाने उन्‍हें सेहतमंद बनाने में काफी काम आता है।

 

 

Related Links