पंचायत चुनाव में वादा किया कब्रिस्तान बनाऊंगी, लोगों ने बना दिया प्रधान



कब्रिस्तान न होने पर कई लोग अपने घर के आसपास दफन कर रहे शव

वेब खबरिस्तान। हमने कुछ दिन पहले बंगाल चुनाव देखा। रैलियां देखीं। नेताओं के दावे और वादे सुने। नतीजों में ममता बैनर्जी के वादों पर लोगों ने यकीन किया और उन्हें जिता दिया। इसी तरह उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में महिला प्रत्याशी ने भी गांव के लोगों से वादा किया था। प्रधान बनने के लिए बाराबंकी के हरख ब्लाक की ग्राम पंचायत मोहना की उर्मिला देवी यादव ने श्मशान की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने व कब्रिस्तान के लिए जमीन दिलाने का वादा किया था। कोरोना काल में यह समस्या और भी ज्वलंत है। 

लोगों के लिए उम्मीद बना


ऐसे में उर्मिला का वादा लोगों के लिए उम्मीद बना। उर्मिला पहली बार चुनाव लड़ीं और जीत हासिल की। उनका कहना है कि वह पहली बैठक में ही कब्रिस्तान के लिए जमीन का प्रस्ताव करेंगी। श्मशान की जमीन को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराएंगी। 

पंचायत में श्मशान की जमीन गांव के पास नहर किनारे है। जहां कुछ लोग कब्जा कर रखा है और फसल बो देते हैं। ऐसे में लोग अपने-अपने खेत व बागों में शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर हैं। कब्रिस्तान न होने से खासकर बाजारपुरवा गांव के कई परिवार अपने परिजनों के शव घरों में  दफन करने को मजबूर हुए हैं।  

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