मुक्तसर के गांव भुंदड़ में गोली से मारा गया बेअदबी मामले का आरोपी कुछ दिन पहले ही जमान पर आया था

चरणदास।

चरणदास।



बाइक सवारों ने दुकान में मारी थी गोली, डेरा पक्ष के लोगों ने कहा कि गांव में ही चल रही थी रंजिश

वेब ख़बरिस्तान। मुक्तसर के गांव भुंदड़ में मोटरसाइकिल पर सवार दो बाईक सवारों ने डेरा प्रेमी की गोली मारकर हत्या कर दी। गांव में डेरा प्रेमी की किराना की दुकान पर शुक्रवार देर शाम को वारदात को अंजाम दिया गया है। जिसमें दो लोग डेरा प्रेमी की दुकान पर कुछ सामान खरीदने आए और गोली मार उसकी हत्या कर फरार हो गए।  गांव भुंदड़ निवासी चरणदास और उसके दामाद पर 2018 में गांव के गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप उठाने पर बेअदबी का आरोप लगा था। दोनों के पुलिस ने बेअदबी के मामले में गिरफ्तार किया था। कुछ दिन पहले ही चरणदास जमानत पर छूट कर आया था।


चरनदास (40) पुत्र नीलू राम निवासी भुंदड़ शुक्रवार रात करीब आठ बजे गांव में अपनी किराना दुकान पर बैठा था। मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति आए और एक ने उससे कुछ सामान मांगा। जैसे ही चरनदास सामान तौलने लगा। आरोपी ने रिवाल्वर निकाल गोली मार दी। गोली चरनदास की आंख के पास माथे पर लगी। जबकि दूसरा आरोपी मोटरसाइकिल पर ही बैठा रहा। 

वारदात के बाद बदमाश फरार

वारदात को अंजाम देकर दोनों बदमाश फरार हो गए। परिजनों ने घायल चरनदास को गिद्दड़बाहा के अस्पताल ले गए। जहां गंभीर हालत के चलते उसे बठिंडा रेफर कर दिया गया। बठिंडा अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। बता दें कि डेरा प्रेमी चरनदास पर 2018 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी मामले में थाना कोटभाई में केस भी दर्ज हुआ था, जो विचाराधीन है। 

डेरा प्रेमियों का ये कहना

डेरा सच्चा सौदा पंजाब के सदस्यों के मुताबिक चरणदास पिछले 8-10 साल से डेरा सच्चा सौदा नहीं जा रहा था। उनका अब डेरे से कोई संबंध नहीं था। अब वह गांव में किराने की दुकान चलाता था। गांव में उसका निजी झगड़ा हुआ था। वे एक दूसरे को सच्चा साबित करने के लिए गुरुघर जाकर कसम खाने की बात कहते थे। इसी  दौरान गुरुघर में चरनदास ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब का स्वरूप सिर पर उठा लिया। इसी को लेकर गांव में बेअदबी की बात फैल गई। 

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