खेल विज्ञान को उत्साहित करने के लिए स्पोर्टस यूनिवर्सिटी उत्तम केंद्र के तौर पर उभरेगी



खेल को शिक्षा का ज़रूरी हिस्सा बनाने के लिए माँगा सहयोग

वेब ख़बरिस्तान, जालंधर। राज्य में शिक्षा के साथ खेल को शामिल करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए पंजाब की पहली स्पोर्टस यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर लैफ्टिनैंट जनरल (डा.) जेऐस चीमा ने कहा कि महाराजा भुपिन्दर सिंह स्पोर्टस यूनिवर्सिटी राज्य में खेल विज्ञान को उत्साहित करने के लिए उत्तम केंद्र के तौर पर उभरेगी। 

वह सरकारी आर्ट और स्पोर्टस कालेज में  इंटर-कालेज वालीबाल चैंपियनशिप की समाप्ति मौके करवाए गए समागम की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह खेल आधारित अकादमिक ढांचा युवाओं को रोज़गार के मौके प्राप्त करने के लिए ओर सशकत करेगा।


स्पोर्टस यूनिवर्सिटी के कोर्स के बारे में बताते हुए वाइस चांसलर ने बताया कि स्पोर्टस यूनिवर्सिटी के साथ सम्बन्धित कालेजों को बेहतरीन कोर्स मुहैया करवाने के लिए 24 घंटे काम किया जा रहा है। उनहोंने यह भी बताया कि यहाँ ज़रुरी बुनियादी ढांचे और मैनपावर को भी यकीनी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अति -आधुनिक खेल संस्थायों पंजाब में स्पोर्टस इकौ सिस्टम देने में सहायक सिद्ध होंगी।

शैक्षिक संस्थायों में खेल सभ्याचार को उत्साहित करने  के लिए यूनिवर्सिटी की योजना का खुलासा करते लैफ्टिनैंट जनरल जे.ऐस. चीमा ने कहा कि जालंधर के स्पोर्टस हब होने के कारण सरकारी आर्ट और स्पोर्टस कालेज जालंधर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहाँ जल्दी ही नयें कोर्स शुरू किये जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी की तरफ से यहाँ नवीनतम और उच्च स्तरीय कोचिंग और सुविधाओं को यकीनी बनाने के लिए विदेशी संस्थायों के साथ सहयोग करने के  बारे भी विचार किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेल कोचिंग ऐसे बढ़िया खिलाड़ियों को तैयार करन की कुंजी है, जो अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रौशन करेंगे। उन्होंने लोगों को अपने बच्चों को खेल आधारित शिक्षा दिलाने का न्योता दिया, जिससे वह अपने पेशेवर कॅरियर में दुर्लभ उपलब्धियां हासिल कर सकें।

वाइस चांसलर चीमा ने खिलाड़ियों से  बातचीत भी की।

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