अस्थमा-बीपी से पीड़ित 82 साल के चंपालाल व 75 की जानकी ने हराया कोरोना



पोते को टीवी पर फुटबॉल खेलते हुए देखने की चाहत, पति -पत्नी एक-दूसरे के सम्बल बने

वेब खबरिस्तान। गुना की गुर्जर कॉलोनी में रहने वाले 82 साल के चंपालाल सुमन और उनकी 75 वर्षीय पत्नी जानकी देवी ने कोरोना को हरा दिया है। जीवन जीने की ललक, नियमित रूटीन और एक दुसरे का साथ ही उनकी हिम्मत बना। चंपालाल अस्थमा और जानकी देवी बीपी से पीड़ित हैं। उनकी इच्छा है कि फुटबॉलर पोते को टीवी पर देखे।

18 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आई


दोनों को 15 अप्रैल से पहले हल्का बुखार आया था। 18 अप्रैल को टेस्ट के लिए नंबर आया। रिपोर्ट पॉजिटिव आई। घर में सूचना बोर्ड लगाकर सील कर दिया गया। प्रशासन ने घर तो सील कर दिया। दवाई भी नहीं दी गई। दो दिन बाद सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। उसके बाद किट उपलब्ध कराई गई। चंपालाल ने कहा कि हमने तय किया कि जिंदा रहना है और बीमारी से जीतना है। एक ही इच्छा है, फुटबॉलर पोते को टीवी पर खेलते हुए देखना है। पोता कोलकाता चार साल से कई मैच खेल चुका है।

पहले हम घबरा गए थे

चंपालाल कहते हैं - चूंकि मुझे अस्थमा और पत्नी को ब्लडप्रेशर की बीमारी है। इसलिए भी हम घबरा रहे थे। अस्पताल में जगह नहीं मिली। वहां के हालत देखकर हॉस्पिटल जाने से भी डर लगने लगा। इसलिए  घर पर ही डॉक्टरों के मार्गदर्शन में कोरोना को हराने का फैसला किया।

रूटीन में किया सुधार

वे बताते हैं - डेली रूटीन सुधारा। सुबह जल्दी उठना। दिन में चार बार भाप लेना, सुबह-शाम छाती के बल उल्टा लेटना, दूध हल्दी और गुड़ का दूध, काढ़ा, गरम पानी साथ ही गरारे करना शुरू कर दिया। खाने में प्रोटीनयुक्त चीजें ज्यादा खाईं। इन सबके साथ नियमित दवाई। 10 दिन में ही कोरोना को हराया।

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