पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने अकाली सरकार पर साधा निशाना, कृषि कानूनों के बारे में कही ये बात

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि एक्ट में कॉर्पोरेट को एमएसपी से कम रेट पर खरीदने की छूट दी गई

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि एक्ट में कॉर्पोरेट को एमएसपी से कम रेट पर खरीदने की छूट दी गई



चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा केंद्रीय कृषि सुधार कानून पंजाब फार्मिंग एक्ट 2013 की कार्बन कॉपी है।

वेब ख़बरिस्तान,जालंधर। चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा केंद्रीय कृषि सुधार कानून पंजाब फार्मिंग एक्ट 2013 की कार्बन कॉपी है। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर पंजाब के कानून को कॉपी कर केंद्र ने मामूली बदलाव के साथ पेस्ट कर दिया। इन कानूनों के नीति निर्माता प्रकाश सिंह बादल हैं, जिन्होंने पहले पंजाब और फिर पूरे देश में इसे लागू कराने की कोशिश की।

काले कानूनों की आत्मा यही कानून बना


सिद्धू ने कहा कि 2013 में पंजाब कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट बनाया गया, जिसे विधानसभा के पटल पर उस समय के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने रखा। काले कानूनों की आत्मा यही कानून बना। इसकी नींव बादलों ने रखी। उन्हीं से ब्लू प्रिंट लेकर मोदी सरकार ने यह कानून बनाए। ये विवादित कानून बनवाकर अकाली दल कुछ समय के लिए भाजपा से अलग हुआ है। पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद वह फिर भाजपा के साथ गठजोड़ कर लेंगे।

किसानों को गुलाम बनाने की साजिश

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि एक्ट में कॉर्पोरेट को एमएसपी से कम रेट पर खरीदने की छूट दी गई। कॉर्पोरट और किसान के विवाद का निपटारा एसडीएम  करेगा लेकिन किसान असहमत हुआ तो उसे सिविल कोर्ट जाने का अधिकार नहीं। अगर किसान पर कर्ज हुआ तो उसके जमीन के कागजातों में दर्ज होगा। उसे लोन और दूसरी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। वहीं, किसान के डिफॉल्टर होने पर उसे एक साल की कैद और 5 हजार से 5 लाख जुर्माना होगा। सिद्धू ने केंद्रीय कृषि कानूनों की तारीफ वाले वीडियो दिखाए। जिसमें पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल और हरसिमरत बादल उनकी सराहना कर रहे हैं।

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